मंदसौर में मेडिकल काॅलेज, ट्रामा सेंटर का शिलान्यास तथा आरटीपीसीआर लेब का शुभारंभ होगा

महावीर अग्रवाल
मंदसौर ८ जून ;अभी तक; मंदसौर में बहुप्रतिक्षित मेडिकल काॅलेज और ट्रामा सेंटर का शिलान्यास और कोरोना की जांच के लिए निर्मित की गई आरटीपीसीआर लेब को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान आनलाइन शुभारंभ करेगें। वरिष्ठ विधायक यशपालसिंह सिसोदिया के आग्रह पर सीएम ने इसकी सहमती दे दी है।
             भोपाल में वल्लभ भवन मंत्रालय में मुलाकात के दौरान श्री सिसोदिया ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को कोविड के दौरान मंदसौर में की गई व्यवस्थाओं से अवगत कराते हुए मंदसौर एवं नीमच जिले के उदयपुर के निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान की राशि से लाभांवित किए जाने का भी आग्रह किया।
             मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान से मुलाकात के दौरान वरिष्ठ विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने अवगत कराया कि मंदसौर में मेडिकल काॅलेज के लिए भूमि का चयन हो गया है इसके लिए केबिनेट की स्वीकृति की प्रतिक्षा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आश्वस्त किया कि केबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को सम्मिलित कर इस पर निर्णय कर लिया जाऐगा।
               श्री सिसोदिया ने शीघ्र ही मेडिकल काॅलेज का शिलान्यास करने का भी आग्रह किया तथा अवगत कराया कि मंदसौर में ट्रामा सेंटर का निर्माण भी किया जाना है इसके लिए भूमि का चयन कर लिया गया है और निर्माण एजेंसी भी पीआईयू को तय कर दिया गया है। इसके शिलान्यास की भी मुख्यमंत्री जी ने स्वीकृति दी तथा जिला अस्पताल में ही कोविड मरीजों की जांच के लिए विधायक निधी एवं उघोगपति श्री प्रदीप गनेडीवाल के सहयोग से निर्मित हुई आरटीपीसीआर लेब का निर्माण अंतिम चरण में है इसका शुभारंभ भी किया जाना है।
            विधायक श्री सिसोदिया के आग्रह पर मुख्यमंत्री श्री चैहान ने मेडिकल काॅलेज एवं ट्रामा सेंटर का शिलान्यास एवं आरटीपीसीआर लेब का शुभारम्भ वर्चुअल यानी आनलाईन के माध्यम से किए जाने की सहमती प्रदान की। इसके लिए शीघ्र ही तारिख भी तय कर दी जाऐगी।
             मुलाकात के दौरान श्री चैहान को कोविड के दौरान किए गए प्रयासों, कार्यो आदि के बारे में जानकारी साझा करी इस दौरान विधायक श्री सिसोदिया ने उन्हें मंदसौर में किए गये कार्यो की जानकारी दी ओर कहा कि मंदसौर के जिला चिकित्सालय की क्षमता से कहीं ज्यादा कोरोना मरीजों का उपचार शासकीय स्तर पर ही किया गया है, जिला चिकित्सालय के अलावा शासकीय नर्सेस ट्रेनिंग सेंटर जीएनएमटीसी तथा पाॅलिटेक्निक काॅलेज में मरीजों के लिए 700 पलंगों  की व्यवस्था कर उपचार किया गया साथ ही मंदसौर के 6 निजी अस्पतालों में भी कोरोना मरीजों के उपचार की व्यवस्था की गई इसमें मंदसौर के चिकित्सक, आयुष चिकित्सक, पेरामेडिकल स्टाॅफ,जीएनएम संकट मोचन की भूमिका में सामने आऐ है। शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए जिस सिद्धता से इन्होंने मरीजों की सेवा की है वह वास्तव में काबिले तारीफ है इसलिए भविष्य में इन्हें स्थाई अवसर मिले, इन्हें प्रकिृया में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। श्री सिसोदिया ने  कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर किए जाने वाले इंतजामों के बारे में भी मुख्यमंत्री श्री चौहान को विस्तार से चर्चा करते हुए मंदसौर में बच्चों के लिए 100 पलंगों का सर्वसुविधायुक्त आईसीयू भवन निर्माण किए जाने की मांग की साथ मंदसौर-नीमच जिले के अनेक मरीज समीप्रस्थ राजस्थान के उदयपुर में नामचीन निजी चिकित्सालयों में उपचार के लिए जाते है इसलिए दोनो जिले के मरीजों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान की राशि से उदयपुर में भी लाभांवित करने का आग्रह किया, उन्होंने कहा कि उदयपुर के तीन प्रमुख नामचीन अस्पतालों में मंदसौर-नीमच जिले के मरीजों को राशि स्वीकृत कर सीधे निजी अस्पतालों को भेजी जाएं तो मरीजों को राहत मिलेगी।
चर्चा के दौरान श्री सिसोदिया ने कृषि उपज मंडियों में किसानों को होने वाली परेशानियों से भी अवगत कराया और कहा कि बड़ी कृषि उपज मंडियों में ट्रेक्टर-ट्राली व अन्य वाहनों से उपज नीलाम होने के लिए आती है वहां इलेक्ट्रानिक तोल कांटे बढाऐ जाने चाहिए इसके साथ ही तोल कांटे पर किसान की उपज का तोल निशुल्क किया जाना चाहिए। इसकी व्यवस्था मंडिया अपने संसाधनों से कर सकती है। इस व्यवस्था से किसानों को तो राहत मिलेगी ही कुछ लोगों को रोजगार भी मिल पाऐगा।
विधायक श्री सिसोदिया ने एसीएस स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान तथा वरिष्ठ आईएएस स्वास्थ्य आयुक्त श्री आकाश त्रिपाठी व वरिष्ठ आईएएस श्री पी नरहरी  से भी मुलाकात की तथा उन्हें भी कोविड के दौरान मंदसौर को जो सहयोग मिला उसके लिए धन्यवाद दिया।