मंदसौर में पायलट ट्रेनिंग स्कूल शुरू, 16 युवा ले रहे विमान चलाने का प्रशिक्षण

महावीर अग्रवाल
मंदसौर  ३१ दिसंबर ;अभी तक;  भगवान पशुपतिनाथ की पवित्र नगरी मंदसौर के आसमान में अब हर दिन विमान उड़ते हुए दिखाई देंगे। वरिष्ठ विधायक यशपालसिंह सिसोदिया की कोशिशों से प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की घोषणा अनुरूप मध्यप्रदेश की सबसे लंबी यानी करीब ढाई किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी पूरी तरह बनकर तैयार होते ही अब हवाई पट्टी पर ग्लोबल कनेक्टिवेशन प्रालि कंपनी का पायलट ट्रेनिंग स्कूल प्रारम्भ हो गया। विमान भी मंदसौर आ गऐ और इन्हें चलाने का प्रशिक्षण लेने के लिए विभिन्न राज्यों से 16 विघार्थी भी मंदसौर आऐ है जो यहां करीब एक साल तक रहकर विमान चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर एक पायलॅट के रूप में रोजगार पाऐंगे। पायलट ट्रेनिंग स्कूल का अवलोकन करने के लिए विधायक श्री सिसोदिया भी शुक्रवार को हवाई पट्टी पर पहुंचे और विमान सिखने वालें बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए मंदसौर शहर के लिए प्रारम्भ हुई इस महती सौगात पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का धन्यवाद प्रकट किया।
वरिष्ठ विधायक श्री सिसोदिया की कोशिशों से मंदसौर में बनी हवाई पट्टी और इस पर प्रारम्भ हुए पायलट ट्रेनिंग स्कूल के प्रारम्भ होने से अब शहर व आसपास के क्षेत्रों के पायलट बनने के इच्छुक युवाओं को अब बड़े शहरों की तरफ नहीं जाना पड़ेगा। भारत सरकार ने मंदसौर में बनी लगभग दो किमी की हवाई पट्टी पर ग्लोबल कनेक्टिवेशन प्रालि कंपनी को फ्लाइंग क्लब और अन्य विमानन सेवाओं के लिए अधिकृत किया है जिसने मंदसौर में काम भी प्रारम्भ कर दिया है। इससे पहले करीब दस करोड रूपऐ की लागत से तैयार हुई हवाई पट्टी पर कंपनी के हिसाब से अन्य निर्माण भी किया गया जिसमें करीब पांच करोड रूपयों की लागत से बाउण्ड्रीवाल का निर्माण भी किया गया है। कंपनी यहां छोटे ट्रेनी विमान ला चूकी है और प्रथम चरण में पायलट ट्रेनिंग स्कूल में 16 बच्चों का प्रवेश भी हो गया है जो अब एक साल तक मंदसौर में ही रहकर पायलट बनने की ट्रेनिंग प्राप्त करेंगें। अब संभावना है कि कंपनी द्वारा एयर टैक्सी व एयर एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मंदसौर में प्रारम्भ हुए पायलट ट्रेनिग स्कूल के प्रारम्भ होने पर विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने प्रसन्नता जाहीर करते हुए कहा कि मंदसौर के लिए अदभूत गौरव के क्षण है। मंदसौर के विकास में आज एक नया अध्याय जूड़ गया है। मंदसौर के आसमान पर अब हर दिन विमान दिखाई देंगे। भगवान पशुपतिनाथ की नगरी से प्रशिक्षित पायलट तैयार होंगे। कंपनी द्वारा इन्हें 200 घंटे की उडान यानी करीब एक वर्ष में इन्हें विमान चलाना सिखाया जाऐगा इसके बाद इन्हें लायसंस प्रदान किया जाऐगा जिसके माध्यम से यह युवा विभिन्न विमानन कंपनियों में रोजगार प्राप्त कर सकेगे। मेरे आग्रह पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मध्यप्रदेश की सबसे लंबी यानी करीब ढाई किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी का निर्माण पूरा कराया और फ्लाइंग क्लब की आवश्यकतानुसार पांच करोड़ की लागत से बाउण्डीवाल का भी निर्माण कराया गया। पायलट ट्रेनिंग स्कूल में विभिन्न स्थानों से 16 बच्चों ने प्रवेश लेकर पायलट बनने का प्रशिक्षण प्रारम्भ किया है। यह स्कूल मंदसौर के बच्चों के लिए भी एक अवसर लेकर आया है। श्री सिसोदिया ने युवाओं से आव्हान किया कि मंदसौर, नीमच और रतलाम के युवाओं को भी आगे आना चाहिए ताकी उन्हंे भी रोजगार का अवसर उपलब्ध हो। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न देखा है और इस कल्पना को साकार भी कर रहे है। इसमें मंदसौर का पायलट ट्रेनिंग स्कूल मील का पत्थर साबित होगा।
पायलट ट्रेनिंग स्कूल के पायलट सुमित सिंह ने भी मंदसौर ने भी हर्ष जताते हुए कहा कि प्रथम चरण में 16 बच्चों को प्रशिक्षण देना प्रारम्भ कर दिया है। पायलट ट्रेनिंग के लिए मंदसौर अनुकूल स्थान है यहां पूरे वर्ष विजिबिलीटी अच्छी रहती है, दूर तक दिखाई देता है, हवा भी अनूकुल रहती है इसलिए यहां पायलट को प्रशिक्षण देने में दिक्कत नहीं होती है।