भारतीय परंपरा में परिवार की एकता महत्वपूर्ण है-प प्रदीप मिश्रा* 

8:31 pm or September 30, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर ३० सितम्बर ;अभी तक;  भारतीय परंपरा में परिवार की एकता महत्वपूर्ण है, भले ही  सभी भाई अलग रहे, बनाए खाये चलेगा। लेकिन जब परिवार पर विपदा आए तो सभी भाई एक साथ खड़े हों जाये, यह भारत की परंपरा है। यदि एकता मजबूत रही तो आपका नुकसान नहीं हो सकता। भारत की एकता को बनाए रखने में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की महत्वपूर्ण भूमिका है, संघ का एक ही उद्देश्य है हर व्यक्ति अपने घर मे सुरक्षित रहें।
                           यह बात पूज्य पंडित प्रदीप मिश्रा ने पंचम दिवस श्री पशुपतिनाथ शिव महापुराण कथा सेवा भारती के तत्वावधान में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में व्यास पीठ पर विराजित होकर कही। आपने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरुकुल की शिक्षा पद्धति थी, जिसमें राष्ट्र के प्रति समर्पण और परिवार की एकता का भाव था। लेकिन अंग्रेजों ने गुलामीयत वाली अंग्रेजी शिक्षा पद्दति को लागू किया।
आपने कहा कि भगवान शिव के प्रति भक्तो की अविरल भक्ति है, इसमें कोई छल नहीं है, सिर्फ एक लोटा जल और शिव महापुराण की कथा का मूलमंत्र ही शिव आराधना का मूल साधन है। मन की शुद्धि, पवित्र कर भगवान शिव को याद कीजिये, महादेव जरूर सुनेगा।
जिस प्रकार फूलों का हार मंच पर बिठाकर पहनाया जाता है, तो व्यक्ति सम्मानित होकर आनंदित होता है। उसी प्रकार ग्रंथो का आनंद व्यास पीठ से सुनकर ही आएगा। व्यास पीठ से केवल शब्द नही मिलते, बल्कि भागवत सुनो तो कृष्ण, वैजयंती माला, राम कथा सुनो तो राम की माला और शिव पुराण सुनो तो शिव के गले की माला हमारे पास आ जाती है। आपने कहा कि कर्कटी की कथा कहती है आपके पास पूजन की कोई सामग्री नहीं हो, कोई मंत्र नहीं आता हो तो भी भगवान का पूजन किया जा सकता है। बस आपका चित्त समर्पित होना चाहिए, आपका भाव निर्मल होना चाहिये। रावण रोज अभिषेक करता था, मन्दोदरी के अभिषेक से भी भगवान प्रकट नही हुए। लेकिन कर्कटी के पूजन से प्रसन्न होकर भगवान शिव माता पार्वती के साथ प्रकट हो गए क्योकि कर्कटी के पूजन में समर्पण था।
 *देश की बार्डर पर खड़े सैनिको के लिए भी एक माला जपें*
                           पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि आप जो पूजन करते हैं, माला जपते है उसमें एक माला, एक लोटा जल भगवान को देश की बॉर्डर पर खड़े सैनिक के लिए भी अर्पित करना और प्रार्थना करना कि मेरे शहर का, गाँव का बेटा जो बॉर्डर पर खड़ा है, वह सुरक्षित रहे , सैनिक को श्रद्धांजलि की नही, बल्कि विजय की माला पहनाए। भारत की माटी की गंध साधारण नहीं है बल्कि ऐसा प्रतीत होगा कैलाश पर भगवान शिव को किसी ने इत्र लगाया है। ईश्वर ने 108 मनके की माला दी है, जब दुर्घटना में 108 पर फोन लगाओ तो  एम्बुलेंस आ जाती है और जब 108 मनके की माला जपो तो साक्षात महादेव आपके दु:ख में मदद के लिए आ जाएंगे और आपका आत्मविश्वास बढ़ाने में साथ खड़े हों जाएँगे। भरोसा रखिये हर घड़ी, हर पल महादेव का द्वार आपके लिये खुला है।
 *भगवान आपका ख्याल कर देता है*
