मतदान केन्द्र पर पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण – कलेक्टर

महावीर अग्रवाल
मंदसौर 22 अक्टूबर ;अभी तक; विधानसभा उपनिर्वाचन 2020 के लिए जिले के अतिरिक्त मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण 22 अक्टूबर से प्रारंभ हुआ। प्रशिक्षण के लिए चयनित किए गए स्थानीय उद्यानिकी महाविद्यालय, शासकीय महाविद्यालय, शासकीय कन्या महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक कॉलेज, डाइट कॉलेज में दिया गया। इन प्रशिक्षणार्थियों को मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में आए सभी कर्मचारी डाक मतपत्र एवं फार्म 12 (क) अनिवार्य से भरें तथा अपने मत का प्रयोग करें।
                    जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रशिक्षणार्थियों को निर्देशित किया कि गंभीरता से प्रशिक्षण लेते हुए अपने सभी संदेहों का निवारण कर लेवे। जिले में आयोजित इस प्रशिक्षण में मतदान कर्मियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। जिले भर के पीठासीन अधिकारी तथा मतदान अधिकारी क्रमांक 1 प्रशिक्षित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी श्री जयंत कुमार जैन एवं सुदीप दास एवं अन्य मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण देते हुए सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया व ईवीएम, वीवीपैट की कार्यप्रणाली समझाई। प्रशिक्षण के दौरान डाक मतपत्र तथा इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट की उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई गई।
                मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण में बताया कि मतदान केन्द्र पर पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी सबसे अहम हैं। वह मतदान केन्द्र का प्रभारी होगा। अभ्याक्षेपित मतदाता, निविदत मतदाता, प्राक्सी मतदाता अथवा किसी भी विषम परिस्थिति में कार्यवाही पर उसको निर्णय लेना होगा। पीठासीन अधिकारी केन्द्र प्रभारी होने के अलावा निर्वाचन संचालन दल का मुखिया भी होगा। वह मतदान सामग्री प्राप्त करने से लेकर सामग्री जमा करने के लिए उत्तरदायी होगा। सम्पूर्ण मतदान प्रक्रिया के त्रुटिरहित संचालन स्वतंत्र-निष्पक्ष मतदान के लिए पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी रहेगी। मतदान अधिकारी क्रमांक 1 चिन्हित प्रति का प्रभारी होगा। वह निर्वाचक की पहचान सुनिश्चित करने के साथ ही निर्वाचक नामावली में चिन्हांकन करेगा।
                बताया गया कि मतदान अधिकारी क्रमांक 2 अमिट स्याही का प्रभारी होगा। मतदाता के बाएं हाथ की तर्जनी पर अमिट स्याही लगाएगा। प्राक्सी वोटर के बाएं हाथ की मध्यमा में अमिट स्याही लगाएगा। मतदान अधिकारी क्रमांक 3 ईवीएम की कंट्रोल यूनिट का प्रभारी होगा। वह मतदाता को मतदान कक्ष में जाने, मत अंकित करने की अनुमति देने व प्राप्त मतदान पर्ची को क्रमानुसार रखने का कार्य करेगा। प्रशिक्षण में बेलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट, वीवीपैट, पीठासीन अधिकारी की डायरी, हरिपत्र मुद्रा, पेपर स्ट्रीप, सील, स्पेशल टैग केन्द्र की सील, अमिट स्याही, चिन्हित प्रति, पीतल की सील, पिंक पेपर सील, मॉकपोल सील, ब्रेल लिपि डमी मतपत्र, प्लास्टिक बॉक्स, मॉकपोल सील, काला लिफाफा, मतदान प्रकोष्ठ, डिजिटल शीट, 16 बिन्दु प्रपत्र की भी जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण में मतदान दलों को मतदान केन्द्र तैयार करने के बारे में समझाया गया। मतदान केन्द्र निरीक्षण, सामग्री निरीक्षण, 100 मीटर के घेरे का निरीक्षण कर प्रचार-प्रसार संबंधित सामग्री हटाने, मतदान केन्द्र से 200 मीटर की दूरी को चिन्हित कर इसके बाहर ही राजनीतिक पार्टियों के पण्डाल होने, नोटिस बोर्ड में प्रारूप 7 निर्वाचकों की विशिष्टियों का नोटिस, मतदान संबंधी आवश्यक निर्देश, मतदान केन्द्र क्रमांक एवं नाम, मतदाता की सूची, मतदान का समय, दिनांक आदि जानकारी चस्पा करने, विभिन्न प्रपत्रों को संबंधित लिफाफों में आवश्यक जानकारी प्रविष्ट करने के बारे में प्रशिक्षित किया गया। मतदान चालू होने पर दल द्वारा की जाने वाली कार्यवाही, अमिट स्याही लगाने के तरीके, मतदान प्रक्रिया के दौरान विशेष परिस्थितियों जैसे अभ्याक्षेपित मत, निविदत मत, टेस्टिंग मत, प्राक्सी वोटर, दिव्यांग मतदाता, मशीन की खराबी, मतदाता की आयु कम परिलक्षित होने, अंधे एवं शिथिलांग मतदाता, मतदान केन्द्र पर बलवा, प्राकृतिक आपदा, बूथ कब्जा आदि विशेष परिस्थितियों पर की जाने वाली कार्यवाहियों का प्रशिक्षण किया गया। इसके अलावा प्रशिक्षण में मतदाता रजिस्टर, रिकार्ड किए गए मतपत्रों का लेखा, निर्वाचन ड्यूटी प्रमाण पत्र, डाक मतपत्र के लिए आवेदन, पीठासीन अधिकारी के लिए सामग्री चेक मेमो, पीठासीन अधिकारी द्वारा घोषणा, दिखावटी मतदान प्रमाण पत्र, ईवीएम के लिए मॉडर्न मतदान केन्द्र का लेआउट, चैलेंज फीस की रसीद बुक आदि सभी महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान नायब तहसीलदार, मास्टर ट्रेनर्स, पीठासीन अधिकारी उपस्थित थे।

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