मण्डला में रेल लाइन को लेकर जनमंच और जिले की आवाज के सवाल उठ रहे कब दौड़ेंगे बड़ी पांतों की रेल ?

10:28 pm or November 9, 2020
मण्डला में रेल लाइन को लेकर जनमंच और जिले की आवाज के सवाल उठ रहे कब दौड़ेंगे बड़ी पांतों की रेल ?
मण्डला से सलिल राय
मंडला ९ नवंबर ;अभी तक; मध्यप्रदेश के जनजाति वनवासी बहुल जन आबादी के जिला मण्डला की मुरझाई राजनीती की बिसात में दावे वादे बीते आजादी के दसको के बाद विकास के पहिये लगभग थमे जैसी स्थिति की ही तस्वीर आजतक के परिवेश में हैं।
 कहा जाता हैं विकास की आवश्यकताओ में यातायात के संसाधनों की महती भूमिका होती हैं पर मंडला जिले की सरज़मी में यह जिला अनाथ जैसी स्थिति में जनभावनाओं के वार्तालापो में सुनने को लंबे अरसे से मिलता रहा हैं।
                    बात का संदर्भ इस ओर हैं कि अंग्रेजियत के हुक्मरानों ने अपने काल मे नैरोगेज रेल की रेल सुविधा जिले को पड़ोसी थी जो एक शताब्दी से अधिक समय खरामा खरामा रफ्तार से चलती रही यही नही जिले का नैनपुर जंक्शन रेल्वे के मानचित्र में गौरवशाली मुकाम में था।
                    दसको को जद्दोजहद के बाद नैरोगेज रेल लाइन को ब्राडगेज के परिवर्तन की खुशी जिले रहवासियों को मिली हैं   पर यह जिस गति से बड़ी रेल लाइन अब बन गई हैं यह एक विकास के एक कदम के रूप में जन चर्चित हैं  बड़ा सवाल अब जन मंचो और नागरिकों की ओर से उठ रहे है कि कब ब्राडगेज रेल लाइन शुरू होगी इसके साथ यह भी जन आवाज हैं कि महानगरों तक इस रेल सुविधा कब नसीब होगी यह भी सच होने जैसे लगता हैं कि जल्द ही मण्डला के होने वाले विकास के पहिये की यह रेल सुविधा जिले को मिलेगी दावे वायदे जल्द के कहे जा रहे पर यह अभी साफ नही की स्थिति में हैं।
                 नैनपुर के वरिष्ठ पत्रकार अनिल जांगरे ने रेल सम्बन्धी तमाम स्थिति परिस्थितियों पर लगातार संपर्क बनाये रखा पर इनका भी मानना हैं कहना हैं यह सब अभी भी अहिल्या उद्धार के लिए भगवान श्रीराम की बाट जोहि जा रही हैं ।
                   बहरहाल जन सवाल और ज्ञापन के दौर चल रहे देखना यह हैं कि कब कहा से कोई जिम्मेदार अपनी जनहित कारी पहल करता हैं ।
                     मंडला में इस दिशा में एक जानकारी में बताया गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्राडगेज संघर्ष समिति के निर्देश पर मण्डला ब्रॉडगेज संघर्ष समिति  के नेतृत्व में महाप्रबंधक द.पू. म. रेलवे बिलासपुर के नाम से मण्डला स्टेशन पर ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन मे मांग की गई हैं कि ट्रेनो का संचालन शीघ्र प्रारम्भ किया जाये। साथ ही दीपावली स्पेशल ट्रेन चलाई जावें
भूअधिगृहीत से संबंधित मांगों को भी शीघ्र पूरा किया जाये।
ज्ञापन में कहा गया है कि व्यापार एवं आम लोगों की परेशानी को देखते हुए जबलपुर – गोंदिया, कटंगी – तिरोड़ी, नैनपुर – मंडला, तिरोड़ी – नागपुर के लिए दिवाली स्पेशल ट्रेन चलाई जावे। बालाघाट से इतवारी नागपुर के लिए तथा बालाघाट से रायपुर बिलासपुर के लिए ट्रेन चालू की जावे।
                   भूअधिगृहीत पीड़ित लोगों को रेलवे में नौकरी दिलाने हेतु लंबित मामलों का निपटारा किया जाए। भूअधिगृहीत पीड़ित लोगों में से ऐसे लोग जिनमें से कुछ लोगों की उम्र अधिक है तथा कुछ लोग कम पढ़े लिखे हैं, लेकिन रेलवे नियमों के अंतर्गत छूट मिली हुई है, ऐसे लोगों का अनुमोदन कर नौकरी दिलाने हेतु प्रभावी कार्रवाई की जावे।
