मनरेगा योजना से नारायण के सपने हुये साकार खेत तालाब मिलने से जमीन हुई सिंचित

सौरभ तिवारी
होशंगाबाद ३१ अक्टूबर ;अभी तक;  शासकीय योजना किसी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का किस तरह सहारा बन सकती है इसका उदाहरण है पिपरिया जनपद की ग्राम पंचायत बनवारी के हितग्राही नारायाण पिता रामकिशन। नारायण जिन्होने कभी सोचा भी नही था की वह अपने खेत से इतना उत्पादन कर सकेंगे कि अपने परिवार का अच्छे से भरण पोषण कर सकेंगे लेकिन उनके इस सपने को मनरेगा योजना ने साकार कर दिया है।
                            मनरेगा योजना अंतर्गत नारायाण को उनके खेत पर खेत तालाब उपयोजना अंतर्गत सिंचाई तालाब का लाभ दिया गया, इस तालाब निर्माण में हितग्राही श्री नारायाण द्वारा श्रमिक के रूप में कार्य भी किया गया जिससे उन्हे व उनके परिवार के अन्य सदस्यों को मजदूरी राशि भी प्राप्त हुयी। उक्त कार्य पर कुल 3.32 लाख की लागत से किया गया है। नारायाण  बताते है कि उनके खेती का रकबा बहुत कम था उसपर भी जो भूमि थी वह पडत की जमीन थी, जिसपर बिना सिंचाई पैदावार करना असंभव जैसा था इसलिये दूसरों के खेतों मे मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे। फिर ग्राम पंचायत में अपने खेत पर तालाब निर्माण के लिये आवेदन दिया और तालाब स्वीकृत भी तत्काल हो गया । पहले वर्ष में तालाब के पानी से खेतों मे सिंचाई की जिससे पैदाबारी मे वृद्धि होने से आमदनी में इजाफा हुआ। आर्थिक रूप से थोडा मजबूत होने पर सोचने का दायरा भी बढ गया और फिर नयी सोच के साथ अपने खेत तालाब में सिंघाडा उत्पादन का  कार्य भी प्रारंभ किया है अब तालाब में सिंघाडे भी आ गये है दीपावली व ग्यारस के त्यौहार पर अपने सिंघाडों के विक्रय से इस वर्ष मेरी दीपावली भी सुखद हो सकेगी। नारायण के होंसलो की उडान अभी भी धमी नही है वह आगे बताते है कि दिवाली बाद वह उनके तालाब में मछली पालन का कार्य भी प्रारंभ करेंगे।वह कहते हैं कि जब जमीन बंजर थी तो सोच का दायरा भी बंजर था, अब जमीन में सिंचाई सुविधा मिल गयी है तो सोचने का नजरिया भी बदल गया है और अब मेरे दिन भी बदल गये हैं।