महिलाओं ने पानी के लिए निगम कमिश्नर कार का किया घेराव।

नायक शर्मा
खंडवा २२ जून ;अभी तक; भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी खंडवा को नर्मदा जल आपूर्ति योजना और जल सप्लाई के निजीकरण के बावजूद पानी संकट नगर में एक त्रासदी बना हुआ है। दर सपतह नर्मदाकी लाइ्रजिंग पाईप लाईन बस्ट होकर जलापूर्ति बाधित हो रही है।शनिवार को लाईन फूटने से फिर दो दो दिन से जलसंकट गहराया हुआ है। मंगलवार को दुबे कॉलोनी की महिलाओं ने निगम परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। निगम कमिश्नर सविता प्रधान के वाहन के सामने बैठकर धरना शुरू कर दिया। े कमिश्नर को वाहन से उतरकर समस्या सुनीं।
                 विरोध के बीच पेयजल समस्या के निराकरण को लेकर निगम कमिश्नर सविता प्रधान गौड़ ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि वे  शहर भ्रमण कर स्थिति को परखेगी। नवागत कमिश्नर के पद पर पहली बार यहां महिला पदस्थ हुई हे। एक हफे में ही उन्हें जन विरोध का सामना करना पड़ा है। यदि समस्या का कोई ठोस निराकरण नहीं होता है धीरे-धीरे अलग-अलग मोहल्लों और कॉलोनियों से महिलाएं एकजुट होगी ।
                     यह कहना अतिशयोक्ति नही होगी कि 200 करोड केन्द प्रवर्तित खंडवा को नर्मदा जल अपूर्ति की योजना को पीपपीपी मोड के हवाले किया जिसमें योजना को आकार देने भ्रष्टाचार कीपरते ही जमा होगी रही। समय समय पर मरंग व विरोध के वाजूद सत्तापक्ष भाजपा के नेता इसके उम्दा बतलाते रहे और नतीजा यह है कि योजना नकारात्मक पाले में चली गयी  है ओर नगर की 4 लाख की आबादी के लिये त्रासदी खडी कर गयी है। चैबीस घण्टे सातों दिवस जलआपूर्ति की शेजना के आगे नल बंूद बूद को तरस रहे  है। दो दशक के बाद भाी योजना अधर में है।नम्रदाजल की सप्लाई कर रही हैद्राबाद की विश्वा कंपनी के ख्लिाफ ननि अध्किारी प्राथमिकी दर्ज कराने के कांग्रेस के दबाब के आगे परहेज कर जाते है और इसी के चलते आज महिला आयुक्त  के खिलाफ नारेबाजी हो गयी। नगर वासी पानी के लिए तरस रहे है। किराये के टैंकर के सथ नागचून सुक्ता योजना पर निर्भरता कायम रखी जा रही है जिये दो दशक पहले हाशिये पर धकेल कर नर्मदा योजना पर महत्वकाक्षी बताकर महती रकम लुटा दी है।
                    जल संकट को लेकर लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।यही कारण है कि  महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। धरना दे रही महिलाओं को अधिकारियों की समझाइश के बाद भी महिलाएं जब कार के सामने से नहीं उठी तो निगमायुक्त को कार से उतरकर वापस कार्यालय में बैठना पड़ा। महिलाओं की जिद थी कि क्षेत्र में निगमायुक्त जाकर निरीक्षण करें। महिलाओं ने कहा कि हम टैंकर का पानी कब तक पिएंगे। पानी का टैक्स देते हैं तो जल वितरण नलों से होना चाहिए। करीब एक घंटे तक महिलाएं नगर निगम परिसर में प्रदर्शन करती रहीं। ननि के जल प्रभारी संजय शुक्ला को नगर निगम आयुक्त ने निर्देश दिए कि वह कॉलोनी में जाकर क्षेत्रवासियों की समस्या को समझ कर दूर करने का प्रयास करें। नगर निगम में गायत्री कालोनी से भी बड़ी संख्या में महिलाएं जल संकट की समस्या लेकर पहुंची। महिलाओं ने कहा कि उनकी कॉलोनी में ना तो नल से पानी दिया जा रहा है और ना ही टैंकर भेजे जा रहे हैं।  शहर में नर्मदा जल का वितरण करीब एक महीने से अुरी तरह लडखडा गया है।  विश्वा कम्पनी 32 एमएलडी के स्थान पर केवल 10 एमएलडी पानी शहर में दे रही है।