माता, पिता और गुरू कभी अहित नहीं कर सकते-चिदम्बरानंदजी

2:55 pm or November 24, 2021

अरुण त्रिपाठी

रतलाम,24 नवंबर ;अभी तक;  माता-पिता और गुरूजन कभी अहित नहीं कर सकते। हर व्यक्ति को अपने माता-पिता और गुरूजन का सम्मान करना चाहिए। भारतीय संस्कृति के ये संस्कार पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायी है।

                 ये उदगार महामंडलेश्वर स्वामी चिदम्बरानंदजी सरस्वती ने शास्त्री नगर स्थित राजेश नंदलाल व्यास के निवास बासाब कृपा पर व्यक्त किए। स्वामी जी का यहां पुडीवाला बासाब परिवार द्वारा स्वागत किया गया। इस मौके पर उपस्थित धर्मालुजनों को संबोधित करते हुए चिदम्बरानंदजी ने स्वामी विवेकानंद से जुडें प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माता-पिता और गुरू का सम्मान करने वाला कभी विफल नहीं होता। इसी प्रकार माता, पिता और गुरू का अपमान करने वाले कभी सफल नहीं होते। स्वामीजी ने अपने शिष्यों के साथ भजनों का रसपान भी कराया।

आरंभ में राजेश व्यास एवं परिवार के प्रमुख कैलाश व्यास ने स्वामीजी की अगवानी की। इस अवसर पर सुरेश व्यास, महेश व्यास, दिलीप व्यास, सोनू व्यास, रथिन व्यास, मनोहर पोरवाल, केबी व्यास,हरीश पुरोहित, महेश पुरोहित, रजनीश शर्मा, अरूण त्रिपाठी, निलेश पावेचा, विपीन पोरवाल, सि़़द्धार्थ जैन, विशाल पोरवाल, रितेश व्होरा, भरत भूषण, आशीष उपाध्याय, अमिताभ खाबिया आदि धर्मालुजन मौजूद रहे।

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