बोरबन तालाब भूमि अधिग्रहण घोटाला, महिला डिप्टी कलेक्टर विशा माधवानी पर करप्शन एक्ट में भी होगा केस दर्जः

मयंक शर्मा
खंडवा १८ जून ;अभी तक;  बुरहानपुर जिले के नेपानगर में एसडीएम रही विशा माधवानी पर वर्तमान में झाबुआ मेें पदस्थ है, का नाम 42 लाख रूपये के घोटाला में सुर्खियों में आने के बाद अब उन पर प्रिवेंशन आफ करप्शन के तहत भ्रष्टाचार की धारा बढ़ाई जायेगी।
                   एसपी ललित लोढा ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन एसडीएम विशा माधवानी की संलिप्तता भी सामने आई है। पूरी जांच कर उनके खिलाफ प्रिवेंशन आफ करप्शन एक्ट भी लगाया जाएगा। गुरूवार को वे नेपानगर थाने पहुंचें थें जहां उन्होने घोटाले के आरोपियों से पूछताछ, की। उन्होने बताया कि  दो और आरोपियों के नाम आए सामने आये है। उधर खबर है कि  झाबुआ से पुलिस ने घोटाले की आरोपी व नेपानगर की तत्कालीन एसडीएम विशा माधवानी को उठा लिया है , लेकिन अभी पुलिस कुछ भी उजागर नहीं कर रही है।
                 बुरहानपुर जिले के ग्राम चैखंडिया के बोरबन तालाब के मुआवजा वितरण में हुए फर्जीवाड़े में  नेपानगर  थाने में मामले में गिरफ्तार किए पांचों आरोपियों से पूछताछ की। इसमें 2 और आरोपियों के नाम सामने आए हैं। े तुकईथड़ सहकारी समिति के कैशियर नवीन को भी पूछताछ के लिए बुलाया है।बोरबन तालाब भूमि अधिग्रहण में 42 लाख रुपए के घोटाले में शामिल तत्कालीन एसडीएम विशा माधवानी सहित छह अफसर-कर्मियों को निलंबित किया जाएगा। उनकी विभागीय जांच की जाएगी। इसको लेकर शुक्रवार को प्रशासन आदेश जारी करने की तैयारी में है।  मामले में जांच अधिकारी व अपर कलेक्टर शैलेंद्रसिंह सोलंकी ने 200 दस्तावेज जुटाए हैं।
                    उन्होने बताया कि प्रथम दृष्टया छह अधिकारियों व कर्मियों की सहभागिता सामने आई है। इन पर बुधवार को नेपानगर थाने में एफआईआर हुई। अब प्रशासन घोटाले में शामिल अफसर-कर्मियों के निलंबन की तैयारी में है। तुकईथड़ सोसायटी प्रबंधक अशोक नागनपूरे, लिपिक अंकित काटे, कैशियर अनिल पाटीदार, होमगार्ड जवान सचिन वर्मा सहित अन्य आरोपियों के निलंबन का प्रस्ताव है।अपर कलेक्ब्र ने कहा कि इन सभी की विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए जाएंगे। प्रशासन सभी आरोपियों की संपत्तियों की जानकारी भी जुटा रहा है। जो लोग घोटाले का पैसा जमा नहीं करेंगे, उनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी या उसे तोड़ दिया जाएगा।
                 नेपानगर एसडीएम कार्यालय में 2010 से अब तक 9 एसडीएम बदल चुके हैं। लेकिन नहीं बदला तो होमगार्ड जवान सचिन वर्मा। वह इन सभी एसडीएम का खास बनकर रहा। उसका स्थानांतरण होता भी था तो महज खानापूर्ति के लिए। महीने दो महीने में वह तिकड़म लगाकर वापस एसडीएम कार्यालय आ जाता था।2019 में कांग्रेस विधायक रहते सुमित्रा कास्डेकर ने उसे हटाने के लिए होमगार्ड कमांडेंट को पत्र भी लिखा था, लेकिन उसे हटवा नहीं पाईं थीं। क्योंकि तब एसडीएम विशा माधवानी थीं।उन्होंने विधायक की शिकायत को खारिज करते हुए होमगार्ड कमांडेंट को सफाई दी कि  सचिन वर्मा की किसी भी प्रकार की शिकायत एसडीएम कार्यालय नहीं आई है और मैं उनके काम से संतुष्ट हूं। अब भ्रष्टाचार मामले में सचिन का नाम सामने आने पर प्रशासन ने उसे तुरंत हटा दिया, वहीं गिरफ्तार भी कर लिया।
