भोजन नहीं बनाया तो बेटे ने मां को कुल्हाड़ी से काट दिया, मां को बचाने आए छोटे भाई को भी मार डाला

मंडला संवाददाता

मंडला २३ दिसंबर ;अभी तक;  प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने आरोपी शुक्ला पंद्राम पिता राकुमार पंद्राम आयु 40 वर्ष निवासी चकदेही थाना निवास को दोषी पाया और धारा 302 भादवि में दो बार आजीवन कारावास एवं 2000-2000 रू के अर्थदण्ड एवं धारा 307 भादवि में 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रू के अर्थदण्ड से दण्डित किया।

पीडि़त रामकुमार पंद्राम ने 30 अगस्त 2015 को थाना निवास में  रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आठ दिन पूर्व उसकी पत्नि रामवती बाई ग्राम भेड़ी उमरहा टोला, अपनी लड़की सुकलिया बाई के पास गई थी, जिसे लेने के लिए वह 29 अगस्त की सुबह गया और शाम सात बजे के लगभग पत्नि को लेकर वापस घर आ गया। वे लोग खाना खाकर आये थे, इसलिए खाना नही बनाया और सो गये थे। रात्रि में करीब तीन बजे उसके लड़के शुक्ला ने उसकी पत्नि रामवती बाई से कहा, कि खाना क्यों नही बनाया? इसके साथ ही पीडि़त रामकुमार के साथ सब्बल से मारपीट शुरू कर दिया। तभी उसकी पत्नि बोली क्यों मारता है? इतना बोलने पर शुक्ला ने कुल्हाड़ी उठाकर ”खाना नही बनाई” कहकर कुल्हाड़ी से रामवती को मारा जिससे उसका दाहिना गाल कट गया। जब वह चिल्लाया और बाहर निकला, तो छोटा भाई नवल सिंह बचाने आया, उसके भी सिर में शुक्ला ने कुल्हाड़ी से मारा, जिससे सिर कट गया था और खून निकलने लगा था। तब टोला के बालचंद, रामचरण, रतन साखू आये और उन्हें देखकर शुक्ला भाग गया। उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाना निवास द्वारा अभियुक्त शुक्ला पंद्राम के विरूद्ध अपराध मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान 1 सितंबर 2015 को रामवती बाई की मृत्यु होने और 23 सितंबर को को नवल सिंह पंद्राम की मृत्यु होने से अभियुक्त के विरूद्ध धारा 302 भादवि0 का इजाफा किया गया। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने आरोपी शुक्ला पंद्राम पिता राकुमार पंद्राम को दोषी पाया और दंडित किया।  प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी एसएस ठाकुर अति जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई।