बैहर एवं बालाघाट के गोदामों में भण्डारित 21 स्टेगों की जांच में चांवल की गुणवत्ता के अनुसार नही

आनंदत ताम्रकार

बालाघाट ११ सितम्बर ;अभी तक;  समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान से कस्टम मिलिंग कर बनाये गये चांवल प्रदाय करने की आड में अमानक एवं मानव उपयोग के नाकाबिल चांवल का भण्डारन कर लिया गया।

केन्द्रीय सरकार के खादय मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा वारासिवनी स्थित लालबर्रा मार्ग पर नेवरगांव में श्वेता संचेती के गोदाम सहित बैहर एवं बालाघाट के गोदामों में भण्डारित 21 स्टेगों की जांच की जिसमें चांवल की गुणवत्ता के अनुसार नही पाई गई जिसके कारण 3136 मैट्रिक टन चांवल अमानक पाया गया उसमें चांवल की गुणवत्ता परखने के लिये 1021 सेंपल लिये गये थे जिसमें से 57 सेंपल में त्रूटी पाये जाने पर मिलर्स के खिलाफ कडी कार्यवाही करते हुये मिलों को सील कर दिया गया एवं विद्युत कनेक्षन भी काट दिये गये थे। लेकिन कल नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक से आदेष आने के बाद कलेक्टर कै निर्देष पर उन्हें खोल दिया गया।
इस संबंध में कलेक्टर दीपक आर्य ने अवगत कराया की अनुबंध की शर्तों के अनुसार मिलर्स द्वारा प्रदाय किया गया खराब चांवल वापस किया जा रहा है सील की गई मिले और उनके गोदामों को खोल दिया गया है इस मामले में अग्रिम जांच ईओडब्ल्यू द्वारा की जानी है।

इस संबंध में श्री राज्यवर्धन माहेष्वरी डीएसपी ईओडब्ल्यू ने जानकारी दी की गोदामों को सील करने तथा उन्हें पून खोलने की कार्यवाही शासन के आदेष पर की गई है ईओडब्ल्यू दस्तावेज और जांच में अमानक पाये गये चांवल की एनालिसिस रिपोर्ट के आधार पर आग्रिम कार्यवाही करेगी।

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