मंदसौर के बाद रतलाम पुलिस ने पकड़ा एमडीएमए ड्रग

7:34 pm or September 15, 2020
मंदसौर के बाद रतलाम पुलिस ने पकड़ा एमडीएमए ड्रग
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर / रतलाम १५ सितम्बर ;अभी तक;  पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी द्वारा संपूर्ण जिले में चलाए जा रहे अभियान के तहत संगठित गिरोह, तस्कर ,माफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत मंगलवार को ताल पुलिस को बड़ी सफलता मिली ,पुलिस ने एक चार पहिया वाहन में गुप्त रूप से परिवहन की जा रही 80 लाख कीमत की एमडीएमए ड्रग (मादक पदार्थ) जब्त की। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वही दो आरोपी फरार है जिनकी तलाश जारी है।
मंगलवार को पुलिस कण्ट्रोल रूम पर प्रेसवार्ता के दौरान एसपी गौरव तिवारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि मंदसौर के सीतामऊ की ओर से एक सफ़ेद रंग की पोलो गाडी क्रमांक RJ.1KQ-7423 में गोपनीय रूप से एमडीएमए ड्रग (मादक पदार्थ)गुजरात ले जाने के लिए निकली है।
सूचना मिलने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए ताल थाना प्रभारी द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान उक्त वाहन को रोककर चेकिंग की गई। इसके बाद पुलिस ने वाहन के आंतरिक हिस्सों की तलाशी हेतु मैकेनिक की सहायता ली ,लेकिन पुलिस को कुछ नहीं मिला। जिसके बाद वाहन के स्टेरिंग के नीचे तलाशी की गई जहां पुलिस को स्टेरिंग के नीचे बने एक गोपनीय चैंबर में एक प्लास्टिक की थैली में एमडीएमए ड्रग शक़्कर की तरह दिखने वाला(मादक पदार्थ) मिला।
पुलिस से पूछताछ के दौरान आरोपी छोगालाल उर्फ़ छोगा पिता खेमराम विश्नोई उम्र 42 निवासी जिला बाड़मेर राजस्थान होना बताया। छोगालाल ने बताया गया कि आरोपी नीमच जिले के नया गांव के पास ढाबा संचालित करता था ,वही उसका परिचय अवैध मादक पदार्थ तस्करों से हुआ
*इरफान पिता मोहम्मद सुल्तान पठान निवासी कनाडी खेड़ी थाना सीतामऊ के जरिए अमजद उर्फ़ गुड्डू लाला पिता अजगर खान निवासी बेलारी थाना सीतामऊ से पहचान हुई। इरफान की सहायता से अमजद ने एमडीएमए ड्रग 8 लाख रूपये देकर खरीदा गया और गुजरात और राजस्थान तरफ ले जाने वाला था ,आरोपी स्वयं मादक पदार्थों का आदी है।*
आरोपी छोगालाल ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 20 साल से मुंबई में रह रहा था और ऐसे मादक पदार्थों की छोटी-मोटी तस्करी करता था ,लेकिन बीते 1 साल में उसका धंधा थोड़ा मंदा हो गया था, जिसके चलते उसने नीमच के पास एक ढाबा खोला था और वही से अपना तस्करी का कार्य फिर से शुरू कर दिया।

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