                     विशा माधवानी के एसडीएस रहते भेरोसेमंउ कर्मिशे में तहसील का सहायक ग्रेड तीन कर्मचारी और अभी भोपाल में पदस्थ अंकित काटे और होमगार्ड जवान सचिन वर्मा शामिल थे। चे भी घोटाले की चपेट में आये हैै।  जब विशा माधवानी बुरहानपुर में डिप्टी कलेक्टर थीं, तब अंकित वहां बाबू था, लेकिन माधवानी के नेपानगर एसडीएम बनते ही उसने भी अपना तबादला नेपानगर ं करा लिया था। अंकित का  सालभर पहले भोपाल तबादला हो गया है।
           घोटाले के समान मामले का जांच प्रतिवेदन भी  62 पन्नों का है। बड़े भ्रष्टाचार में दस्तावेजों का वजन भी भारी है। इसमें 450 पन्नों के दस्तावेज और 62 पन्नों का जांच प्रतिवेदन शामिल है। दस्तावेजों का यह पुलिन्दा तहसीलदार सुंदरलाल ठाकुर ने बुधवार को नेपानगर पुलिस को सौपा े हैं। इनमें एसडीएम कार्यालय की 42 फाइलें भी शामिल हैं। सभी आरोपियों के बयान, बैंक में खाते कब खोले गए, बैंक डिटेल, बैंक से कितना और कब पैसा
निकाला गया, आधार कार्ड, खाता किसने खुलवाया सहित अन्य जानकारियां शामिल हैं।
              नेपानगर पुलिस ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर बुधवार को ग्राम चैखंडिया केें बोरबन तालाब योजना में हुए 42.11 लाख रूपये के भूमि अधिग्रहण राशि घोटाले में तत्कालीन एसडीएम समेत 9 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अफसरों व बैंक कर्मियों ने मिलकर हितग्राही के नाम का एक फर्जी खाता जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित खंडवा की शाखा तुकईथड में खुलवाया और 42 लाख रूपए की राशि निकाल ली। बुरहानपुर कलेक्टर से शिकायत के बाद जांच अपर कलेक्टर  शैलेंद्रसिंह सोलंकी को सौंपी थी। एसपी श्री लोढा ने कहा कि नेपानगर पुलिस ने केस दर्ज कर बुधवार को 5 लोगों को राउंडअप किया है। पुलिस ने सभी 9 लोगों पर धोखाधड़ी समेत शासकीय राशि का गबन व आपराधिक षडयंत्र की धाराओं केस दर्ज किया है। इन आरोपियों में नेपानगर के तत्कालीन एसडीएम विशा माधवानी उनके लिपिक पंकज पाटे, तुकईथड शाखा प्रबंधक अशोक नागनपुरे, बैंककर्मी अनिल पाटीदार, होमगार्ड जवान सचिन वर्मा समेत इम्तियाज खान, संजय मावस्कर, फिराज खान है।
                  मामले का अधिक ख्ुालासा करते हुये प्रकरण केें व्हिसल ब्लोअर व पत्रकार डा. आनंद दीक्षित ने बताया कि वर्ष 2018-19 में नेपानगर क्षेत्र में बोरबन तालाब निर्माण में 15 करोड रूपए खर्च किए गए थे। जिसमें आधी राशि निर्माण और आधी राशि मुआवजे पर खर्च की गई। इसमें रामेश्वर कल्लू की 15 एकड़ जमीन डूब में शामिल थी, जिसे मुआवजे की राशि न देकर बाले बाले आरोपित शख्स बंदरबांट कर गये। उन्होने कहा कि इसी तरह  फर्जी खाता खोलकर चंदू मांगू के नाम पर 17.71 लाख रुपए पर  बंदरबांट की शुरूआत की। इसी तरह अन्य लोगों के बीच भी बंदरबांट कर 42.11 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया।