बेटियों ने दी माँ को मुखाग्रि, बेटे का फर्ज निभाते हुए पूरी की अंतिम संस्कार की प्रक्रिया

2:31 pm or July 23, 2022

मयंक भार्गव

बैतूल २३ जुलाई ;अभी तक;  अब बेटे और बेटियों में कोई फर्क नहीं रह गया है। बेटियां भी बेटों के जैसा फर्ज निभाने में पीछे नहीं है फिर मामला अंतिम संस्कार का ही क्यों ना हो? ऐसे ही एक मामले में एक महिला का निधन हो जाने पर उसकी दोनों बेटियों ने ना सिर्फ मुखाग्रि दी बल्कि अंतिम संस्कार की सभी प्रक्रिया पूर्ण भी की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत खंडारा के ग्राम रावनवाड़ी की बेटी ने अपनी मां के निधन पर उनकी चिता को मुखाग्नि दी। महिला की सिर्फ 2 बेटियां थी। ऐसी स्थिति में सामाजिक बंधनों से मुक्त बेटियों ने संतान होने का फर्ज निभाते हुए अपनी मां को मुखाग्नि दी। ग्राम पंचायत खंडारा के ग्राम रावनवाड़ी की 70 वर्षीय रमली बाई पवार कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थी। इस बीच 20 जुलाई को उनका निधन हो गया था। स्व.रमली बाई पवार की दो बेटियां थी। ऐसे में छोटी बेटी जानकी पवार ने रावनवाड़ी शमशाान घाट में विधिविधान से अपनी मां का अंतिम संस्कार किया। पवार समाज के सुरेंद्र पवार ने बताया कि मौजूदा दौर में बेटा-बेटी में अब फर्क नहीं रहा, जो काम बेटा कर सकता है, वही काम बेटी भी कर सकती हैं। काम चाहे घर का हो या घर की चारदीवारी से बाहर का। ऐसा ही उदाहरण ग्राम रावनवाड़ी की इन बेटियों ने पेश किया है।