बुंदेलखंड में नेताओं का सियासीअभियान 

5:42 pm or January 23, 2023

रवीन्द्र व्यास

                                      मध्य प्रदेश के साथ  बुंदेलखंड में भी  इन दिनों  राजनैतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं | चुनावी दंगल की भले ही तारीख ना मिली हो पर आखाड़े में राजनैतिक पहलवानो की जोर अजमाइस शुरू हो गई है | बीते चार वर्षों में जिन्हे आम आदमी की सुध नहीं थी वे भी अब गाँव -गाँव जा रहे हैं | प्रदेश के मुखिया वायदों की झड़ी लगाने में जुटे हैं , तो वहीँ  मैदान में प्रतिद्वंदी नेता भी जनता को सब्ज बाग़ दिखाने में जुटे हैं | अपना अस्तित्व बचाने के लिए अपनों पर ही सितम ढाये जा रहे हैं | इन सबके बीच त्रस्त  जन  का बीजेपी से होता मोह भंग  बीजेपी के लिए चिंता  की बड़ी वजह बनता जा रहा है |

                                 पिछले दिनों बीजेपी के नरयावली   विधायक प्रदीप लारिया ने  क्षेत्र में बीजेपी की स्थिति को देखते हुए हालात का जिम्मेदार बिजली कम्पनी को ठहरा दिया | असल में उनके पास नरयावली विधानसभा क्षेत्र के जरुवाखेड़ा ,नरयावली खार्कोन और नगना  गाँव के लोग शिकायत करने आये थे | ग्रामीणों का कहना था कि सिचाई का समय है और बिजली व्यवस्था ठप्प है | पिछली फसल भी पानी की भेंट चढ़ गई थी अगर इस  फसल के लिए पानी नहीं मिला तो हम बर्बाद हो जाएंगे | विधायक जी ने ग्रामीणों को समझाइस दी कि  नरयावली के विद्द्युत उपकेंद्र में  पदस्थ  अधीकारी कांग्रेस से मिलकर बीजेपी को बदनाम करने में लगे हैं | ये लोग बीजेपी की छवि कैसे खराब हो इसको लेकर काम कर रहे हैं | यही कारण है कि हमारे कहने के बावजूद ये अधिकारी ना ट्रांसफार्मर रख रहे हैं और ना विद्दुत व्यवस्था ठीक कर रहे हैं |

                                                       एक और जहाँ बीजेपी विधायक अधिकारियों के व्यवहार से दुखी हैं | वहीँ कांग्रेस  अधिकारियों  को आठ माह बाद देख लेने और एक एक का हिसाब करने की चेतावनी दे रही है |  प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री  कमलनाथ ने निवाड़ी जिले में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि  अधिकारी और पुलिस के लोग ये बात अच्छी तरह से समझ लें की आठ माह बाद चुनाव है सबका हिसाब किया जाएगा | कार्यकर्ताओ से कहा कि आप दरें नहीं आक्रामक रहें |

विकास बनाम चुनाव   यात्रा 

                                मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले माह विधायकों की बैठक  ली थी | उन्होंने निर्देश दिए थे कि विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र की जमीनी जानकारी जुटाएं ,और ज्यादा से ज्यादा समय जनता के साथ बिताएं < उनकी समस्या सुने और समाधान करें | 1 से 15 फरवरी तक विकास यात्रा निकाली जायेगी , कार्यकर्ता 4 वर्ष के विकास कार्यों का लेखा जोखा जनता को देंगे | विकास यात्रा को लेकर कलेक्टरों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है | कलेक्टर को बताना होगा कि यात्रा कितने किलोमीटर चली ,कितने गाँव और वार्ड तक तक पहुंची | इस दौरान विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया जाएगा |  इस यात्रा के दौरान लोगों से चर्चा कर उन्हें प्रदेश और केंद्र के विकास योजनाओं को बताया जाएगा |

                                           विकास यात्रा फरवरी में होगी पर बीजेपी और कांग्रेस के नेता अभी से अपने अभियान में जुट गए हैं | हालांकि इस मामले में कांग्रेस विधायक आलोक चतुर्वेदी ने बाजी मारी है उन्होंने छतरपुर विधानसभा क्षेत्र के गाँव गाँव में चौपाल लगाकर प्रदेश की बीजेपी  सरकार  की रीति नीति से हो रही परेशानियों से जनता को अवगत कराया | उनके बाद बीजेपी के बिजावर विधायक राजेश शुक्ला , कांग्रेस के महाराजपुर विधायक नीरज दीक्षित  ने भी गाँव गाँव पहुँच कर लोगों को अपने कामकाज  के बारे में बता रहे हैं |

                               कांग्रेस से टिकट की आशा में भुवन विक्रम सिंह गाँव गाँव में  जनसम्पर्क अभियान में जुटे हैं | अशोक वीर विक्रम सिंह के पुत्र भुवन विक्रम ने 2018 का चुनाव पन्ना जिले की पावै विधान सभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर लड़ा था | २२३८४ (११. १९  ) फीसदी वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे | दरअसल 1985 और 1990 में इनके नांना जुझार सिंह ,और 2008 में इनकी माता जी आशा रानी यहाँ से बीजेपी से विधायक रही हैं | जब कि अशोक वीर विक्रम सिंह  पवई से 1990  और 1998 में विधायक रहे ,जबकि 1985 और 2003 में वे चुनाव हारे थे |

