भगवान शिव स्तुति में भक्तों की भावना समर्पण देखते है भोलेनाथ, मंत्रों का स्थान दूसरे नंबर पर है – जितेंद्र सिंह प्रज्ञेय

8:14 pm or July 29, 2022

महावीर अग्रवाल

मंदसौर २९ जुलाई ;अभी तक;   अखिल विश्व गायत्री परिवार गांव भूखी पहुंचकर 16वें दिवस का अभिषेक बड़ी संख्या में मातृशक्ति के सानिध्य में संपन्न करवाया। भारतीय संस्कृति एवं धर्म की स्थापना करने का एक ही भाग्य में आप अपनी विद्वत्ता एवं मंत्रों के स्थान पर भगवान के प्रति जुड़ने का सरल से सरल उपाय बताया जाए।

इस कड़ी में जितेंद्र सिंह वेद मूर्ति पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य  के लिए अपनी जिंदगी समर्पित करने वाले एमएससी गोल्ड मेडल लिस्ट अपनी सरकारी नौकरी को छोड़ कर गुरु का आदेश मानकर सब कुछ गुरु के चरणों में समर्पित करते हुए भगवान के प्रति प्रत्येक जनमानस को जोड़ने का लक्ष्य लेकर धरती को स्वर्ग बनाने के लिए मनुष्य का मनुष्य के प्रति प्रेम बढ़ाने के लिए लगातार निशुल्क अभिषेक की श्रंृखला का संकल्प लेकर 30 दिवस तक इस संकल्प को पूरा करने के लिए लगातार गांव गांव अभियान चलाया जा रहा है।

शुक्रवार को भूखी गांव मंे अभिषेकार्थियों में श्रद्धा बहुत असीम थीं  लेकिन आज तक उन्होंने इस प्रकार का अभिषेक नहीं किया था। बड़े विधि विधान के साथ अभिषेक कराते हुए जितेन्द्र सिह ने कहा कि भोलेनाथ की स्तुति के अंदर आप अपने मन को पवित्र करके ओम नमः शिवाय एवं उनकी ओंकार आकृति का ध्यान करते हुए भगवान पशुपतिनाथ की प्रतिमा का ध्यान लगाते हुए सब कुछ अपना समर्पण का भाव रखते हुए उन्हीं का अंश मानकर सावन मास में अभिषेक करें। भगवान शिव को ज्यादा कुछ नहीं चाहिए वह तो जल और बीलव पत्र से गाय के मात्र 50 ग्राम दूध 50 ग्राम दही और मात्र 10 ग्राम शहद भगवान शिव के ऊपर अर्पित कर दें। लेकिन आपकी श्रद्धा आपकी भावना आपकी निष्ठा प्रशिक्षण भगवान के शिव में होना चाहिए सावन मास में आप जीवन में बड़े परिवर्तन देखेंगे मंत्र आपको आता है या नहीं आता। लेकिन आंखें बंद करके भगवान पशुपतिनाथ की प्रतिमा का ध्यान लगाकर अपने परिवार अपने समाज अपने राष्ट्र की उन्नति और प्रगति शील की प्रार्थना करें परिवार में सुख शांति हो हर तरफ सुखी वातावरण हो और जीवन में किसी प्रकार का नशा किसी प्रकार का बुरा करने का भाव मन में ना हो यही अभिषेक का सबसे बड़ा महत्व है।

गायत्री परिवार मानव मात्र एक समान एक पिता की संतान जाति वंश सब एक समान इस मूल धारा पर काम करता है हर व्यक्ति ब्राह्मण पंडित सब कुछ बन सकता है बस उसे अपने कर्मों को उच्च कोटि का बनाना है गायत्री परिवार ने यही संकल्प लेकर आज भारत से साथी विश्व के 113 देशों में गायत्री परिवार की शाखाएं रात दिन काम करती है इस गायत्री परिवार में वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर मंत्रों के प्रभाव जीवन पर क्या पढ़ते हैं इसका पूर्ण रूप से ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान हरिद्वार के अंदर संपूर्ण हवन का अभिषेक का मंत्रों का प्रभाव का पूरा मशीनों के माध्यम से बताया गया है।

गायत्री परिवार के केंद्रीय प्रतिनिधि सुभाष मंडोवरा, लीला मंडोवरा, श्रीमती रेखा सिंह, श्रीमती चंद्रकला सेठिया, भंवर सिंह चंद्रावत, मधु कुंवर चंद्रावत अभिषेक की संख्या को रात दिन गांव गांव पहुंचकर जन जागरण के माध्यम से निशुल्क संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहे हैं यह देश में बड़े परिवर्तन होंगे। लगातार भ्रष्टाचारियों को देश को तोड़ने वालों को इन मंत्रों के माध्यम से सुधार किया जाएगा। यह जानकारी युवा प्रकोष्ठ प्रभारी पवन गुप्ता ने दी।