भ्रूण हत्या मातृत्व की हत्या है यें कोख को कत्लखाने में परिवर्तित करने जेसा है – राष्ट्र संत कमलमुनि जी 

7:50 pm or July 22, 2022
महावीर अग्रवाल

मंदसौर २२ जुलाई ;अभी तक;  मां की कोख मैं कत्लेआम करके अकाल निर्दोष मासूम संतान को मौत के घाट उतारने वाले दरिंदे मानवता पर कलंक है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि जी कमलेश ने जैन दिवाकर प्रवचन हाल में धर्मसभा को संबोधित करते व्यक्त किए। संतश्री ने कहा कि भ्रूण हत्या मातृत्व की हत्या है। ये कोख को कत्लखाने के रूप में परिवर्तित करने जेसा है।
संत श्री कहा कि गौ हत्या से भी अधिक भ्रूण हत्या महापाप का है। पुरुष प्रधान मानसिकता इस प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रही है। बस ये ही सोच कि पुत्र कुल का दीपक है इसके बिना वंश नहीं चलेगा, ओर लड़की पराया धन है। पर लड़की ही दो कुल का नाम रोशन करती है।
            संतश्री ने कहा कि भ्रूण हत्या करना सरस्वती दुर्गा और लक्ष्मी का कत्ल करने के समान है। ऐसे राक्षसों का किसी भी धर्म में प्रवेश नहीं है।  निरंतर घटती लड़कियो की संख्या से कहीं आने वाले समय में अन्य वस्तुओं की भांति लड़कियों का आयात ना करना पड़े। सभी धर्म आचार्यों को मिलकर भ्रूण बचाओ विश्व बचाओ की क्रांति का अभियान शुरू करना चाहिए। धर्मसभा में अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा ने कन्या जिस घर में जन्म लेगी उस परिवार का अभिनंदन करने का संकल्प लिया।  शशि मारू, संगीता चौरडिया, सपना नाहर,  रेनू खटोड़, डिंपल जैन सहित मंच की सभी बहनों ने आचार्य सम्राट आनंद ऋषि जी की जयंती पर राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की भी घोषणा की।

अक्षत मुनि जी ने मंगलाचरण किया। तपस्वी घनश्याम मुनि जी के 13  ऊपवास की तपस्या चल रही है।