महिला मरीज को लात मारकर फिर चर्चा में आए डॉ. धाकड़, महिला की शिकायत पर डॉ. पर दर्ज हुआ मामला

मयंक भार्गव, बैतूल से

बैतूल २ ोक्रोबेर ;अभी तक;  विवादों से हमेशा ही चोली-दामन जैसा साथ रखने वाले सर्जन और पूर्व सीएमएचओ डॉ. प्रदीप धाकड़ फिर एक महिला मरीज को जिला अस्पताल में लात मारकर चर्चा में आ गए हैं। डॉ. प्रदीप धाकड़ के इस कृत्य पर पुलिस ने महिला के पति रिपोर्ट पर आपराधिक मामला भी दर्ज कर लिया है।

डॉक्टर के खिलाफ 3 धाराओं में दर्ज हुआ मामला

बैतूल में अपनी पदस्थापना के बाद सेही किसी ना किसी विवाद से मीडिय़ा की सुर्खियों में रहने वाले पूर्व सीएमएचओ एवं जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. प्रदीप धाकड़ एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। जिला अस्पताल में उपचार करवाने आई एक महिला मरीज ने डॉ. धाकड़ पर लात मारने का आरोप लगाया है। इसके बाद महिला के परिजनों ने अस्पताल में जमकर उत्पात मचाया। महिला के पति की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने डॉ. प्रदीप धाकड़ के खिलाफ धारा 294, 323, 506  आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया है।

एक नजर में पूरा घटनाक्रम

शहर के आजाद वार्ड निवासी महिला रेशमा खान पति करीम खान शनिवार दोपहर में अपना उपचार करवाने जिला अस्पताल आई थी। रेशमा को सर्जरी संबंधी समस्या होने पर वह सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप धाकड़ के पास उपचार करवाने गई। इस दौरान रेशमा खान ने डॉ. धाकड़ से कहा कि वह पूर्व में भी उपचार करवा चुकी है। इसके बावजूद उसे आराम नहीं लगा। रेशमा खान अस्पताल में भर्ती होने की बात कर रही थी। लेकिन डॉ. ने कह दिया कि अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है। सर्जरी वार्ड में बेड भी खाली नहीं है। इस दौरान डॉ.धाकड़ और महिला के बीच इसी बात को लेकर बहस होने लगी। महिला ने बताया कि इस दौरान डॉ. धाकड़ ने महिला को लात मार दी। इससे महिला के साथ आए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल चौकी के पुलिसकर्मी भी हंगामा शांत नहीं कर पाए।

अस्पताल पहुंची कोतवाली पुलिस

अस्पताल चौकी प्रभारी सुरेंद्र वर्मा ने कोतवाली थाने में समूचे घटनाक्रम की सूचना दी। इसके बाद कोतवाली से पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने दोनों को समझाईश देकर मामला शांत करवाया। वहीं पीडि़त महिला मरीज और उसके पति को कोतवाली ले गए। कोतवाली थाना प्रभारी रत्नाकर हिंगवे ने बताया कि मरीज महिला के पति कलीम शाह की रिपोर्ट पर डॉ. प्रदीप धाकड़ के खिलाफ धारा 294, 323, 506 आईपीसी के  तहत अपराध दर्ज किया है। अस्पताल में हंगामे के कारण मरीज और उनके परिजनों की भीड़ जमा हो गई थी। इस दौरान अस्पताल का कामकाज भी प्रभावित हुआ।