महानगरों में तकरीबन 10000 कि.ग्रा. मावा 1000 कि.ग्रा. नकली घी खपाया जा रहा

भिण्‍ड से डॉ. रवि शर्मा-

भिंड १० अक्टूबर ;अभी तक; नवदुर्गा उत्सव के दौरान शहरों में मावा की मांग बढ़ गई है। भिंड के गोरमी कस्बे के पास स्थित कृपे का पुरा में मिलावटी मावा बनाए जाने का कारोबार चल रहा था। यह सूचना पर देर रात पुलिस और फूड सेफ्टी अफसरों ने छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई में सबसे चौकाने वाला पहलू यह सामने आया कि डेयरी संचालक दूध से क्रीम काे निकाल लेता था। मावा में वानस्पति वसा मिलाकर चिकनाई ला रहा था। यहां बड़ी मात्रा में छापामारी के दौरान मावा और घी बरामद हुआ। फूड अफसरों ने सेम्पलिंग की है। वहीं पुलिस ने एक युवक को आरोपी भी बना दिया।

फूड सेफ्टी अफसर के मुताबिक गोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम कृपे के पुरा में नीलेश लोधी की डेयरी पर मिलावटी खोआ तैयार होने की सूचना मिल रही थी। यह बात की पुष्टि होने पर गोरमी थाना प्रभारी सुरेशचंद्र बंसल के साथ रात साढ़े दस बजे कृपे का पुरा पर फूड सेफ्टी अफसरों की टीम ने छापामार कार्रवाई की। यहां डेयरी पर मावा बनाए जाने का काम चल रहा था। पुलिस और फूड अफसरों को देखकर डेयरी पर काम करने वाले कर्मचारी भाग खड़े हुए। मौके पर पाया कि दूध से क्रीम निकालकर घी निकाल लिया जाता है। मावा में चिकनाई लाने के लिए डालडा और रिफाइंड को मिलाया जाता है। डेयरी पर डालडा और रिफाइंड भी बरामद किया गया। इसके अलावा तैयार मावा 110 KG, 2 क्विटंल दूध की क्रीम से तैयार घी और 2 क्विटंल दूध से निकाली गई क्रीम भी मिली। डेयरी संचालक यह मावा को सीधे ग्वालियर भेजता था। ग्वालियर से यह मावा दूसरे शहरों में सप्लाई होने जाता था। पुलिस ने डेयरी संचालक पर मिलावट खोरी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

शुद्ध मावा-210 और मिलावटी मावा-160 रुपए / KG

पूछताछ में डेयरी संचालक नीलेश ने बताया कि सस्ता मावा की मांग ज्यादा है। इसलिए ऐसे ग्राहकों को लिए डालडा और रिफाइंड से मावा तैयार किया जाता है। वहीं ग्राहकों की मांग पर प्योर दूध का मावा तैयार किया जाता है। डेयरी से व्यापारी को शुद्ध मावा को् 210 रुपए प्रति किलो है। वहीं डालडा और रिफाइंड से तैयार किए जाने वाले मावा की कीमत 160 रुपए प्रति किलो है।