मांस भक्षण एवं किसी भी प्रकार के नशा को बढ़ावा देने वाला धर्म नहीं पाखंड है- देवकन्या शांति पाटीदार

7:14 pm or July 20, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर २० जुलाई ;अभी तक;  गायत्री परिवार द्वारा अभिषेक के क्रम में ग्राम बुगलिया में सातवें दिवस का अभिषेक संपन्न कराते हुए गायत्री परिवार की देवकन्या शांति पाटीदार ने अपने उद्बोधन में कहा धर्म में आई विकृति ने समाज को कहीं का नहीं छोड़ा है आज लाखों पशुओं की बलि देकर किस प्रकार से परिवार में शांति रह सकती है और भक्षण करने वाले को कभी भी भगवान के दर्शन तो क्या उसे जीवन में कुछ भी नहीं मिलेगा वह साक्षात राक्षस के गुणों से पोषित हो जाएगा।
                                किसी भी धर्म में किसी को काटकर खाने का उल्लेख नहीं मिलता या धर्म को सही मार्ग पर ले जाने की जरूरत है वर्तमान समय में भगवान के नाम पर नशा करना, भांग खाना, तंबाकू खाना और यह कहना कि हम भोलेनाथ के भक्त हैं ऐसी स्थिति में ईश्वर प्राप्ति का या माध्यम बिल्कुल गलत है जिस प्रकार से हम अपने परिजनों को प्रेम करते हैं उनके अपने से अलग होने पर गहरा दुख होता है उसी प्रकार प्रत्येक जीव को अपना जीने का अधिकार है वह चाहे किसी भी प्रकार की बलि हो समाज के अंदर यह अपने ही द्वारा धर्म में विकृति पैदा की गई यदि छोड़ना है तो अपने क्रोध को छल कपट को छोड़े। हर प्रकार की धर्म में आई बुराइयों को धीरे धीरे धर्म के प्रचारकों को कमी करने के लिए अपने मंचों से इस बात को उठाया जाना चाहिए भगवान पशुपतिनाथ, महाकाल इस दुनिया की कष्ट, कठिनाइयों को और इस सृष्टि पर जो विष निकला था उसको गले में धारण करते हुए नीलकंठ कहलाए । उसके बाद किसी को नशा करने की जरूरत नहीं है यह अपनी तुच्छ मानसिकता का प्रतीक है। यदि स्वस्थ मन से आनंदित होकर एक सावन मास में ही बड़ी श्रद्धा के साथ अभिषेक के साथ भगवान शिव की स्तुति कर लेगा उसे सब साधनों का लाभ मिल जाएगा। गायत्री परिवार ने निशुल्क अभियान को बहुत बल दिया है गायत्री परिवार के संस्थापक वेद मूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने मानव मात्र एक समान एक पिता की संतान मनुष्य जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है अपना सुधार संसार की सबसे बड़ी सेवा है हर व्यक्ति ब्राह्मण बन सकता है। ब्राह्मण वही है जो कम से कम साधनों में अपने जीवन को चलाते हुए समाज को नई दिशा दें ।
                          गायत्री परिवार के ग्राम बुगलिया में राजेश जाट, दिनेश जाट, चंद्रशेखर टेलर द्वारा विशेष रूप से इस अभिषेक में सेवा की गई। जितेंद्र सिंह, श्रीमती रेखा, चंद्रकला सेठिया, मीरा मंडोवरा, मधु चंद्रावत, श्री भंवरसिंह चंद्रावत विशेष अभियान को गति देते हुए घर घर में भगवान शिव की स्थापना को लेकर संकल्पित हैं। इस साल बड़े परिवर्तन का संकल्प लिया गया है। 21वीं सदी उज्जवल भविष्य का नारा देते हुए या अभियान चलाया जा रहा है। यह जानकारी पवन गुप्ता ने दी