मानव जीवन में पुरुषार्थ के चार चरण होते हैं-  पंडित श्री शर्मा

7:49 pm or December 30, 2021

महावीर अग्रवाल

मंदसोर  ३० दिसंबर ;अभी तक;  मानव जीवन के पुरुषार्थ चार चरण है धर्म ,अर्थ ,काम मोक्ष उसमें पंचम पुरुषार्थ प्रेम हे,प्रेम के बिना मानव जीवन का कोई अस्तित्व नहीं है जहां प्रेम होता है वह परमात्मा प्रकट होते है और शिवपुराण में बताया गया भगवान शिव को अतिशय प्रिय वस्तु जल,बिलपत्र ,धतूरा,शमीपत्र ओर अर्कपुष्प उसने भगवान शिव अति प्रसन्न होते हैं और भगवान शिव अपने भक्तों को मन वांछित फल प्रदान करते हैं।
उक्त विचार ग्राम रठाना में आयोजित शिव महापुराण कथा में पंडित विष्णु प्रसाद जी शर्मा ने कहीं पंडित शर्मा ने शिव तत्व के बारे में कहा कि यह सृष्टि 16 तत्वों से निर्मित है। पहले पांच तत्व, पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश, पृथ्वी लोक से संबंधित हैं। छठा तत्व ‘शिव तत्व’ है जिसका संबंध आज्ञा चक्र से है तथा वह माथे के केंद्र में स्थित है। विशुद्धि और आज्ञा चक्र के बीच में 11 तत्व हैं किंतु फिर भी शिव तत्व को छठा तत्व कहा जाता है क्योंकि शिव आदि, अनादि, अनंत, अखण्ड हैं जो बुद्धि की समझ से परे हैं। सारे तत्व उसी में निहित हैं।
शिव महापुराण कथा में शिव पार्वती विवाह का भव्य आयोजन हुआ जिसमें मंदसौर के वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र धनोतिया ने शिव की भूमिका निभाई और उनकी पत्नी मंगला धनोतिया पार्वती बनी।
शिव पार्वती विवाह के दौरान शिवजी की बारात गांव में निकली जिसमें शिव जी के साथ उनकी सवारी नंदी, भूत, प्रेत के साथ सभी ग्रामवासी शामिल हुए बारात का स्वागत ग्राम वासियों ने किया शिव पार्वती विवाह को वैदिक मंत्रोचार के साथ पंडित विष्णु जी शर्मा ने संपन्न करवाया।
शिव पार्वती विवाह के अवसर पर सभी ग्राम वासियों ने कन्यादान की रस्म अदायगी की।
इस अवसर पर कथा के मुख्य यजमान अशोक पाटीदार ,कारुलाल पाटीदार , गोपाल पाटीदार , छगनलाल पाटीदार , नंदलाल पाटीदार, रामप्रहलाद पाटीदार,बालाराम पाटीदार, रमेश पाटीदार ,महेश पाटीदार ,समरथ प्रजापत, आत्माराम धनगर, कन्हैयालाल शर्मा , घनश्याम खारोल एव आसपास की धर्म प्रेमी जनता एवं ग्रामवासी उपस्थित थे ।