बिना पंजीयन के क्लीनिक या नर्सिंग होम संचालन पर होगी सख्त कार्यवाही, पंजीयन के लिए आनलाईन आवेदन करें

आनंद ताम्रकार

बालाघाट ५ अक्टूबर ;अभी तक;        मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय ने जिले में एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति से चिकित्सा व्यवसाय कर रहे व्यक्तियों को निर्देशित किया है कि वे बिना पंजीयन के क्नीनिक या नर्सिंग होम का संचालन न करें। यदि किसी क्लीनिक या नर्सिंग होम का संचालन बगैर पंजीयन के किया जा रहा हो तो वे एक सप्ताह के भीतर उसका विधिवत पंजीयन प्रमाण पत्र एवं अनुज्ञप्ति प्राप्त करें। बिना पंजीयन के चिकित्सा व्यवसाय करतु हुए पाये जाने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना किया जायेगा। क्लीनिक एवं नर्सिंग होम के विधिवत पंजीयन के लिए आनलाईन आवेदन करें।

इस संबंध में दिये गये निर्देशों में कहा गया है कि भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1956 के अधीन मान्यता प्राप्त योग्यता के अनुरूप एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति से चिकित्सा व्यावसाय कर रहे व्यक्तियों, जिनका नाम मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 की धारा 11 के अंतर्गत मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद भोपाल के राज्य मेडिकल रजिस्टर में दर्ज है, भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद अधिनियम 1970 के अधीन मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय योग्यताधारी आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धती से चिकित्सा व्यावसाय कर रहे व्यक्ति, जिनका नाम मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक, युनानी तथा प्राकृतिक चिकित्सा परिषद भोपाल के चिकित्सा रजिस्टर में दर्ज है, होम्योपैथिक तथा बायोकेमिक चिकित्सा पद्धति में व्यावसाय कर रहे चिकित्सक जिनका नाम मध्यप्रदेश राज्य होम्योपैथी चिकित्सा परिषद भोपाल में दर्ज है तथा दंत चिकित्सा व्यावसाय कर रहे चिकित्सक जिनका नाम राज्य दंत चिकित्सा परिषद इन्दौर में दर्ज है, के द्वारा चिकित्सा व्यावसाय के लिए क्लीनिक अथवा नर्सिंग होम के संचालक को नियंत्रित किये जाने हेतु राज्य में मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 तथा नियम 1997 प्रभावशील है ।

       मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 तथा नियम 1997 के अधीन कोई भी चिकित्सा व्यावसायी विधिवत पंजीयन कराये बिना चिकित्सा व्यावसाय नहीं कर सकता है। मध्यप्रदेश में किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय क्लीनिक अथवा नर्सिंग होम के पंजीयन हेतु ऑनलाईन वेबसाईट https://nhs.mponline.gov.in पर आवेदन कर अधिनियम में निर्धारित आवश्यक्ताओं की पूर्ति कर पंजीयन प्रमाण-पत्र तथा अनुज्ञप्ति प्राप्त की जा सकती है।

       अतः जिले में चिकित्सा व्यावसाय कर रहे मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय योग्यताधारी चिकित्सकों से अपील की गई है कि वे एक सप्ताह के अन्दर अपनी क्लीनिक अथवा नर्सिंग होम का विधिवत पंजीयन प्रमाण-पत्र तथा अनुज्ञप्ति प्राप्त करें। अन्यथा अधिनियम के अधीन पर्यवेक्षी अधिकारी द्वारा अधिकृत दल द्वारा समुचित कार्यवाही की जा सकती है। समस्त चिकित्सा व्यावसायी को अवगत कराया जाता है कि बिना पंजीयन चिकित्सा व्यावसाय करते हुये पाये जाने पर अधिनियम में 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।