मध्यप्रदेश ऐसा इकलौता राज्य जहां पिछले 28 वर्षों से प्रदेश के रेडियोग्राफर को मात्र 50 प्रतिशत ही विकिरण भत्ता दिया जा रहा

10:56 pm or January 23, 2023

महावीर अग्रवाल 

मन्दसौर २३ जनवरी ;अभी तक;  23 जनवरी को प्रदेश के समस्त रेडियोग्राफर्स की मांगों पर ध्यानाकर्षण हेतु प्रगतिशील रेडियोग्राफर्स संघ म.प्र. के आव्हान पर जिला मंदसौर के अंतर्गत रेडियोग्राफर साथियों द्वारा कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया।

संघ के जिला अध्यक्ष श्री मोहनलाल धनगर द्वारा बताया गया कि प्रगतिशील रेडियोग्राफर संघ म.प्र. द्वारा प्रदेश के रेडियोग्राफर डार्क रूम असिस्टेंट एवं एक्सरे विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांगों के संबंध में म.प्र शासन/प्रशासन को सभी जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपा गया। पूर्व में  ज्ञापन/पत्र के माध्यम से मांगो की पूर्ति हेतु समय समय पर ध्यानाकर्षण करवाया जाता रहा है। संघ के द्वारा बताया गया कि  संपूर्ण भारतवर्ष में मध्य प्रदेश ऐसा  इकलौता राज्य बन गया है जहां पिछले 28 वर्षों से प्रदेश के रेडियोग्राफर साथियों को मात्र 50 प्रतिशत ही विकरण भत्ता दिया जा रहा जबकि स्वास्थ्य विभाग में रेडियोलोजी विभाग में कार्यरत रेडियोग्राफर्स,डार्क रूम असिस्टेंट संवर्ग  ही एकमात्र ऐसा संवर्ग है जो दोहरे जोखिम को उठाकर कोरोना संक्रमित व संदिग्ध मरीजों की सेवा कर रहा है अन्य संवर्ग की तरह संक्रमण के खतरों के साथ उन्हें अदृश्य खतरनाक आयनिक विकिरण का दुष्प्रभाव भी झेलना पड़ता है। कोविड-19 वैश्विक महामारी के इस काल में रेडियोग्राफर्स डार्क रूम असिस्टेंट ने इस बीमारी से पीड़ित रोगियों की जांच कर व उपचार में उनके छाती के एक्सरे सीटी स्कैन जांच के कार्य में इनका  का अत्यधिक महत्व रहा है कोरोना से जंग में बखूबी भागीदारी अपनी अतिरिक्त ऊर्जा व समय के साथ निभाई है । अपना जीवन जोखिम में डालकर अपने परिवार का जीवन यापन करने वाले मध्य प्रदेश के रेडियोग्राफर्स को 28 वर्षों से रू. 50 जीवन सुरक्षा भत्ता दिया जा रहा है खतरनाक आयनिक विकिरण क्षेत्र में कार्य करने के कारण रेडियोग्राफर्स को विकिरण विशेष भत्ता रू. 50 अपर्याप्त है अतः विकिरण के दुष्प्रभाव को देखते हुए रेडिएशन भत्ता बढ़ाया जाना न्यायोचित है । वर्तमान में रेडियोलोजी क्षेत्र में निरंतर तकनीकी विकास के साथ-साथ पदेश में सड़क दुर्घटनाओं से मरीजों की संख्या बढ़ती गई है जिससे अत्यधिक मरीजों की जांच के दौरान रेडिएशन का खतरा भी अत्यधिक बढ़ गया है रेडियोग्राफर्स एक मात्र ऐसा सा संवर्ग है जो कि सभी रेडिएशन जनित  कार्यों को कुशलतापूर्वक संचालित कर रहा है इसी कारण मध्यप्रदेश शासन इस संवर्ग के लिए स्पेशल रेडिएशन भत्ता  रुपए 50 रु का निर्धारण किया हुआ है । जोकि वर्तमान परिप्रेक्ष्य मैं अत्यंत कम है रेडियोग्राफर संवर्ग के प्रति सम्मानजनक प्रतीत नहीं होता है रेडिएशन भत्ते में संशोधन करें उसे बेसिक पे का 25 प्रतिशत किया जाए। साथ ही अन्य मांगों में ग्रेड पे केंद्र व अन्य राज्यों की भांति 2800 से बढ़ाकर 4200 किया जाए , पदनाम रेडियोग्राफर के स्थान पर रेडियोलॉजी ऑफिसर एवं डार्करूम असिस्टेंट का पदनाम सहायक रेडियोलॉजी ऑफिसर करने सहित 11 सूत्रीय मांगे शामिल है। अतः उपरोक्त स्थिति में प्रगतिशील रेडियोग्राफर संघ म.प्र. द्वारा चरणबद आन्दोलन के तहत आज ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है।
आज के ज्ञापन सौपने वालों में प्रमुख़ रूप से उज्जैन संभागीय उपाध्यक्ष श्री बृजमोहन मेवाड़ा, मंदसौर संघ जिला सलाहकार श्री रनसिंह तोमर, श्री रामचंद्र परमार, जिला अध्यक्ष मोहनलाल धनगर, जिला कोषाध्यक्ष श्री कृष्णकांत भावसार, जिला महामंत्री श्री मनोहर प्रसाद बोराना ,जिला उपाध्यक्ष दशरथलाल शर्मा, जिला मिडिया प्रभारी श्री पप्पु चौहान, जिला सचिव श्री सुनील सोनी, जिला सह सचिव धनंजय शाक्य, सह मिडिया प्रभारी राहुल चौहान ,सदस्य श्री श्रीपाल सिंह देवड़ा आदि उपस्थित रहे ।