महंगेे दिनों की भरमार, मोदी-शिवराज सरकार, कांग्रेस की महती सभा में नेताओं ने लगाये भाजपा पर गंभीर आरोप

मयंक शर्मा

खंडवा  22 अक्टूबर ;अभी तक;  हर मोर्चे पर घोर संकट के बावजूद आसमान छूती कीमतें आम लोगों के जले पर नमक छिड़क रही है। असंवेदनशील, बेपरवाह, मोदी-शिवराज सरकार ने गंभीर आर्थिक मंदी के दौरान भी देशवासियों को आसमान छूती कीमतों से बोझ के नीचे दबा दिया है। लोगों के हाथों मंे धनराशि पहुंचाने की बजाय यह सरकारें उन्हें अपनी जरूरत के सामान के लिए ज्यादा मूल्य चुकाने को मजबूर कर रही है। लिहाजा, आम जनता ज्यादा गरीब हो रही है।

यह आरोप खंडवा शहर के केवलराम पेट्रोल पंप चौराहा पर हुई आमसभा में पूर्व मंत्री व विधायक पीसी शर्मा, पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू, कालापीपल विधायक कुणाल चौधरी, अभा युवक कांग्रेस की महासचिव प्रतिभा रघुवंशी, शहर/जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष रचना तिवारी, हेमलता पालीवाल व वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुनील सकरगाये व डॉ. चैनसिंह वर्मा ने अपने संबोधन में लगाये। उक्त नेताओं ने कहा कि खाद्य तेलों का मॉडल रिटेल मूल्य पिछले एक साल में 25 से 50 प्रतिशत बढ़ गया है। मॉडल वनस्पति मूल्य 80 रूपए प्रति लीटर से बढ़कर 120 रूपए प्रति लीटर हो गया है। सुरजमुखी तेल के 1 लीटर तेल का पैक एक साल पहले 110 रूपए प्रति लीटर था, आज 150 रूपए से अधिक में बिक रहा है। रसोई गैस अप्रैल 2014 में जहां 414 रूपए प्रति सिलेंडर था अब 915 रूपए से अधिक हो गया है। यानि सात सालों में दोगुने से अधिक!

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता के भारी विरोध के बावजूद भी पेट्रोल-डीजल के दामों मंे लगातार वृद्धि की जा रही है। 100 रूपए से      अधिक प्रति लीटर पेट्रोल व डीजल बिक रहा है। तर्कहीन जीएसटी दरंे भी उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है। 2021-2022 में केंद्र ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें 66 से अधिक बार बढ़ा दी है। इसी प्रकार पिछले सात सालों में पेट्रोल पर एक्साईज ड्यूटी 247 प्रतिशत और डीजल पर 794 प्रतिशत बढ़ाई गई है। इसके उलट एक्साईज ड्यूटी से सरकार की आय 2014-2015 में 1.72 लाख करोड थी। 2020-2021 में 4.53 लाख करोड हो गई है। पेट्रोल व डीजल पर लगाये गये टैक्स में सेस का प्रतिशत अत्याधिक है। यही हाल  तुअर, मूंग, उड़द की दालें सरसों व खाने के तेल में है। 2014 की तुलना में 2021 में इनकी कीमतें दोगुनी से अधिक बढ़ गई है। कुल खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 50 से 300 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हर मोर्चे पर असफल हो जाने के बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह किस मुंह से वोट मांगने की बात कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने विभिन्न समस्याओं से जूझ रही खंडवा शहर की आम जनता से भी आग्रह किया है कि जब खंडवा में पिछले 25 सालों से पंच से लेकर प्रधानमंत्री तक भारतीय जनता पार्टी का ही वर्चस्व है तो क्षेत्र का विकास क्यों नहीं हो पाया? यह उन्हें भारतीय जनता पार्टी के नुमाइंदों से पूछना चाहिए। सभा का संचालन शहजाद पवार ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद थे।