बीकानेर से बेसन के लड्डू और चाकलेट बर्फी के लिए सेम्पल

मयंक भार्गव

बैतूल । दीपावली के त्यौहार के मद्देनजर कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस के निर्देश पर मिलावट के विरूद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि विभाग, नगर पालिका के निरीक्षक द्वारा शहर की होटलों में पहुंचकर खाद्य सामग्रियों के सेम्पल लेकर जांच के लिए लगातार भेजे जा रहे हैं ताकि मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री ना हो सके।

एक जांच पर खर्च होते हैं 6 हजार रु.

इसके साथ ही यह बात भी महत्वपूर्ण है कि एक सेम्पल की जांच करने में शासन को 6 हजार रुपए का खर्च आता है। ऐसे में अत्यधिक सेम्पल भेजने से प्रयोगशाला में खर्च के साथ-साथ समय भी अत्यधिक लगता है। बहरहाल दीपावली के त्यौहार पर मिलावटी सामग्री की बिक्री ना हो सके इसके लिए सतत् अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सेम्पल लेने के दौरान सोमवार को कोठीबाजार स्थित प्रसिद्ध बीकानेर मिष्ठान भण्डार पर राजस्व, नपा और फ़ूड विभाग ने दो मिठाइयों के सेम्पल लिए है। इन दोनों ही मिठाइयों के मिलावटी होने की संभावना के चलते ही सैम्पल लिए गए है।

रेंडमली लिया सेम्पल

सोमवार को दोपहर डेढ़ बजे बीकानेर मिष्ठान भण्डार में पहुंची अधिकारियों की टीम ने दर्जनों मिठाईयों में से दो सेम्पल बेसन के लड्डू और चाकलेट बर्फी के लिए। इस दौरान  नायब तहसीलदार डाली रैकवार के नेतृत्व में फूड इंस्पेक्टर संदीप पाटिल एवं नपा के स्वच्छता निरीक्षक संतोष धनेलिया मौजूद थे। फूड इंस्पेक्टर श्री पाटिल ने बताया कि प्रत्येक मिठाई के सेम्पल नहीं लिए जा सकते हैं इसलिए रेंडमली सेम्पल लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि एक सेम्पल की जांच पर 6 हजार रुपए खर्च आता है।

बीकानेर के कारखाने भी पहुंची टीम

इसके अलावा नायब तहसीलदार और फ़ूड इंस्पेक्टर शशि भारती ने बीकानेर मिष्ठान भंडार के कारखाने का भी निरीक्षण किया। शशि भारती ने बताया कि कारखाने में खोये से मिठाई बन रही थी उसे चैक किया  गया है। इस संबंध में कारखाने के आस पास रहने वालों ने बताया कि आमतौर पर कारखाने में साफ सफाई कम ही देखने को मिलती है। लेकिन जब अधिकारी निरीक्षण के लिए कारखाने पहुंचे दो गंदे फर्श को हरे रंग की मेटिंग से ढंक दिया गया था और कर्मचारी भी पूरी तरह अप डेट नजर आ रहे थे। फिलहाल सैम्पल जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजे गए है।