                  हाल ही में डी.आर.एम. द्वारा 31 अक्टूबर 2020 को लामता – समनापुर सी.आर.एस. के दौरान आश्वासन दिया गया था कि 1 सप्ताह के दौरान व्यक्तिगत तौर पर भूअधिगृहीत लोगों की समस्या को देखते हुए बालाघाट का दौरा करेंगे एवं संघर्ष समिति तथा किसानों से मुलाकात करेंगे।  परंतु इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मण्डला ब्रॉडगेज संघर्ष समिति ने उक्त मांगों को तत्काल पूर्ण करने की मांग की गई है।
                    ज्ञात हो  कि 23 अगस्त  2020 एवं 30 एवं 31 अक्टूबर  2020 को  चिरईडोंगरी से मंडला,  नैनपुर से लामता के बीच में रेल ट्रैक  एवं  इलेक्ट्रिफिकेशन निरीक्षण को पूरा किया गया है।  इसके साथ ही  जबलपुर से गोंदिया तक  ब्रॉड गेज चालू होने की कवायद लगभग पूरी हो चुकी है। वही डीआरएम सिंह ने बताया था कि लॉकडाउन के खुलते ही जबलपुर से गोंदिया व मंडला रेल मार्ग पूरी तरह से चालू हो जाएगा।  आपको बता दें कि मंडला जिले के लोग अधिकतर स्वास्थ्य और व्यापार मामलो से नागपुर और जबलपुर से जुड़े हुए हैं। सड़क मार्ग लगभग 5 साल से मंडला से जबलपुर निर्माण के दौर से गुजर रहा हैं। इस ब्रॉडगेज के लिए मंडला जिले की जनता ने लगातार  आंदोलन व संघर्ष करते हुए  इस क्षेत्र के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों के तरफ उम्मीद से देखती रही है। लेकिन विगत 21 साल के बाद नैरोगेज कन्वर्शन को पूरा होने में समय लग गया। और आज भी दो दो सांसदों के रहते हुए मंडला रेल सेवा में उपेक्षित पड़ा हुआ है। ब्रॉडगेज निर्माण पूर्ण हो जाने के बाद अब निगाहें मंडला से बड़ी ट्रेनों के संचालन के लिए जनता मांग कर रही है वही भारत सरकार के जनप्रतिनिधि मंडला में रहने के बाद भी वह सौगात मंडला जिले वासियों को नहीं मिल पाई जो उसके हकदार हैं। मंडला जिले में दोनों सांसदों के रहते हुए अब नैनपुर या मंडला में ट्रेनों को रुकने सर्विसिंग साफ सफाई व मरम्मत के लिए यार्ड निर्माण की उम्मीद यहां की जनता लगाए हुए हैं । अब मंडला एवं नैनपुर में ब्रॉडगेज कल कारखानों का निर्माण हो जिससे मंडला एवं नैनपुर  के क्षेत्र का विकास दुगनी गति से हो सके।  क्योंकि नैनपुर एवं मंडला में अनुकूल  परिस्थितियां, भौगोलिक कारण और रेलवे के पास संसाधन पर्याप्त होने के कारण इस क्षेत्र में विकास की गति  तेज हो सकती है। यहां के  जनप्रतिनिधियों को विचार कर प्रयास करना चाहिए। ताकि इस आदिवासी क्षेत्र के लोगों का विकास हो सके । आज भी मंडला की जनता को उचित आवागमन के साधन  ना होने से लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । यह बड़े दुर्भाग्य की बात हैं। अब देखना यह है कि मंडला से जबलपुर ब्रॉडगेज परिचालन कब संभव हो पाएगा। और कब यहां के जनप्रतिनिधि चेतेंगे।
यह हाल की स्थिति में सड़क मार्ग से ही तमाम जनजीवन व्यपार रोगगियो को अध बने जानलेवा मार्ग ही विकास के नाम से मिला हैं मण्डला में जलमार्ग भी बन सकता था और वायुमार्ग पर इस दिशा में अजब गजब की बेरुखी क्या मायने है यह सबके सामने हैं ।

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