मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड सीतामऊ में आदि शंकराचार्य की जयंती मनाई

7:11 pm or May 9, 2022

महावीर अग्रवाल 

मंदसौर सीतामऊ । ९ मई ;अभी तक;  आदि शंकराचार्य जी ने अल्पायु में ही वेदों का अध्ययन कर लिया था । 32 वर्ष की आयु में आदि शंकराचार्य ने जो भारत को दिया है ,वह अकल्पनीय है । भारत देवों की भूमि है ,यहां जन्म लेना ही सौभाग्य की बात है ।यह बात मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड सीतामऊ में आयोजित आदि शंकराचार्य की जयंती के उपलक्ष्य में जनपद पंचायत सीतामऊ के सभागृह में मुख्य वक्ता के रूप में सुरेश कुमार अधिवक्ता ने कही ।

इस अवसर पर श्री सुरेश कुमार अधिवक्ता ने कहा कि आदि शंकराचार्य जी ने बिना भेदभाव के धर्म का प्रचार किया । मध्य प्रदेश के ओकारेश्वर से यात्रा प्रारंभ कर चार मठ (चार धाम) की स्थापना की है ।भारत की संस्कृति ।सभ्यता मे उनका योगदान अकल्पनीय है ।उनका जन्म केरल के छोटे गाँव में हुआ था । बताया जाता है कि उनकी माता शिवभक्त थी और उनके संतान नहीं होने पर स्वयं भगवान शंकर ले उन्हें पुत्र के लिए स्वप्न में दर्शन दिए थे । इस अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक तृप्ति वैरागी ने कहा कि भारत में आदि शंकराचार्य जी ने धर्म को जन-जन तक पहुंचाने के लिए चार धाम की स्थापना की । उन्होंने मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम सहित जन अभियान परिषद की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी । कार्यक्रम का शुभारंभ आदि शंकराचार्य जी के चित्र पर माल्यार्पण कर  किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत विकासखंड समन्वयक नारायण सिंह निनामा, हरिओम गंधर्व ,लक्ष्मीनारायण मांदलिया, रजनीश शर्मा ,सुरेश पाटीदार द्वारा किया गया । इस अवसर पर ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के पदाधिकारी ,मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के सामाजिक कार्यकर्ता एवं सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित थे ।