भक्ति में शक्ति होने पर ही हम भव्यता को प्राप्त हो सकते हैं -मुनिश्री श्री ज्ञेयसागरजी 

2:33 pm or August 2, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर २ अगस्त ;अभी तक;  दया और अनुकम्पा भवसागर से पार होने का प्रथम सोपान है। आगे हमें कौनसा भव निर्धारित करना है, ये वर्तमान जीवन शैली पर आधारित है।
                        ये बात बही पार्श्वनाथ अतिशय क्षेत्र पर चार्तुमास हेतु विराजित पूज्य उपाध्याय मुनिश्री ज्ञेय सागरजी महाराज ने धर्मसभा में प्रवचन के दौरान कही। मुनिश्री ने कहा पूजन विधान के माध्यम से कर्माें का क्षय होता है, भक्ति में इतनी शक्ति हो कि हम भव्यता को प्राप्त कर सके। सातिशय पूण्य का उदय होने पर ही हम धर्मस्थलों पर जा सकते हैं। आपने कहा आने वाली पीढ़ी को धनार्जन के साथ धर्मार्जन कार्यों में रुचि लेने हेतु संस्कारित करें।
                  श्री दिगम्बर जैन सोश्यल ग्रुप मेन के सहयोग से आयोजित हुई विशेष धर्मसभा में ग्रुप के संस्थापक संरक्षक श्री शांतिलाल बड़जात्या, सकल दिगम्बर जैन समाज अध्यक्ष श्री आदीश गर्ग, ग्रुप के पूर्व अध्यक्ष श्री अभय अजमेरा व राजेश बडजात्या, ग्रुप अध्यक्ष डॉ चंदा कोठारी, उपाध्यक्ष उषा विनायका, सचिव संगीता गोधा व कोषाध्यक्ष पदमा बड़जात्या ने आचार्य श्री विद्यासागरजी, आचार्य शिवसागरजी व आचार्य श्री कल्याणसागरजी महाराज के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्जवलन किया। मुनिश्री के पाद प्रक्षालन ग्रुप के पारस बाकलीवाल, राजेश बड़जात्या संजय गोधा, कमल विनायका व दिलीप जैन किये।
मुनिश्री को जिनवाणी भेंट ट्रस्ट अध्यक्ष श्री शांतिलाल बड़जात्या, सचिव अशोक पाटनी, जंबुकुमार सोगाणी, शांतिलाल पाटनी, सनतकुमार सेठी, पवन अग्रवाल, निर्मल अग्रवाल, सुनील गोयल, रमेश अग्रवाल, कैलाशचन्द्र बड़जात्या द्वारा की गई।
मुनिश्री  को सर्वश्री आदीश गर्ग, डॉ. मनसुखलाल गांधी, अजीत कुमार कोठारी, महेन्द्र जैन, जयकुमार बड़जात्या, पंकज अग्रवाल, भूपेन्द्र कोठारी, पंकज सिंहल, महेश जैन, संदीप जैन, शुभम अग्रवाल, अंकित पंड्या, मनीष पाटनी, अंकित गर्ग, पद्म पहाड़िया, अजय गांधी, कमल झांझरी, आदि ने श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। धर्मसभा में सर्वश्री शांतिलाल बडजात्या, जम्बुकुमार जैन व अभय अजमेरा ने अपने विचार रखे।
धर्मसभा में मंगलाचरण सरिता पहाड़िया ने प्रस्तुत किया, जिनवाणी स्तुति ब्रह्मचारिणी सरोज दीदी ने की।संचालन डॉ. चंदा कोठारी ने किया, आभार ट्रस्ट सचिव श्री अशोक पाटनी ने माना।