भगवान शिव की स्तुति व अभिषेक से व्यक्ति का मन पवित्र होता है- प्रज्ञा पुत्र प्रकाश रावत

8:42 pm or July 31, 2022
महावीर अग्रवाल
मंदसौर। अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा गांव रिछा बच्चा में लगतार चल रही अभिषेक की श्रृंखला में सावन के 18वें दिवस बड़ी संख्या में रिछाबच्चा के श्रद्धालुओं ने भगवान पशुपतिनाथ के दिव्य अनुष्ठान अभिषेक में भागीदारी करते हुए रजत प्रतिमा का पूजन किया गया।
                                 इस अवसर पर गांव के वरिष्ठ सदस्य सुरेश पवार, मोहन लाल पाटीदार, मांगीलाल पाटीदार, पहलाद राठौर, अशोक सेन ने पूजन करते हुए यह कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार जो संकल्प लिया था गांव-गांव अभिषेक से जोड़ने का आज हमारे गांव में बहुत से श्रद्धालुओं ने और युवा और बच्चों ने बड़ी श्रद्धा के साथ डेढ़ घंटे तक चले इस अभिषेक में भगवान शिव की स्तुति की है।
                                    व्यासपीठ से गायत्री परिवार के समर्पित प्रज्ञा पुत्र प्रकाश रावत ने कहा कि भगवान शिव की स्तुति को मैंने पढ़ा भी है और मैंने अनुष्ठान भी किया है भगवान शिव की आराधना करने से सबसे पहले व्यक्ति का मन पवित्र होता हैं शिव की स्तुति करने वाला छल, कपट से दूर होता चला जाता है और सभी में समभाव देखता है उसे चारों तरफ हर व्यक्ति में भगवान शिव का अंश दिखाई देता है। राग द्वेष छल कपट धीरे-धीरे उसका कम होता है और आनंद की अनुभूति करता है। यह शिव साधना का सबसे बड़ा आशीर्वाद है। भगवान शिव जिन्हें महाकाल कहा गया है और सृष्टि का नियंत्रण करता है उनकी स्तुति के लिए सावन मास उपयुक्त बताया गया है।  व्यासपीठ से प्रज्ञा पुत्र श्री रावत ने कहा मनुष्य को भगवान के नाम का व्यसन करना चाहिए। व्यासपीठ से कभी भी यजमान से मांग नहीं करना चाहिए जो श्रद्धा से दे दे वही भावनात्मक रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। लेकिन धर्म को पैसे से जब से बांधा गया है धर्म व्यक्ति से दूर होता गया है और जो व्यक्ति की दूरी धर्म से होती है तो वह पतन की ओर जाता है। धर्म से ही व्यक्ति का धन शुद्ध होता है उसका मन शुद्ध होता है। उसके कार्यों में स्वता ही दिव्यता आ जाती है। भगवान का आशीर्वाद इसी रूप में फलीभूत होता है। यदि व्यक्ति शिव भक्ति करता है तो जिस भी भगवान की स्तुति को वह करता है तत्काल फलीभूत होने लगती है। हमारे बच्चों को परिवार के सदस्यों को यह संकल्प लेना चाहिए हम बिना भजन प्रार्थना के अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। सबसे पहले ईश्वर को स्थान देंगे उसके बाद अन्य कार्य की शुरुआत करेंगे। रात्रि के समय अच्छे दिव्य और शांति के साहित्य का अध्ययन करेंगे वेदमूर्ति  पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने जो कहा है व साक्षात दृश्य मन हो रहा है उन्होंने कहा है बेटा आने वाले समय में धन नहीं रहेगा सारी धर्म और जाति एक धर्म एक समाज एक संविधान इसकी स्थापना अवश्य होगी। अभी अभिषेक के लिए लगातार श्रद्धालुओं की मांग बढ़ती जा रही है।  गांव गांव से अभिषेक कराने के लिए गायत्री परिवार के प्रति गहरी श्रद्धा बढ़ती जा रही है। गायत्री परिवार ने प्रत्येक कर्मकांड को बहुत सरल और सरल बना दिया है। जिसके कारण हर गांव में हवन, यज्ञ, अभिषेक पहुंच चुका है।
                          इस अभियान को जो गति दे रहे हैं उनको धन्यवाद दिया गया गायत्री परिवार के जितेंद्र सिंह प्रज्ञेय, श्रीमती चंद्रकला सेठिया, श्रीमती लीला मंडोवरा, सुभाष चंद्र मंडोवरा, केंद्रीय प्रतिनिधि श्रीमती रेखा सिंह,  पवन गुप्ता लगातार इस अभियान को गति दे कर जो संकल्प लिया है निशुल्क अभिषेक कराने का उसके लिए रात दिन मेहनत करते हुए, श्रद्धालुओं को उस क्रम में जोड़ रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण कार्य गांव-गांव प्रचार करने का परशुराम शर्मा, भंवर सिंह चंद्रावत, संकल्प के साथ गांव को जोड़ने का कार्य प्रतिदिन संध्या को कर रहे हैं। यह जानकारी गायत्री परिवार के युवा प्रकोष्ठ प्रभारी पवन गुप्ता ने दी।