मण्डी की अव्यवस्थाओं एवं किसानों की समस्याओं को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने मण्डी सचिव को दिया ज्ञापन

महावीर अग्रवाल 
मन्दसौर १९ नवंबर ;अभी तक;  संयुक्त किसान मोर्चा जिला प्रमुख महेश व्यास लदूसा द्वारा 19 नवम्बर, शुक्रवार को कृषि उपज मण्डी, मन्दसौर के सचिव श्री पर्वतसिंह सिसौदिया को किसानों की विभिन्न समस्याओं, मंडी की अव्यवस्थाओं एवं अवैध वसूली के संबंध में ज्ञापन दिया गया।
                    महेश व्यास लदूसा ने मंडी सचिव श्री सिसौदिया को बताया कि कृषकों द्वारा कृषि उपज मण्डी में अपनी उपज को विक्रय करने के दौरान मण्डी में पर्याप्त शेड आदि की व्यवस्था नहीं होने से किसानों को अपनी उपज खुले में रखना पड़ती है जिससे प्राकृतिक आपदा बारिश आदि से उनकी उपज खराब हो जाती है और उन्हें उपज का सही दाम नहीं मिल पाता है। अतः कृषकों की उपज रखने हेतु पर्याप्त शेड की व्यवस्था की जावे। साथ ही मण्डी के अन्दर जो शेड बने है वहां पर व्यापारी अपना माल रख देते है जिससे किसानों के लिये जगह नहीं बच पाती है अतः व्यापारियों को निर्देश दिये जाये के वह अपनी उपज को शेड में ना रखे जिससे किसानों को सुविधा हो।  श्री व्यास ने कहा कि ण्डी परिसर में कृषक विश्राम भवन बना हुआ है लेकिन वहां साफ-सफाई, पानी आदि की ठीक व्यवस्था नहीं होने के कारण कृषक या तो व्यय करके होटलों व धर्मशाला में रात गुजारता है या मण्डी परिसर में खुले में विश्राम करता है। अतः कृषक विश्राम भवन की प्रतिदिन साफ-सफाई, रंगाई व पुताई कराई जाये तथा किसानों को कृषक विश्राम भवन में आने हेतु प्रेरित किया जाये। कृषि उपज मण्डी के अन्दर अवैध लाइसेंस वाले नाबालिग बच्चे एवं 60 वर्ष से उपर के महिला पुरूष अनाधिकृत रूप से वहां पर कार्य करते है और किसानों से अवैध रूप से वसूली करते है। जिसकी जांच कर ऐसे लोगों को मण्डी से हटाया जाये। क्योंकि किसानों के साथ कभी भी कोई गंभीर घटना ये लोग कर सकते है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गेट पास जो किसान उपज लेकर आता है उसकी गेट की पर्ची को सरकार ने माफ किया गया है लेकिन फिर भी गेट पर्ची के रूप में मण्डी प्रशासन द्वारा  वसूली की जा रही है इस अवैध वसूली को तत्काल बन्द किया जाये। मण्डी के प्रशासनिक कर्मचारियों द्वारा अन्य जिलों से आये हुए किसानों से 200 रूपये लेकर मण्डी में इन्ट्री दी जाती है। जिसको तुरन्त रोका जाये और ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत कार्यवाही की जाये। व्यास ने कहा कि उक्त मांगों एवं समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाये अन्यथा किसानों द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी समस्त जवाबदारी मण्डी प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर मंदसौर सहित उज्जैन, रतलाम व झालावाड़ के किसान भी मौजूद रहे