महक ने थामा 55 दिव्यांगों का हाथ

मयंक भार्गव

बैतूल २० नवंबर ;अभी तक;  दिव्यांगों को कृत्रिम हाथ लगाकर लायंस क्लब महक ने दिव्यांगों का हाथ थामने का पुनीत कार्य किया है। अब दिव्यांगों को रोजमर्रा के कार्य करने में दिक्कत नहीं होगी। दिव्यांगों ने महक के इस कार्य के लिए उन्हें साधुवाद दिया है। लायंस क्लब महक की अध्यक्ष कंचना आहूजा ने बताया कि लायंस क्लब महक व्दारा इनाली फाउंडेशन के सहयोग से आज शुक्रवार से दो दिवसीय कृत्रिम हाथ प्रत्यारोपण शिविर का आयोजन रामकृष्ण धर्मशाला में  किया गया है। दो दिवसीय शिविर में लगभग 55 हाथों का प्रत्यारोपण किया जाना है। इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

दिव्यांग की कहानी उन्हीं की जुबानी

इस शिविर में बालाघाट से आए जितेन्द्र पाचे ने बताया कि पांच साल पहले घर की छबाई करते समय करंट लगने से उसके दोनों हाथ खराब होने के कारण काटने पड़े और वह बेरोजगार हो गया था। इसके बाद वह अपने बुजुर्ग माता- पिता पर आश्रित था। आज शिविर में हाथ लगने के बाद वह फिर से काम करने लगेगा। महक व्दारा आयोजित इस शिविर में बैतूल जिला के अलावा बालाघाट, नरसिंहपुर, खंडवा और हरदा से भी मरीजों ने आकर हाथ लगवाया।

इनाली फाउंडेशन पूना की महिमा सिन्हा ने बताया कि इनाली आर्म थर्मोप्लास्टिक से बना बहुत ही हल्का हाथ है जिसका वजन केवल 400 ग्राम है साथ ही यह हाथ चलायमान और चार्जजेबल  है इसमें लिथियम बैटरी लगी हुई है इस हाथ से लगभग 10 किलो तक का वजन उठाया जा सकता है।  बाजार में इस कृत्रिम हाथ की क़ीमत लगभग 3 लाख रूपये है लेकिन हमारी संस्था इसे नि:शुल्क उपलब्ध करा रही है। लायंस क्लब महक की कंचन आहूजा और मंजुला पाठक ने इनाली फाउंडेशन को इस सेवा कार्य के लिए ह्रदय से आभार व्यक्त किया है।

यह थे मौजूद

इस शिविर में लायंस क्लब सिटी से लायंस परमजीत बग्गा, लायंस जितेन्द्र कपूर, लायंस संदीप गुप्ता, लायंस रिप्पी बग्गा, लायंस ब्रजमोहन भट्ट, लायंस शोभा भट्ट, लायंस नीलम दुबे, लियो सागर जसूजा, महक टीम की सपना सोनी, मधुबाला देशमुख, कोमल लुधियानी, दीपाली कौशिक, उमा पवार,  संगीता गुप्ता, दीप्ति, अनामिका मालवीय, बिंदु पवार, कीर्ति चंदेल, दीपा जसूजा, निहारिका भावसार और तरूणा द्विवेदी उपस्थित रहीं। शिविर में मरीजों के लिए भोजन पैकेट की व्यवस्था जय गुरूदेव आश्रम उज्जैन की बैतूल संगत के व्दारा की गई। संगत के व्दारा कल शनिवार को भी भोजन प्रसादी की व्यवस्था की जाएगी।