भू माफिया कार्यवाही में अवैधानिक निर्माण हो तो किसी भी प्रकार के दबाव से डरने की आवश्यकता नहीं – कलेक्टर

6:04 pm or October 6, 2021
भू माफिया कार्यवाही में अवैधानिक निर्माण हो तो किसी भी प्रकार के दबाव से डरने की आवश्यकता नहीं - कलेक्टर
महावीर अग्रवाल
मंदसौर 6 अक्टूबर ; अभी तक;  कलेक्टर श्री गौतम सिंह की अध्यक्षता में सभी राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि भू माफियाओं पर कार्यवाही के दौरान अगर कोई निर्माण कार्य अवैधानिक हो, तो किसी भी प्रकार के दबाव से डरने की आवश्यकता नहीं है। उस पर कार्यवाही करें। अगर कोई अधिकारी गलती से पेंशन या अनुकंपा प्रकरण रोकता है तो इसकी तनख्वाह तुरंत रोकी जाए। इस संबंध में सभी एसडीएम भी विशेष तौर पर ध्यान दें। अगर कोई तहसीलदार या नायब तहसीलदार इस तरह के लंबित प्रकरण रखता है, तो संबंधित की तनख्वाह रोकने के लिए एसडीएम कार्यवाही करें। बैठक के दौरान अपर कलेक्टर श्री आरपी वर्मा सभी एसडीएम तहसीलदार नायब तहसीलदार उपस्थित थे।
                      कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा कि आम जनता के सभी कार्यों को तत्परता से पूर्ण करें। उसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश नहीं की जाएगी। इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों के पास किसी भी प्रकार की टीएल लंबित नहीं होना चाहिए। जबकि सभी का समय पर समाधान होना चाहिए। नवरात्रि के दौरान होने वाली भीड़ का विशेष तौर पर ध्यान रखें। जहां पर ज्यादा भीड़ एकत्रित होती है। वहां पर एसडीएम खुद जाए तथा व्यवस्था को देखें। बैठक के दौरान गरोठ एवं सीतामऊ एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा कि भू माफिया के संबंध में इन दोनों क्षेत्र में कम कार्यवाही हुई हैं। इसके लिए नए सिरे से चिन्हित कर बेहतरीन कार्यवाही करें। साथ ही कार्यवाही में किसी प्रकार की देरी ना करें।गरोठ, भानपुरा एवं शामगढ़ में ऑक्सीजन प्लांट तो तैयार हो गए हैं, लेकिन अस्पताल तक कैसे ऑक्सीजन ले जाए। इस पर अभी तक कार्य नहीं किया गया है। इस संबंध में एसडीएम तुरंत ध्यान दें तथा आगे का कार्य करवाएं। जिससे ऑक्सीजन प्लांट का सही सदुपयोग हो सके। फसल नुकसानी के संबंध में सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देश देते हुए कहा कि समय पर किसानों का सर्वे हो तथा जिसको नुकसान हुआ है उसको मुआवजा मिलना चाहिए। इस बात पर विशेष तौर पर ध्यान दें कि कोई शिकायत करें, उससे पहले संबंधित को मुआवजा मिल जाना चाहिए। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही ना करें। साथ ही सभी राजस्व अधिकारी फील्ड में भी देखें।