बैंबू क्राफ्ट क्लस्टर गुलाई माल के आदिवासी कारीगरों की बास हस्तशिल्प कला पहुंची संसद भवन

मयंक शर्मा
खंडवा २७ अक्टूबर ;अभी तक;  जिले के खालवा विकासखंड गुलाई माल के आदिवासियों की बास हस्तशिल्प
कला की कारीगरी संसद भवन पहुंच गई। संसद भवन नई दिल्ली में संपूर्ण भारत
से पांच क्लस्टर को आमंत्रित किया गया था जिसमें भारत सरकार की सूक्ष्म,
लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की स्फूर्ति योजना के अंतर्गत नोडल संस्था
कोहंड के दिशा निर्देशन व मार्गदर्शन में बैंबू क्राफ्ट क्लस्टर गुलाई
माल खंडवा मध्यप्रदेश को बास के प्रोडक्ट के साथ संस्था अध्यक्ष मोहन
रोकड़े और कारीगर राजेंद्र सूर्यवंशी को प्रस्तुतीकरण का अवसर प्राप्त
हुआ।
                  आदिवासी विकासखंड खालवा के कारीगरों के लिए पहला अवसर था जब उनके
द्वारा हस्तशिल्प से बनी वस्तुएं संसद भवन पहुंची है। इस कार्यक्रम में
एमएसएमई केंद्रीय मंत्री माननीय नारायण तातू राणे द्वारा कारीगरों के
बांस से बने प्रोडक्ट का अवलोकन किया गया और प्रोडक्ट खरीद कर कारीगरों
का उत्साहवर्धन करते हुए इस अनूठे कार्य को आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते
कदम बताया गया। इस कार्यक्रम में नोडल संस्था कोहंड से वीपी ठाकुर,
सुप्रिय घोष, प्रदीप यादव द्वारा भी कारीगरों के द्वारा बास से बनाई गई
खूबसूरत वस्तुओं का अवलोकन करते हुए प्रशंसा की गई।
                इस दौरान सभागृह में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने भी बांस की वस्तुओं का अवलोकन कर खरीददारी
की गई। क्षेत्र के कारीगरों में उत्साह और उल्लास है, क्योंकि वन क्षेत्र
के कारीगरों की मेहनत रंग लाई जो पिछड़े वनांचल क्षेत्र के आदिवासी
कारीगरों की कारीगिरी संसद भवन तक पहुंच कर मंत्री तक पहुंची है। निश्चित
ही कारीगरों का हौसला बढ़ेगा और कारीगर उत्साह के साथ आत्मनिर्भर भारत की
ओर कदम बढ़ाएं।