बोवनी के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध

मयंक भार्गव

बैतूल २५ नवंबर ;अभी तक;  जिले में इस समय पर्याप्त बारिश होने के कारण कृषकों द्वारा बोवनी का कार्य प्रारंभ किया गया है। वर्तमान में जिले में 2 लाख 60 हजार हेक्टेयर में बोवनी हो चुकी है, जो कि रबी लक्ष्य 3 लाख 48 हजार का 75 प्रतिशत है। इसमें प्रमुख रूप से गेहूं 2 लाख हेक्टेयर में एवं चना 55 हजार हेक्टेयर में बोया गया है। अभी मावठे की बारिश होने से जिले के कृषकों को इसका लाभ होगा तथा जिन किसानों ने 20-25 दिन पहले बोवनी की थी, वे किसान अभी यूरिया की टॉप डे्रसिंग कर सकते हैं।
16710 मेट्रिक टन है किया वितरित
उपसंचालक कृषि केपी भगत से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष जिले में प्रशासन की पहल पर पर्याप्त उर्वरकों की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में जिले में 20340 मैट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया गया है, जिसमें 16710 मैट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है एवं 3631 मैट्रिक टन यूरिया शेष है। गत वर्ष 24 नवंबर की स्थिति में 15245 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 1465 मैट्रिक टन युरिया का अधिक वितरण किया जा चुका है। माह नवंबर 2021 के अंत तक शासन से एक रैक यूरिया (तीन हजार मैट्रिक टन) उर्वरक आने का कार्यक्रम जिले को प्राप्त हुआ है।
2031 मेट्रिक टन एनपीके है शेष
इसी प्रकार डीएपी एवं एनपीके काम्प्लेक्स उर्वरकों का कुल भंडारण 15260 मैट्रिक टन किया गया है, जिसमें से 6709 मैट्रिक टन डीएपी एवं 3602 मैट्रिक टन एनपीके, कुल 9311 मैट्रिक टन का वितरण किया गया है तथा 24 नवंबर की स्थिति में 2041 मैट्रिक टन एनपीके शेष है। बुधवार 24 नवंबर को एनपीके की एक रैक (2907 मैट्रिक टन) प्राप्त हुई है। जिले में कुल डीएपी एवं एनपीके काम्प्लेक्स उर्वरक 4948 मैट्रिक टन उपलब्ध है।
एनपीके का करें उपयोग
जिले के किसानों से अपील की गई है कि बोवनी के समय वे आधार खाद के रूप में एनपीके काम्प्लेक्स उर्वरकों का अधिक से अधिक उपयोग करें। इसमें नाइट्रोजन 12 प्रतिशत, फास्फोरस 32 प्रतिशत एवं पोटाश 16 प्रतिशत पाया जाता है, जो कि फसलों में कीटव्याधि की रोकथाम करने में सहायता करता है। जिले में नैनो यूरिया भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। खड़ी फसलों में किसान 500 एमएल नैनो यूरिया प्रति एकड़ की दर से छिड़काव कर सकते हैं।