बेमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, हुई ओलावृष्टि धान भींगी, अंकुरित होने का डर

10:20 pm or December 28, 2021

नारायणगंज से प्रहलाद कछवाहा

मंडला  28 दिसबंर ;अभी तक;  पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगडऩे लगा है। मंगलवार को सुबह से मौसम बदल गया है। मंडला शहर में दोपहर 12 बजे से ही काले बादल छाने के कारण अंधेरा छा गया।  दोपहर 1.30 बजे से अचानक बारिश होने लगी। इसके पूर्व आसमान में बादल मंडराने लगे थे। सुबह से सूरज के दर्शन नहीं हुए। उत्तरी पूर्वी हवाओं की जगह उत्तरी पश्चिमी हवाओं ने ले ली। बादलों के साये से रात में बर्फीली ठंडक का अहसास भी कम रहा।

            मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा के ऊपर एक चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। पूर्वोत्तर राजस्थान से लेकर पश्चिमी मध्यप्रदेश और विदर्भ तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसी तरह अन्य पश्चिमी विक्षोभ भी लगातार सक्रियता बढ़ा रहा है। जिसके असर से बादलों की गडग़ड़ाहट के साथ मंडला सहित आस-पास के क्षेत्र में बारिश के साथ ही ओलावृष्टि की संभावना जताई गई, जो दोपहर को बारिश के साथ ओलावृष्टि से सही कर दी। इस बारिश से अब तापमान में भारी गिरावट के साथ कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ेगी अब लोगों को मावठे की ठंडक से भी दो-चार होना पड़ेगा।

                  बता दे कि विगत कुछ दिनों से मौसम में उतार  चढ़ाव देखा जा रहा है। जिसका असर मंगलवार को सुबह से आसमान में छाए बादल दोपहर होते तक तेज गरज के साथ बरस पड़े और सूरज भी बादलों में छिप गया। सुबह से ही मौसम में बिगड़ेल था, जो अचानक बरस पड़े। धान उपार्जन केन्द्र में किसानों की रखी धान की फसल अचानक हुई बारिश से कई केन्द्रों में भींग गई। जिससे किसानों को धान खराब होने का डर बन गया है।

तापमान भी बढ़ा :

                 पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में भी बढ़ोत्तरी होने लगी है। दिन का अधिकतम तापमान जहां 25.5 डिग्री पर अटक गया है वहीं रात का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री से बढ़कर 11.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। मंगलवार को भी न्यूनतम तापमान में उछाल आया है।  मौसम विभाग का कहना है कि तापमान में आशिंक बढ़ोत्तरी होगी जिससे सर्दी का अहसास कम होगा। उत्तरी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों में तडि़त झंझावात, ओलावृष्टि की संभावनाएं बनी हुई हैं।

अनेक स्थानों पर गिरे ओले :

जिले भर में अचानक मौसम में परिवर्तन से लोग परेशान हो गए। तेज गरज के साथ झमाझम बारिश और ओले ने लोगों को परेशान कर दिया। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों की हो गई है। पूरे जिले में हुई ओला वृष्टि के कारण किसान चिंतित है कि खेतों में लगी फसल का क्या होगा और उपार्जन केन्द्रों ेमें रखी फसल भी तेज बारिश और ओला वृष्टि से प्रभावित हुई है।
फसलों पर देना होगा ध्यान :
पानी और तापमान गिरना जहां फसलों के लिए फायदेमंद है वहीं बादलों के डेरा डाल देने से दलहनी फसलोंं को नुकसान पहुंच सकता है। बादल छाए रहने से इन फसलों में इल्लियां लगने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे मौसम में इल्लियों की अंडे देने की क्षमता बढ़ जाती है। ज्यादा अंडे देने से इल्लियों की संख्या बढ़ती है। अब जैसे ही मौसम खुलेगा, उस समय किसानों को चना-मसूर में पौधों पर ज्यादा ध्यान देना होगा। इल्लियां दिखें तो उसका उपाय करें।
केन्द्रों में किये इंतजाम:
जिले में बार-बार बदल रहे मौसम ने जहां किसानों और प्रशासनिक अमले की चिंता बढ़ा दी है। वहीं समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदा गया लाखों क्विंटल धान परिवहन नहीं होने के कारण खुले में रखा हुआ है। फिलहाल बारिश ज्यादा नहीं हुई है। जिससे सोसायटी में रखी धान को नुकसान नहीं पहुंचा है। बारिश को देखते हुये खरीदी केन्द्रों में इंतजाम किये गए है। विक्रय के लिये आई धान को मौसम को देखते हुये ढक कर रखा गया है। वहीं कुछ केन्द्रो में इंतजाम ना होने के कारण बाहर रखी धान भींग गई है।

ओलावृष्टि जनजीवन अस्त व्यस्त, दिन में छाया अंधेरा :

दोपहर से निवास सहित आसपास के क्षेत्रों अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। बारिश और ओलावृष्टि के कारण ठंड एक बार फिर असर दिखाने लगी और लोगों ने अलावा का सहारा लेकर ठंड पर काबू पाया। वहीं निवास सहित मेढ़ी, भरद्वारा, ग्वारा, कंदवा, मझगांव, हाथितारा, कोहका, भीखमपुर, बिझौली, मोहगांव, बम्हनी, भटगांव, बिसौरा, पद्दीकौना, जिल्हटी आदि ग्रामों के किसानों ने बताया कि यह बारिश खेतों में लगी फसल के लिये तो अमृत है लेकिन खलिहानों में रखी धान की उपज के लिये नुकसानदायक है। वहीं ओलावृष्टि से खेतों में लगी फसल को भी भारी नुकसान की संभावना है।  फिलहाल कुछ दिनों तक अत्यधिक ठंड की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। तेज बारिश के कारण नगर में पानी निकासी की सही व्यवस्था ना होने के कारण कई दुकानों में बारिश का पानी प्रवेश कर गया। जिसके कारण लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।

बिजली गिरने से 21 वर्षीय युवती मौत :

बताया गया कि अचानक हुई गरज के साथ बारिश ने पूरे जिले में कहर ठाह दिया। जिससे लोग परेशान तो हुए ही वहीं बिजली की चपेट में आने से एक युवती की मौत भी हो गई। बता दे कि मुख्यालय के नजदीक ग्राम पंचायत सकवाह निवासी अंजली कछवाहा पिता राम जी कछवाहा उम्र 21 वर्ष की मृत्यु सूरजकुंड के पास अचानक बिजली गिरने से हो गई। बताया गया कि युवती बाजू वाले घर से निकल कर अपने घर जा रही थी इसी दौरान अचानक मौसम बदला और मूसलाधार बारिश के साथ ओले भी गिरने शुरू हो गए। इसी दौरान आसमान से बिजली गिरी, जिसकी चपेट में अंजली  आ गई और उसकी मौत हो गई। जिसे तत्काल जिला चिकित्सालय लाया गया। जहां चिकित्सक ने युवती को मृत घोषित कर दिया। पीएम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।