बीआरसीसी ने निजी ट्रैक्टर- मैजिक वाहन से जनशिक्षा केन्द्रों में पहुंचाई पुस्तकें

मयंक भार्गव

बैतूल १४ अक्टूबर ;अभी तक;  जनपद शिक्षा केन्द्र आठनेर के ब्लॉक स्त्रोत समन्वयक द्वारा शिक्षकों पर दबाव डालकर अपनी चहेती फर्मो से खेलकूद एवं ईको क्लब की सामग्री खरीदी करवाने एवं हैण्डवाश यूनिट निर्माण की राशि चहेतों के बैंक एकाउंट में जमा करवाने के साथ ही नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों के परिवहन में भी अनियमितता करने का मामला सामने आया है। नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों के परिवहन व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए राज्य शिक्षा केन्द्र ने विकासखंड स्तर से विद्यालयों तक पुस्तकों का परिवहन करने के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये थे। परंतु आठनेर बीआरसीसी रामदास धाकड़ ने आरएसके के निर्देशों को ताक पर रखकर अपने निजी ट्रैक्टर ट्राली एवं मैजिक वाहन से जनशिक्षा केन्द्रों में पुस्तकों का परिवहन किया गया। जिसके बाद शिक्षकों द्वारा जनशिक्षा केन्द्रों से पुस्तके अपनी-अपनी शालाओं में ले जायी गई।

रूट चार्ट बनाकर शालाओं में पहुंचानी थी पुस्तकें

नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण कार्यक्रम 2021-22 के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र संचालक धनराजू एस ने 29 जून 2021 को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये थे। आरएसके संचालक ने विकासखंड से विद्यालय तक पुस्तकों के परिवहन हेतु विस्तृत रूट चार्ट बनाकर प्रत्येक विद्यालय में दर्ज संख्या के मुताबिक नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें पहुंचाने के निर्देश दिए थे। विकासखंड से विद्यालय स्तर तक पुस्तकों के परिवहन हेतु 2 प्रतिशत राशि के अतिरिक्त प्रतिशाला दो सौ रूपए की दर से बजट का प्रावधान राज्य शिक्षा केन्द्र ने रखा था। इतना ही नहीं नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों के परिवहन की मॉनीटरिंग के लिए पाठ्य पुस्तक ट्रेकिंग एप्प भी बनाया गया था। ब्लॉक से विद्यालयों को प्राप्त पुस्तकों की फोटो एवं वाहन क्रमांक संबंधित शिक्षक को एप पर जीयो टैग करना था।

शिक्षक जनशिक्षा केन्द्रों से ले गये पुस्तकें

राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का परिवहन विकासखंड से प्रत्येक विद्यालय तक करने के निर्देशों की अवहेलना करते हुए जनपद शिक्षा केन्द्र आठनेर के विकासखंड समन्वयक श्री धाकड़ द्वारा अपने निजी वाहनों से नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें आठनेर से जन शिक्षा केन्द्रों में पहुंचाई गई तथा शिक्षकों को जनशिक्षा केन्द्रों से पुस्तकें ले जाने के निर्देश दिये गये। फलस्वरूप शिक्षकों द्वारा बाईक, छोटे चौपहिया वाहनों, ट्रैक्टर-ट्राली से पुस्तके स्कूलों तक ले जायी गई। बताया जाता है कि कुछ शिक्षकों द्वारा जब जनशिक्षा केन्द्रों से पुस्तकें ले जाने से इन्कार कर उच्च अधिकारियों को शिकायत करने की चेतावनी दी तब बीआरसीसी द्वारा कुछ शालाओं में अपने निजी वाहनों से पुस्तकें पहुंचाई गई।

पुस्तक परिवहन की राशि हड़पने की थी मंशा

आठनेर क्षेत्र के शिक्षकों में यह चर्चा जोरों पर है कि बीआरसीसी द्वारा पुस्तक परिवहन पर भुगतान होने वाली राशि हड़पने की मंशा से अपने निजी वाहनों से नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का परिवहन जन शिक्षा केन्द्रों सहित कुछ शालाओं में किया गया। चर्चा है कि पाठ्यपुस्तकों का परिवहन तो जनशिक्षा केन्द्रों तक ही किया गया था। परंतु पुस्तकों का परिवहन शाला स्तर पर करना बताकर फर्जी बिलों के माध्यमों से हजारों रूपए की राशि

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