मांगों को लेकर आशा, उषा कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी रही हड़ताल पर  किया प्रदर्शन, दिया ज्ञापन

7:03 pm or July 25, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर २५ जुलाई ;अभी तक;  आशा, उषा, आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा (सीटू) के तत्वावधान में अपनी मांगों को लेकर  आशा, उषा, आशा सहयोगी ने प्रदेश व्यापी हड़ताल की। इसके अंतर्गत मंदसौर जिले की  आशा, उषा, आशा सहयोगी ने भी हड़ताल रखकर दशपुर कुंज में एकत्र होकर प्रदर्श किया। साथ ही मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एक ज्ञापन सीएमएचओ डॉ. के.एल. राठौर को देकर  आशा, उषा, आशा सहयोगी को अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त वेतन की मांग सहित अन्य मांगों को रखा।
                           ज्ञापन में कहा कि प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु की चिंताजनक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार लाने में प्रदेश की आशा, उषा एवं आशा पर्यवेक्षकों की महत्त्वपूर्ण योगदान रही है। आज भी इस मामले में मध्य प्रदेश की स्थिति अच्छी नहीं है, इसमें सुधार लाने के लिए और भी गंभीर प्रयास की जरूरत है। इसी तरह कविड संक्रमण के खतरनाक दौर के बाद समाज में अलग अलग तरह की बीमारियों एवं महामारियों का संक्रमण का खतरा बनी हुई है, जिससे आमजनता की स्वास्थ्य की रक्षा करने को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग की है। स्वास्थ्य विभाग को अमला में सबसे अग्रिम पंक्ति में आशा ऊषा पर्यवेक्षक है, मैदानी स्तर पर सबसे अधिक काम का बोझ एवं जिम्मेदारी इन पर है। आशा ऊषा आशा पर्यवेक्षकों ने बखूबी से इसे निभा रही है। कोवि संक्रमण के दौरान अपनी जान का खतरे में डाल कर आम जनता की जान बचाने के कम में आशाओं का त्याग, समर्पण और सक्रियता समूचे दुनिया ने देखा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ग्लोबल हेल्थ लौडर्स  के सम्मान से देश व प्रदेश की आशाओं को नवाजा। इसके बाद प्रधानमंत्री ने भी आशाओं को काम की सराहना की। यह आशाओं के काम को मिली महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मान्यता है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि प्रदेश में आशायें 2000 रुपये के अल्प वेतन में जीवन चलाने के लिये विवश है। केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही 2000 रु की इस राशि के अलावा आशाओं को जरूरी वेतन के लिये अतिरिक्त राशि देने की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर है। अधिकांश राज्य सरकार आशाओं को अपनी ओर से निश्ति वेतन दे रही है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार अधिकांश आशाओं को अपनी ओर से कुछ भी नहीं दे रही है। यह कि मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा 21.12.2021 के आदेश के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से सम्बन्धित 7 कामों के प्रोत्साहन राशि में वृद्धि करने का आदेश जारी किया है। इसका लाभ प्रदेश की सभी आशाओं को नहीं मिलेगी । इलिये इस तरह इसे सभी आशाओं को नियमित रूप से मिलने वाला वेतन या आर्थिक लाभ के रूप में इसे नही देखा जा सकता है। प्रदेश में आशा एवं पर्यवेक्षकों का वर्तमान में मिल रही निश्चित चेतन 2000 रुपये मासिक है। प्रदेश को अधिकांश आशाओं को केवल यही राशि वेतन के रूप में मिल रही है। इसलिये मध्य प्रदेश की आशा एवं पर्यवेक्षकों की मांग निश्चित वेतन / प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की है। सरकार की ओर से इस सम्बन्ध में ठोस निर्णय मिलने तक आंदोलनात्मक कार्यवाही को चलाने एवं आगे बढ़ाने के लिये प्रदेश की आशा एवं आशा पर्यवेक्षक विवश है। इसी क्रम में विधानसभा का मानसून सत्र के दौरान 25 26 जुलाई को दो दिवसीय प्रदेश व्यापी हडताल एवं विधानसभा पर प्रदर्शन का निर्णय संयुक्त मोर्चा ने लिया था।
सरकार द्वारा विधानसभा सत्र की तिथी को परिवर्तित किये जाने की स्थिति में संयुक्त ने अपने आंदोलन की तिथी में परिवर्तित करते हुये 25 जुलाई 2022 को एक दिवसीय प्रदेश व्यापी करते हुये जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री से मांग की कि मिशन संचालक राष्ट्रीय मिशन मध्यप्रदेश द्वारा 24 जून 2021 को दिये निर्णय / प्रस्ताव के आधार पर आशा को 10,000 रू. एवं पर्यवेक्षकों को 15,000 रुपये वेतन / निश्चित वेतन दिया जावे। आशा ऊषा आशा सहयोगियों को कर्मचारी के रूप में नियमित किया जावे, तब तक न्यूनतम वेतन दिया जाये एवं  न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये किया जाये। आशा ऊषा आशा सहयोगियों को भविष्य निधि, ई. एस. आई. ग्रेच्युटी, पेंशन सहित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जावे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश के लिये पर्याप्त बजट आवंटित किया जावे। आशाओं के प्रोत्साहन राशि का भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित किया जावे। प्रोत्साहन राशि में की जा रही अनुचित कटौती को रोका जाये। प्रत्येक आशा से अब तक काटी गयी सभी राशियों का एरियर सहित भुगतान किया जाये। आशाओं के द्वारा की गयी कोविड वैक्सीनेशन ड्यूटी, एनसीडी सर्वे, परिवार नियोजन का सभी बकाया प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जावे। एनसीडी सर्वे हेतु विभाग की ओर से जरूरी मात्रा में फार्म उपलब्ध कराया जाये। प्रत्येक माह की 5 तारीख को आशा एवं पर्यवेक्षकों का भुगतान सुनिश्चित किये जाने हेतु ठोस कदम उठाया जाये। निर्वाचन कार्य में लगाये गये सभी आशा एवं पर्यवेक्षकों को अन्य कर्मचारियों की तरह निर्वाचन कार्य का भुगतान किया जावे।
इस अवसर पर आशा, उषा, आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा (सीटू) अध्यक्ष माधुरी  सौलंकी, महासचिव दीपिका हलकारा, साधना सेन धुंधड़का, कविता हलकारा, संगीता आसलिया, गायत्री आसलिया, सविता पाठक, निर्मला जैन, गायत्री चौहान, हेमलता दुबे, आशा सन्नु लोहार, शकरकुंवर, शांति शिवकन्या गोस्वामी, गटटूबाई, इन्द्र चौधरी, किरण बैरागी, धापु राठौर, नितु शर्मा, पुष्पा मालवीय, रेखा सांवरिया, कारी पाटीदार, उषा गायरी, ममता शर्मा, शकुंतला भाटी, शांति वर्मा, संगीता चौहान, मनीषा कुंवर, टीना नायक, संतोष गोस्वामी, मंगला सेन सहित बड़ी संख्या में आशा, उषा, आशा सहयोगिनी उपस्थित थी।