                              बीजेपी की ही पूर्व मंत्री ललिता यादव पिछला चुनाव बड़ा मलहरा से हार गई थी | इस बार उन्होंने फिर से छतरपुर से अपनी दावेदारी कर दी है | वे विधान सभा क्षेत्र के जनसम्पर्क अभियान में भी जुट गई हैं | उनके इस अभियान को देखते हुए बीजेपी के ही अंदर कई नेताओं की बेचैनी बढ़ गई है | सियासी सूत्रों की माने तो उन्हें छतरपुर से चुनाव लड़ने के पार्टी  से संकेत मिल चुके हैं | ये संकेत कितने सही हैं यह तो आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा |

अपनों पर ही सितम

                             सागर जिले से प्रदेश सरकार में तीन कैबिनेट मंत्री हैं | दो पार्टी के स्थाई कार्यकर्ता रहे , एक दल बदल के बाद  मिला | बीजेपी के ये नेता हैं गोविन्द सिंह जिन पर जमींन घोटाला सहित  कई तरह के आरोप बीजेपी  किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजकुमार धनोरा ने लगाए थे | उन्होंने सुरखी विधानसभा  में स्थानीय प्रत्याशी की मांग की , इसके लिए उन्होंने जनजागरण यात्रा भी निकाली | सोशल मीडिया पर उन्होंने मंत्री गोविन्द राजपूत पर तीखी टिप्पणियां की | इसका खामियाजा उन्हें उठाना पड़ा , पार्टी से उन्हें निष्काषित कर दिया गया | उनपर  राहतगढ़ जनपद के सीईओ  सुरेश प्रजापति की रिपोर्ट पर एक करोड़ के गबन का मामला दर्ज कराया गया | राहतगढ़ थाना पुलिस ने 5 जनवरी को तत्कालीन सरपंच  धनोरा और सचिव कमलेश साहू पर 409 ,420 ,467 ,468 ,471 और 477 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें फरार घोषित कर दिया | बीजेपी के सागर सांसद राजबहादुर सिंह के रिश्तेदार धनौरा के भाई के मकान को गिराने का नोटिस भी प्रशासन ने चस्पा कर दिया है | दांगी ठाकुर समाज से तालुक्क रखने वाले राजकुमार के समर्थन में समाज के लोग सामने आये हैं | उन्होंने बीना तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा | ज्ञापन में मांग की गई है राजकुमार सिंह , बीजेपी  किसान मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष और समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं | राजस्व और परिवहन मंत्री गोविन्द राजपूत ने राजनैतिक विद्वेष के चलते उन पर राहतगढ़ और सिविल लाइन थाने में फर्जी मामले दर्ज करवाए हैं | इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए | हाल ही में धनौरा की दिग्विजय सिंह से मुलाक़ात भी हुई ,उनकी इस मुलाक़ात को लेकर अटकलबाजियों का दौर भी शुरू हो गया है |

नाथ  की बात 

                                  टीकमगढ़ में कांग्रेस नेता कमलनाथ ने बीजेपी नेताओं की तरह कन्या पूजन , जो पूजन और संत पूजन भी किया |  कई लोकलुभावन बातें कही | उन्होंने बुंदेलखंड में पलायन और पेयजल समस्या के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया | टीकमगढ़ के पिछड़ेपन के लिए  शिवराज सिंह चौहान से जबाब तालाब भी किया | १५ माह की अपनी सरकार की उपलब्धिया भी गिनाई | प्रदेश में २७ लाख जिनमे टीकमगढ़ के ५९ हजार  किसानो का कर्जा माफ़,बिजली बिल 100 यूनिट तक 100 रु ,पेंशन राशि दो गुनी जैसे मामले गिनाये |  आगे क्या करेंगे अगर सरकार बनती है तो पुरानी पेंशन लागू करेंगे , टीकमगढ़ में मेडिकल कालेज खोलेंगे , बुंदेलखंड के किसानो के लिए सिचाई के लिए पानी उपलब्ध कराएंगे | प्रतिद्वंदी पर आरोप लगाने की परम्परा का भी उन्होंने पालन किया |

                                       अब नाथ को कौन बताये कि छतरपुर के मेडिकल कालेज का सत्यानाश  उनकी ही कृपा से हुआ था | शिवराज सरकार की तरह उनके कार्यकाल में ब्यूरोक्रेसी हावी थी | बुंदेलखंड में सिचाई सुविधाएं पहले से बेहतर हुई हैं | बीजेपी की प्रदेश सरकार के विरोध में एंटी इनकम्बेंसी एक बड़ा कारण उभरकर सामने आ रहा है | इसके अलावा नेताओं की समाज से बढ़ती दूरियां ,  उनकी चाल और चरित्र ने भी बीजेपी को बुंदेलखंड में बैकफुट पर ला दिया है |