मप्र मानव अधिकार आयोग ने खनियांधाना एवं चंदेरी में आंगनवाडी केन्द्रों का निरीक्षण

7:22 pm or September 20, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर , भोपाल २० सितम्बर ;अभी तक;  मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री नरेन्द्र कुमार जैन एवं माननीय सदस्य श्री मनोहर ममतानी ने 20 सितम्बर को शिवपुरी जिले के खनियांधाना के ग्राम गूडर में आंगनवाडी केन्द्र क्र.-दो एवं अशोकनगर जिले के चंदेरी में सकलपुर रोड स्थित  सकलाबावडी मोहल्ले की आंगनवाडी नम्बर फर्स्ट का निरीक्षण किया।
                           आयोग पदाधिकारियों ने केन्द्र में दर्ज माताओं और बच्चों से चर्चा की। उन्हें दिये जा रहे पोषण आहार, स्वास्थ्य टीकाकरण व अन्य शासकीय सुविधाओं के बारे में जानकारियां ली और स्वयं भी इन सुविधाओं का जायजा लिया।आयोग पदाधिकारियों ने इस केन्द्र के माध्यम से कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिये किये जा रहे प्रयासों की भी जानकारी ली।
                         शिवपुरी जिले के ग्राम गूडर की आंगनवाडी निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय एसडीएम, तहसीलदार व जिला महिला बाल विकास विभाग शिवपुरी के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। यहां पदस्थ आंगनवाडी कार्यकर्ता श्रीमती उमा पिरोहित व सहायिका श्रीमती क्रांति जाटव ने आयोग पदाधिकारियों को केन्द्र की सभी व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से सिलसिलेवार जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि इस आंगनवाडी केन्‍द्र में 10 गर्भवती महिलाएं, 10 धात्री महिलाएं व 0 से 6 वर्ष की आयु के कुल 126 बच्चे दर्ज हैं। इन सभी का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। समय पर वजन लेकर तय वक्त पर सबका टीकाकरण भी कराया जा रहा है। शासन की सभी योजनाओं का लाभ बच्चों और माताओं को दिया जा रहा है।
                           अशोकनगर जिले के चंदेरी की आंगनवाडी निरीक्षण के दौरान एसडीएम, तहसीलदार, एकीकृत बाल विकास परियोजना चंदेरी के सीडीपीओ श्री एस. शेखरन, सेक्टर सुपरवाईजर सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।यह आंगनवाडी केन्द्र एक पुराने शासकीय भवन में संचालित है। भवन चारों ओर से खुला हुआ है, इस कारण से शौचालय भी अपूर्ण हालत में है। आयोग पदाधिकारियों ने इस बारे में विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। फिर उन्हें  निर्देशित किया कि इस आंगनवाडी केन्‍द्र भवन के चारों ओर बाऊंड्री वाल बनवाई जाये। आयोग की ओर से भी यहां बाऊंड्री वाल व पक्का शौचालय बनवाने के लिये राज्य शासन को अनुशंसा की जायेगी। यहां की आंगनवाडी कार्यकर्ता सुश्री शाइस्ता खान एवं सहायिका सुश्री शमीम बानो ने आयोग पदाधिकारियों को जानकारी दी कि इस आंगनवाडी केन्‍द्र में 14 गर्भवती महिलाएं, 19 धात्री महिलाएं व 0 से 6 वर्ष की आयु के कुल 142 बच्चे दर्ज हैं। अतिकुपोषित बच्चा मिलने पर उसे एनआरसी में भर्ती कराते हैं। कुपोषित बच्चों को डबल पोषण आहार दिया जाता है। स्वास्थ्य विभाग की एएनएम द्वारा टीकाकरण किया जाता है। इसके अलावा बच्चियों को लाडली लक्ष्मी योजना और माताओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ भी दिया जा रहा है।