मनोज भरतकर, ग्रामीण जिलाध्यक्षमोहन ढाकसे, शहर कांग्रेस अध्यक्ष

9:48 pm or January 23, 2023

मयंक शर्मा

खंडवा 23 जनवरी अभीतक । आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने जिले में दलित, आदिवासी कार्ड खेला है। रविवार रात एआइसीसी से प्रदेशभर में कांग्रेस पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों की सूची जारी की गई है। खंडवा में चैकाने वाले नाम सामने आए है। कांग्रेस ने पंधाना विधानसभा से आदिवासी नेतृत्व वाले जिपं सदस्य मनोज भरतकर को ग्रामीण जिलाध्यक्ष की कमान सौंपी है। वहीं, शहर अध्यक्ष के लिए दलित वर्ग से आने वाले रोशनाई निवासी मोहन ढाकसे को शहर अध्यक्ष बनाया गया है। साथ ही अजय ओझा, कुंदन मालवीया और जितेंद्र सिंह इंधावड़ी को पीसीसी में महासचिव बनाया गया है। सूची जारी होते ही विरोध के स्वर भी तेज होने लगे है।
कांग्रेस जिलाध्यक्षों की सूची जारी होते ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी व पिछली विधानसभा के उम्मीदवार कुंदन मालवीया ने फेसबुक पर एक पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने लिखा है जो स्वीकार नहीं है, मतलब नहीं है। इस पोस्ट से कांग्रेस में हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि कुंदन मालवीया अरुण यादव के घोर विरोधी है। इस मामले में कुंदन मालवीया का कहना है कि बैठक में ये तय हुआ था कि ग्रामीण अध्यक्ष ग्रामीण क्षेत्र से और शहर के व्यक्ति को शहर अध्यक्ष बनाया जाएगा। मनोज भरतकर को हम पहचानते ही नहीं। मोहन ढाकसे ग्रामीण क्षेत्र से आते है, हमें दोनों ही स्वीकार नहीं है।

उल्लेखनीय हे  कि 11 साल बाद जिले में कांग्रेस की कमान ठाकुर और गुर्जर वर्ग से निकलकर दलित और आदिवासी वर्ग को मिली है। लोकसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद 9 दिसंबर 2021 में शहर अध्यक्ष ठा. इंदलसिंह पंवार और ग्रामीण जिलाध्यक्ष ओंकार पटेल को पद से हटाया गया था। पिछले साल महापौर चुनाव के चलते अस्थाई रूप से दोनों को वापस प्रभार सौंपा गया था। शहर अध्यक्ष पंवार और जिलाध्यक्ष पटेल दोनों ही पूर्व सांसद व पूर्व पीसीसी अध्यक्ष अरुण यादव के कट्टर समर्थक माने जाते है। 11 साल बाद भले ही जिलाध्यक्षों के चेहरे बदले हैं, लेकिन कमान अरुण यादव गुट के ही हवाले है। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष मनोज भरतकर और शहर अध्यक्ष मोहन ढाकसे भी अरुण यादव के कट्टर समर्थक है।

0संगठन दायित्व देकर दावेदार दूर किये।
मनोज भरतकर वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य है। भरतकर पंधाना विधानसभा के लिए भी उम्मीदवारी की तैयारी में है। वहीं, मोहन ढाकसे वर्ष 2013 में कांग्रेस के टिकट पर खंडवा विधानसभा का चुनाव लड़ चुके है। वर्ष 2018 में भी उन्होंने दावेदारी की थी और आगामी विधानसभा 2023 के लिए भी टिकट की दौड़ में बने हुए थे। कांग्रेस हाईकमान ने दोनों को पद सौंपा है, जिससे इनकी उम्मीदावारी पर रोक भी लग सकती है।

नहीं चली राजनारायण पुरनी की
जिले और शहर क कमान दलित व आदिवासी वर्ग को मिलने से जिले की एकमात्र सामान्य विधानसभा मांधाता पर असर पड़ेगा। यहां पूर्व विधायक ठा. राजनारायण सिंह मांधाता विस के सामान्य वर्ग से जिलाध्यक्ष या शहर अध्यक्ष के लिए भागदौड़ में लगे हुए थे। अब दलित, आदिवासी वर्ग को कांग्रेस की कमान मिलने से सामान्य वर्ग से मांधाता विधानसभा के लिए उम्मीदवारों की भी संख्या बढ़ेगी। ऐसे में राजनारायण सिंह और उनके पुत्र उत्तमपाल सिंह की उम्मीदवारी खतरे में पड़ सकती है।