                       प प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जिस प्रकार बच्चा भूख से बिलख रहा हो तो भी माँ बच्चें को गर्म दूध नही  देती है, क्योंकि उसे पता है गर्म दूध से बच्चे का मुंह जल जाएगा। ऐसे ही भगवान भी आपके लिये अनुकूलता का इंतजार करता है, उसे पता है आपके लिये क्या सही है और क्या गलत, आप मन, चित्त, वृत्ति उससे जोड़िए तो सही, महादेव जरूर सुनेगा। आपने कहा कि कथा में हर तरह के लोग आते हैं कोई कथा सुनने आता है, कोई सत्संग सुनने आता है। विश्वाश रखना जिसका सामान चोरी होता है उसे तो महादेव दूसरा दिला देगा लेकिन चोरी करने वाला चोट्टा ही रहेगा।
 *जिसे माता- पिता का आशीर्वाद मिलेगा वह तर जाएगा*
                        प प्रदीप मिश्रा ने कहा कि माता पिता के आशीर्वाद में ताकत है माता-पिता एक बेटे को संपत्ति देते हैं लेकिन दूसरे सेवा करने वाले बेटे को केवल आशीर्वाद देते हैं। लेकिन जिसे संपत्ति मिली थी उसने शेयर बाजार में लगाकर बर्बाद कर दिया। लेकिन आशीर्वाद जिसे मिला उसे चार मंजिला बिल्डिंग खड़ी हो गई।
 *शिव कृपा से खड़ा हो गया दलौदा का गीतांजलि हॉस्पिटल*
कथा में एक श्रद्धालु ने अपने साथ हुई शिव कृपा को पत्र के माध्यम से बताया और कहा कि मन्दसौर जिले के दलौदा में कोई बड़ा अस्पताल नही था इसको लेकर राठी परिवार ने भगवान शिव की आराधना प्रारम्भ की और अस्पताल बनाने का संकल्प लिया, शिव ने ऐसी सुनी की दलौदा में राठी परिवार ने गीतांजलि मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण कर दिया। प प्रदीप मिश्रा ने कहा की सेवा भारती ने भी छात्रावास निर्माण का संकल्प लिया है इस संकल्प में भी हर श्रद्धालु भागीदार बने।
 *कन्या पूजन के साथ संकल्प लेना गर्भ में हत्या नही हो*
प प्रदीप मिश्रा ने कहा कि नवरात्र में कन्या पूजन के साथ संकल्प लेना कि अब कहीं भी भ्रूण में कन्या की हत्या ना हो, क्योंकि बेटा एक कुल को तारेगा। लेकिन कन्या दो कुल को तारेगी।
मन्दसौर के पत्रकार की पहल की तारीफ
प. श्री प्रदीप मिश्रा ने व्यास पीठ से मन्दसौर के पत्रकार की सुंदर पहल की प्रशंसा की। पत्रकार ने महाराज श्री को पत्र भेजकर कहा कि मन्दसौर में शिव और शिवना नदी है। उज्जैन में शिप्रा है लेकिन मन्दसौर ने भगवान शिव ने अपना नाम शिवना को दिया है, इसलिए मन्दसौर के राजाधिराज पशुपतिनाथ और शिवना नदी को विश्व विख्यात बनाने के लिये पहल की जानी चाहिए। प. मिश्रा ने कहा मन्दसौर के पत्रकार की सुंदर पहल सराहनीय है। अपनी कथाओं के माध्यम से पशुपतिनाथ और शिवना का उल्लेख करेंगे।
इन्होंने लिया पोथी पूजन और आरती में भाग
कथा के पंचम दिवस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत शारीरिक प्रमुख श्री विक्रम सिंह रघुवंशी, श्री रामेश्वर धाकड़ विभाग कार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक श्री यशपालसिंह सिसोदिया, नीमच विधायक श्री दिलीपसिंह परिहार, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री नानालाल अटोलिया ने आरती एवं पोथी पूजन में सहभागिता की।
इनके अलावा यजमान परिवार के श्री रणछोड़ प्रसाद गनेड़ीवाल, श्री प्रहलाद रामगोपाल काबरा, श्री राजेश कुमार कारूलाल सोनी, श्री मोहन  झमटमल मेघनानी, श्री सूरज प्रकाश ठाकुर, श्री नरेंद्र सिंह तोमर, श्री हरीश , महेश, रम्मू  श्री सत्यनारायण शालिग्राम गर्ग केडिया परिवार ने पोथी पूजन कर आरती की।