भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग  इतवार सेामवार को रहेगें कैद, नर्मदा पर डुबकी भी नही लगेगींभगवान ओं

मयंक शर्मा
खंडवा ६ अप्रैल ;अभी तक;  कोरोना संक्रमण के चलते चैत्र की अमावस्या व उससे 1 दिन पहले नर्मदा तट की नगरी तीर्थनगरी ओंकारेश्वर ं आने वाले श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान 11 व 12 अप्रैल को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग गर्भगृह मंदिर बंद रहेगा।
                 इस बार अमावश्या दो दिवसीय है। महत्वपूर्ण यह है कि वैत मास की अमावश्या भूतड़ी अमावस्या कहलाती है। पर्व पर निमाड व मांलवा अचंल सहित देश प्रदेश के करीब दो लाख श्रद्धालुओं की भीड उमडने के आसार को देखते हुये प्रशासन ने संक्रमण न फैले इसे ेखते हुये जनआस्था के प्रतिकूल निर्णय  किया है। नर्मदा के देवास जिले का धाराजी के स्थल के इंदिरा सागर बांध में जलमग्न हो जाने के बाद मालवा निमाड सहित भारी  भीड का केन्द्र ओंकारेश्वर का नर्मदा तट का संगम घाट रहता है।  नाम अनुरूप चैत्र अमावस्या के इस दिवस देह बाधा से पीडित जन ओझा तांत्रिकों के साथ यहां पहुचते है। झाड फंूक के साथ बाहरी बाधा से पीडित को मुक्त करने का सिलसिला पर्व पर रात दिन चलता है इसीलिये इसे भूतड अमावश्या भी कहा जाता है। इसके लिये एक दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का जुंटना शुरू हो जाता है। इस पर इस साल प्रतिबंध का शिंकजा कस दिया गया है।
                    जिला प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से ओंकारेश्वर के इस विशेष पर्व काल पर एकत्र होने वाली भीड़ पर प्रतिबंध लगाया है।े एसडीएम चंदर सिंह सोलंकी ने आहूत बैठक में खंडवा रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी, धार, इंदौर सहित अन्य जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है। अब इनके ओंकारेश्वर प्रवेश पर दो दिनी
               श्री सौलकी ने कहा कि लोगों को रोकने के लिए जगह-जगह पुलिस बल  तैनात किया जाएगा। बैठक में तहसीलदार उदय सिंह मंडलोई, सीएमओ मोनिका पारधी, थाना प्रभारी शिवराम जमरा, ओंकारेश्वर मंदिर संस्थान के अधिकारी सहित गणमान्य नागरिक व जनप्रतिनिधि मौजूद थे ओर निर्णय पर इनकी सहमति रहीं।
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