बैतूल जिले के 2 ब्लाकों के 45 ग्रामों में नहीं हुआ वैक्सीनेशन

मयंक भार्गव

बैतूल ९ जून ;अभी तक;  एक तरफ जहां समूचा विश्व वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने के लिए जुटा हुआ है और वैक्सीनेशन को बढ़ावा दे रहा है वहीं मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य बैतूल जिले के 45 ग्रामों के ग्रामीण वैक्सीन लगाने से ही परहेज कर रहे हैं। ग्रामीणों के बीच फैली अफवाह और भ्रांतियों के कारण ग्रामीण वैक्सीन लगवाने आगे नहीं आ रहे हैं जिससे इन ग्रामों में वैक्सीनेशन शून्य बना हुआ है।

यह फैली है अफवाह

ग्रामीणों का मानना है कि यदि उन्होंने वैक्सीन लगवाई तो वह बीमार हो जाएंगे या फिर उनकी मौत हो जाएगी। इसी अफवाह और भ्रांतियों की वजह से ग्रामीण वैक्सीन लगाने से परहेज कर रहे हैं। यदि जिले के इन 45 ग्रामों जिसमें से भीमपुर ब्लाक के 33 और भैंसदेही ब्लाक के 12 ग्रामों में कोई वैक्सीन लगाने जागरूक करने पहुंचता भी है तो ग्रामीण उसके साथ अभद्रता करने और गाली गलौच करने से भी पीछे नहीं हटते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चाहे कुछ भी क्यों ना हो जाए वह वैक्सीन नहीं लगवाएंगे? इस मामले में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को संज्ञान लेकर आगे आना चाहिए ताकि ग्रामीणों की भ्रांतियाँ दूर हो सकें और वह वैक्सीन लगवा सकें।

सरकारी प्रयासों पर खड़े हो रहे सवाल

जिले के 45 ग्रामों में वैक्सीनेशन शून्य होना यह दर्शाता है कि कहीं ना कहीं टीकाकरण के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने के लिए किये गए सरकारी प्रयासों नाकाफी साबित हो रहे हैं। यही वजह है कि टीकाकरण के बाद बीमार पडऩे और मौत होने की अफवाह जागरूकता अभियान पर भारी पड़ रही हैं। इतना ही नहीं ग्रामीण अपने गांव प्रधान व शासकीय कर्मचारी की बात मानने को भी तैयार नहीं हैं। यहां तक कि टीकाकरण के लिये कहने पर ग्रामीण स्वास्थ्यकर्मियों से झगड़े पर भी उतारू हो जाते हैं। गांव में जब भी कोई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, या सरपंच सचिव  पँहुचते है और ग्रामीणों को वेक्सीन लगवाने की सलाह देते है तो ग्रामीण उन्हें गालियां देने लगते है और कुछ ग्रामीण तो मारने पीटने के लिए दौड़ पड़ते है।

भीमपुर ब्लाक के इन 33 ग्रामों में शून्य है वैक्सीनेशन

जिले के भीमपुर ब्लाक के अंतर्गत आने वाले 33 ग्राम जहां पर वैक्सीनेशन शून्य हैं। इनमें कारिंदा, चोहटा, नेवरालोंडू , ढोढरा, जामू, कुंभी, बिच्छूटेकडी, नीमखेडा, कल्याणपुर, रहटिया, चीरा,  बटकी,  झिरना,  चीवल, हिडली,  डुलारिया,  आमढाना,  सालैयढाना, बोरकुण्ड, घामदेही,  कामोद ,  नहरपुर, किडिंग, टिपरिंग,  धारागोहान,  गदाखार, बकईखेड़ा, इमलीडोह, गुराडिया,  भाडरी,  डडारी,  पिपलढाना,  दरियावढाना शामिल है। इसके साथ ही भैंसदेही ब्लाक के भी 12 शामिल हैं जहां वैक्सीनेशन शून्य है।

इनका कहना…

ग्रामीणों के बीच अफवाह फैली है कि यदि उन्होंने वैक्सीन लगवाया तो वह बीमार हो जाएंगे या फिर उनकी मौत हो जाएगी। इस अफवाह को दूर करने के लिए जागरूकता चलाया जा रहा है। वैक्सीन की उपलब्धता अनुसार पुन: इन ग्रामों में कैम्प लगाया जाएगा ताकि ग्रामीणों को वैक्सीन लगाई जा सकें।
एके भट्ट, जिला टीकाकरण अधिकारी, बैतूल