बुरहानपुर, खंडवा, में भाजपा समर्थक जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए

7:17 pm or July 29, 2022
मयंक शर्मा
खंडवा २९ जुलाई ;अभी तक;  जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव शुक्रवार को हुये। ।
नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों ने  वोटिंग किया। बुरहानपुर, खंडवा, में
भाजपा समर्थक जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए हैं।10 सदस्यय सदनमें
बुरहानपुर में गंगाराम मार्काे ने 6वोट हांसिलका जीत दर्जकी ।भाजपा से
बागी होकर निर्दलीय के रूप में जिला पंचायत चुनाव लड़े आदिवासी नेता
गंगाराम मार्काे का जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए हैं। जिला पंचायत सदस्य
बनने के बाद से ही वह तीर्थ दर्शन पर चले गए थे। तब से ही कयास लगाए जा
रहे थे कि एसटी के लिए आरक्षित इस सीट पर गंगाराम की दावेदारी मजबूत है।
शुक्रवार सुबह से भाजपा की बैठकों का दौर चला। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल,
जिलाध्यक्ष मनोज लधवे ने सदस्यों के बीच आम सहमति बनाई और मार्काे का नाम
चुना गया। ऐनवक्त पर अध्यक्ष के लिए फार्म भरने वाली भाजपा से ही बागी
होकर चुनाव लड़ीं गेंदू बाई को मिले 4 वोट। वहीं, मार्काे को 6 वोट मिले।
इधर ं 16 सदस्यीय जिलपंचायत खंडवा में कंचन तनवे ने 8 वोट  प्राप्तकर
अध्यक्षपद पर जीत दर्ज की।खंडवा में  भाजपा समर्थित कंचन तनवे को अध्यक्ष
और प्रदेश के वनमंत्री विजय शाह के पुत्र दिव्यदित्य शाह  उपाध्यक्ष
चुनेगये हे। कांग्रेस से जितेंद्रसिंह धारकवाड़ी ने उपाध्यक्ष पद हेतु
नामांकन भरा था। भाजपा से वनमंत्री विजयशाह के बेटे दिव्यादित्य टॉस
जीतकर जिला उपाध्यक्ष बने हैं। कांग्रेस से जितेंद्रसिंह धारकवाड़ी ने
नामांकन भरा था। दोनों प्रत्याशियों को 8-8 वोट मिले। बराबर वोट हासिल
करने पर टॉस से फैसला किया गया। गौरी नाम की बच्ची ने पर्ची निकाली।
कलेक्टर अनूपसिंह ने बच्ची को 5 हजार रुपए दिए। मंत्री पुत्र को बराबर की
टक्कर देने पर कांग्रेस में जश्न का माहौल है।
भाजपा से कंचन पति मुकेश तनवे और कांग्रेस से नानकराम बड़वाहे ने नामांकन
दाखिल  किया था। ै। भाजपा में मप्र सरकार के दिग्गज कैबिनेट मंत्री
विजयशाह इस चुनाव को लीड कर रहे थे। कांग्रेस से अरूण यादव भी रणनीति
लेकर मैदान में उतरे थें । उपाध्यक्ष के लिए मंत्री पुत्र दिव्यदित्य का
नाम पर तिलक लगाा।
कलेक्टोरेट में शुक्रवार सुबह  जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर
प्रक्रिया शुरू की । सुबह 11 बजे से 12 बजे तक नाम निर्देशन पत्र लिएगये।
एक से अधिक नाम निर्देशन पत्र जमा होने पर समीक्षा फिर नाम वापसी की
पक्रिया पूरी होने के बाद एक से अधिक अभ्यर्थी होने पर मतदान हुआ। इस बार
आरक्षण जिलाध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। वार्ड क्रमांक
दो में महिला अनुसूचित जाति वर्ग से भाजपा समर्थित कंचन मुकेश तनवे
अध्यक्ष पद चुनी गयी।  वे भाजपा से बागी होकर सदस्य का चुनाव लड़ी थीं।
जीतने के बाद उन्होंने भाजपा को समर्थन दे दिया है। इधर वार्ड क्रमांक
सात से कांग्रेस समर्थित नानकराम बड़वाहे अध्यक्ष पद सेमैदान में उतरे। 16
वार्डों में भाजपा समर्थित दस सदस्य हैं जबकि कांग्रेस समर्थित केवल छह
सदस्यों ने मतदान किया
वार्ड क्रमांक एक से रक्षाबाई सावनेर (खंडवा), वार्ड क्रमांक दो से कंचन
तनवे (खंडवा), वार्ड क्रमांक तीन से राजकुमारी तोमर (मांधाता), वार्ड
क्रमांक चार से शांता यादव (मांधाता), वार्ड क्रमांक पांच से
जितेंद्रसिंह चैहान (मांधाता), वार्ड क्रमांक छह से श्रीराम चैधरी
(छैगांवमाखन), वार्ड क्रमांक सात से नानकराम बड़वाहे (पंधाना), वार्ड
क्रमांक आठ से मनोज भरतकर (पंधाना), वार्ड क्रमांक नौ से भाग्यश्री
गंगराड़े (पंधाना), वार्ड क्रमांक दस से सुमनबाई (पंधाना) मतदान किया वही
वार्ड क्रमांक 11 से जितेंद्र भाटे (पंधाना), वार्ड क्रमांक 12 से जयंती
चैहान (हरसूद), वार्ड क्रमांक 13 से पल्लवी राठौड़ (किल्लौद), वार्ड
क्रमांक 14 से दिव्यदित्य शाह (खालवा), वार्ड क्रमांक 15 से प्रमिला
सिलाले (खालवा), वार्ड क्रमांक 16 से हिराय बुढ़ा (खालवा) द्वारा वोट डाला
गया।
कलेक्टर ने बताया कि कुल 16 में से 8 वोट ्रपाप्त कर भाजपा से समर्थन
लेकर कंचन पति मुकेश तनवे अध्यक्ष बन चुकी है। कांग्रेस के नानकराम
बड़वाहे को 7 वोट मिले। एक वोट रिजेक्ट हुआ और एक वोट से ही तनवे ने जीत
हासिल की।
बता दें कि कंचन तनवे पूर्व में पंधाना जनपद पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी
है। सांसद की करीबी होने के बाद भी पार्टी ने जिला पंचायत सदस्य का टिकट
काट दिया, ।वें बगावत कर चुनाव लड़ी और जीतकर अध्यक्ष की दावेदार रहकर
चुनाव भी जीती।