महामारी के नए वायरस से लोगों को ज्यादा खतरा-सिविल सर्जन, 24 मार्च को होगा पत्रकारों का टीकाकरण

12:47 pm or March 20, 2021
24 मार्च को होगा पत्रकारों का टीकाकरण
महावीर अग्रवाल
मंदसौर २० मार्च ;अभी तक;   जिला प्रेस क्लब में मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ केएल राठौर और सिविल सर्जन डॉ डीके शर्मा ने पत्रकारों से कोरोना और स्वास्थ्य संबंधित अन्य विषयों को लेकर चर्चा की। इसमें सीएमएचओ डॉ राठौर ने कहा कि पूर्व में लॉक डाउन के समय लोग खासी सावधानी बरत रहे थे, लेकिन अब कोरोना की दूसरी लहर में लोग लापरवाही दिखा रहे हैं। यहीं कारण है कि कोरोना के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं।
                    सिविल सर्जन डॉ डीके शर्मा ने कहा कि यह कोरोना का यह वायरस यूके, ब्राजील और अफ्रिका का है। दूसरी कोराना लहर का यह वायरस शरीर के लिए और ज्यादा खतरनाक है। इसलिए सावधानी जरुरी है। कार्यक्रम के बाद डॉ मनोज उपाध्याय और डॉ राजेश बोराना द्वारा पत्रकारों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। पत्रकारों को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए सर्टीफीकेट भी प्रदान किए गए। प्रेस क्लब अध्यक्ष ब्रजेश जोशी ने बताया कि गाईड लाईन के अनुसार 45 वर्ष से अधिक उम्र के पत्रकारों को रेवास देवड़ा रोड स्थित वैक्सीन टीकाकरण सेंटर पर बुधवार 24 मार्च को टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा जिन पत्रकारों के स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो पाया है। वह जिला अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ डीके शर्मा से संपर्क कर स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर सर्टीफीकेट प्राप्त कर सकते हैं। आरम्भ में अतिथि डाक्टरद्वय तथा वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र लोढ़ा व महावीर अग्रवाल ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। अतिथि डॉक्टरों का स्वागत जिला प्रेस क्लब के संरक्षक गण संजय पोरवाल व नरेन्द्र अग्रवाल और अध्यक्ष ब्रजेश जोशी ने किया। कार्यक्रम का संचालन जिला प्रेस क्लब सचिव पुष्पराजसिंह राणा ने किया। आभार जिला प्रेस क्लब उपाध्यक्ष ईश्वर रामचंदानी ने माना।
*एंबुलेंस संचालकों का गिरोह सक्रिय*
डॉ डीके शर्मा ने एक प्रश्र के जवाब में कहा कि जिला अस्पताल में एंबुलेंस संचालकों  का गिरोह सक्रिय है। मरीज के अस्पताल पहुंचते ही गिरोह के सदस्य परिजनों से संपर्क कर लेते हैं। इसके बाद जहां चिकित्सक रेफर करते है, वहां ले जाने की बजाय अन्य महंगे अस्पताल में मरीजों को ले जाया जाता है। जहां एंबुलेंस संचालको का कमीशन होता है। शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल के पास एक एंबुलेंस है। रेडक्रास के अलावा १०८ एंबुलेंस का उपयोग भी मरीज कर सकते हैं। यह बात सही है कि इन एंबुलेंस का किराया बाहर वाली एंबुलेंस से ज्यादा है। इसके लिए कलेक्टर से चर्चा कर किराया कम करने का निवेदन किया गया है। जिससे मरीजों को लाभ मिल सके।
*बेड भरने के बाद  लॉक डाउन की आशंका*
सीएमएचओ डॉ केएल राठौर ने कहा कि पूर्व में लॉक डाउन इसलिए लगाया गया था कि हम कोरोना से लडऩे के लिए तैयार नहीं थे। अब स्थिति तब बन सकती है, जब रतलाम, इंदौर, भोपाल जैसे शहरों में आईसीयू पूरी तरह से भर जाएगे। मरीजों को रखने के लिए जगह नही होगी। तब आशंका है कि लॉक डाउन मजबूरी बन जाएगा। डॉ.राठौर ने कहा कि जिला अस्पताल ही नहीं, बल्कि जिले के सभी सरकार अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी है। इसके बाद भी लोग चिकित्सकों पर दबाव बनाते हैं। यहीं कारण है कि बांड पर एक साल के लिए आए चिकित्सक सरकारी नौकरी नहीं करते हुए प्रायवेट की और रुख करते हैं।
*कोरोनाकाल में पत्रकारों का काम काबिले तारीफ*
कोरोनाकाल में पत्रकारों का काम काबिले तारीफ रहा है। यहीं कारण है कि हमने कोरोना पर पहले विजय प्राप्त की। पहले कोरोना मरीज कम थे तो हम सावधान थे। अब हम असावधानी बरत रहे हैं। उस समय सरकारी कार्यालय बंद थे। राजस्व विभाग सहित कई विभाग हमारे साथ मिलकर काम कर रहे थे, लेकिन अब सिर्फ स्वास्थ्य की टीम ही इस काम में लगी हुई है। स्वास्थ्य विभाग में भी कई विभागों के अधिकारियों द्वारा लेटर जारी किया गया है कि उनके कर्मचारियों को कोरोना डयूटी में नहीं लगाई जाए। जनता को अब सावधानी रखना जरुरी है।
*स्वयं भू एमडी बन गए*
डॉ डीके शर्मा ने कहा कि पहले रतलाम में जांच हो रही थी। अब निजी संस्थान में मंदसौर में ही जांच हो रही है। बीस से पच्चीस प्रश कोरोना होने के बाद भी घर पहुंचाया जा रहा है। लोग खुद ही इंजेक्शन घर पर लगवा रहे हें। इससे कई दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। कुछ लोग स्वयं भू एमडी बन रहे हैं। सीएमएचओ डॉ राठौर ने कहा कि निजी संस्थानों को बिना लाइसेंस के चिकित्सक चला रहे हैं। इसको लेकर भी कार्रवाई की जाएगी।
जल्द लगेगा ऑक्सीजन प्लांट

डॉ डीके शर्मा ने बताया कि किटनी के मरीजों के लिए पांच मशीनें है। अब डायसिसिस सेंटर के ऊपर एक और मंजिल तैयार कर वहां मशीनें लगवाने के लिए विचार किया जा रहा है। इसको लेकर विधायक यशपालसिंह सिसौदिया और कलेक्टर मनोज पुष्प से भी चर्चा हुई है। ऑक्सीजन प्लांट भी जल्द प्रस्तावित जगह पर स्थापित हो जाएगा। अठ दस दिन मेें लाईसेंस आने के बाद ब्लडसेपरेशन मशीन भी शुरु हो जाएगी। शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। स्थिति यह है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सक आपातकालीन डयूटी के लिए यहां बुलाने पड़ रहे हैं। कायाकल्प में अस्पताल के भवन के कारण पिछड गए। लोक निर्माण विभाग को कई बार भवन मरम्मत के लिए कहा गया। लेकिन बजट की कमी बताई जा रही है।

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