मां शिवना में श्रमदान के लिये तहसील क्षेत्रों से भी आने का क्रम हुआ प्रारंभ

6:51 pm or May 30, 2022
महावीर अग्रवाल 
मन्दसौर  ३० मई ;अभी तक;  शिवना शुद्धिकरण अभियान गहरीकरण अभियान में प्रशासन व संगठन के साथ पिपलिया मंडी से चलकर प्रवीणा गुप्ता अपने साथियों के साथ प्रातः काल शिवना तट पर पहुंची और उत्साह के साथ मंदसौर में सतत इस अभियान में सेवा दे रहे प्रशासनिक विभाग एवं संगठनों के साथ श्रमदान किया।
                      आज 12वें दिन का श्रमदान पशु पालन विभाग, उद्यानिकी विभाग और पिपलिया मंडी से पधारी मातृशक्ति सामाजिक क्षेत्र से जुड़े हुए भाईयों के साथ मिलकर इस अभियान को और गति प्रदान करें। सभी का एक ही सपना है हमारे यह प्रयास सफल होकर रहेंगा । हर समस्या का हल कार्य करने की शुरुआत एवं कार्य करते करते ही निकलता है इस शुरुआत में जो लोग आज सहयोग कर रहे हैं वह भविष्य में अपना इतिहास मंदसौर शिवना के प्रति श्रमदान के रूप में लिखा जाएगा । किया हुआ कोई भी कर्म बेकार नहीं जाता।  यह गीता का संदेश है इस संदेश को चलकर प्रत्येक व्यक्ति अपनी आस्था का केंद्र शिवना पर प्रातः 7 से 9 बजे तक श्रमदान कर रहा है। मात्र 3 दिन शेष बचे हैं इस अभियान को हम लगन निष्ठा के साथ पूरा करेंगे और जो लोग अभी भी अछूते हैं उनसे आने वाले दिनों में श्रमदान ने प्रार्थना की है।
                        उद्यानिकी विभाग  श्री धाकड़ द्वारा अपने पूरे विभाग के कर्मचारियों को साथ लेकर शिवना तट पर सैकड़ों तगारी मिट्टी प्रत्येक तगारी उठाते समय मां शिवना को साफ स्वच्छ रखने हेतु अपने उद्बोधन में कहा प्रशासन को बहुत-बहुत धन्यवाद जिन्होंने इस नेक कार्य के लिए हम सभी कर्मचारियों को सेवा कार्य से जोड़ा। यह जल देने वाली शिवना भगवान पशुपतिनाथ व सहस्त्र शिवलिंग महादेव जिस नदी से प्रगट हुए हैं। यह महानदी साधारण नहीं असाधारण नदी है इसके लिए श्रम दान करना एक भगवान का पुनीत कार्य होकर आत्म संतोष प्रदान करता है।
                       उपसंचालक पशु पालन विभाग मंदसौर के अधिकारी द्वारा इस अभियान में भागीदारी करते हुए कहा गया जीवन का सबसे महत्वपूर्ण भाग जल है उस जल के लिए शहर और गांव सभी जो नदियों के संरक्षण एवं प्रत्येक जल स्त्रोतों को सहेजने का कार्य श्रमदान के माध्यम से किया जाना चाहिए यह श्रमदान जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है इसके बिना सब कुछ अधूरा है प्रत्येक अधिकारी कर्मचारी आम जनता को अपने शरीर के द्वारा सेवा कार्यों में श्रमदान करते हुए राष्ट्र की जो धरोहर हमें हमारे पूर्वजों ने दी है यदि इनका ही उपयोग सही अर्थों में कर लिया जाए तो हमारे क्षेत्र के कृषि पशुपालन सभी उद्योग सफल हो सकते हैं और यह शिवना नदी तो हमारी आस्था का केंद्र है हम जब भी बुलाया जाएगा उपस्थित होते रहेंगे।
                       श्रीमती प्रवीणा गुप्ता पिपलिया मंडी अपने सभी साथियों को लेकर लंबे समय से शिवना के प्रति कार्य करने का मन बना कर आई थी उन्होंने कहा मैं सोचा करती थी कि हमें भी शिवना मां पुकारेगी और आज हम बहुत सौभाग्यशाली हैं अपने हाथों से मां शिवना के आंचल को साफ और स्वच्छ करने के लिए इस तट पर खड़े हैं मेरा यही निवेदन होगा अच्छे कार्य के लिए जब कहीं से आवाज आए तो तर्कों से मन को कमजोर ना करें। अपने सौभाग्य को निहारे, रास्ता हमेशा कार्य करने से ही निकलता है इसलिए जब तक शिवना शुद्धिकरण अभियान चले अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
                        शिवना शुद्धिकरण अभियान में अब हर व्यक्ति जो भी प्रशासनिक सेवा में कार्य करता है वह बड़े श्रद्धा के साथ इस अभियान में भागीदारी कर रहा है प्रतिदिन आने वाले श्रमदान करने वाले भाइयों ने नगर पालिका के कर्मचारियों को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया जो लगातार बिना रुके अपना फावड़े से तगारियों को भर कर डाल रहे हैं, उनके चेहरे पर अद्भुत खुशी और संतोष है । वह निष्ठा के साथ जो कार्य कर रहे हैं उसके लिए सभी भाइयों ने उनको धन्यवाद दिया। नगर पालिका के इंजीनियर श्री तोमर, नोडल अधिकारी श्री व्यास और भी समस्त जेसीबी मशीन चलाने वाले और डंपर ट्रैक्टर चलाने वालों के लिए सबको धन्यवाद दिया गया, उनका श्रम भगवान पशुपतिनाथ की चरणों में मां शिवना के चरणों में समर्पित है और जो प्रतिदिन सेवा दे रहे उन्होंने अपने वचन को पूरा निभाया है जब से श्रमदान चला है उन्होंने अपना नैतिक कार्य में मानकर उसे पूजा मानकर सही अर्थों में जो शपथ ली थी उसको पूरा करते हुए इस अभियान में अपनी भागीदारी करी है अभी भी समय है अपने श्रम की बूंदे शिवना के लिए कार्य करने की मशीन अपना कार्य करेंगे लेकिन श्रद्धा आस्था भावना समर्पण सेवा यह सभी हमारे भारतीय संस्कृति के मूलाधार हैं जिसके कारण पूरी दुनिया में भारत पहचाना जाता है। यह जानकारी सत्येंद्र सिंह सोम ने दी।