मामूली विवाद में पत्नि की हत्‍या करने वाले आरोपी पति  को हुआ  आजीवन कारावास   

विधिक संवाददाता
इंदौर  एक अक्टूबर ;अभी तक;   जिला अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्‍तव ने आज बताया कि न्‍यायालय- श्री शहाबुद्दीन हाशमी सत्‍ताईसवें अपर सत्र न्‍यायाधीश, जिला इंदौर के न्‍यायालय में थाना भवंरकुऑ के अपराध क्रमांक 411/16, सत्र प्रकरण क्रमांक 704/16, में निर्णय पारित करते हुए आरोपी रामकुमार गुप्‍ता पिता राम कैलाश गुप्‍ता  उम्र 64 वर्ष  निवासी – फ्लेट नं. 501 बीसीएम सिटी, नवलखा, इंदौर को दोषी पाते हुए धारा 302 भादवि  में आजीवन कारावास एवं 1000 रूपये अर्थदण्‍ड तथा धारा 324 भादवि में 06 माह का कठोर कारावास एवं 200 रूपये अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया ।  प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी श्री गोकुलसिंह सिसोदिया अपर लोक अभियोजक द्वारा की गई ।
              अभियोजन की ओर से श्री गोकुलसिंह सिसोदिया अपर लोक अभियोजक द्वारा तर्क किया गया व उपधारणा के संबंध में न्‍यायालय का ध्‍यान आकर्षित कराते हुए निवेदन किया कि अभियुक्‍त के द्वारा मामूली बात पर स्‍वंय की पत्नि की हत्‍या कारित की है एवं बहू को चाकू से चोट पहॅूचाई जो कि गंभीरतम अपराध की श्रेणी मे है इसलिए अभियुक्‍त को कठोरतम दंड से दंडित किये जाने का निवेदन किया गया। उक्‍त तर्को से सहमत होते हुए न्‍यायालय द्वारा आरोपी को उक्‍त दण्‍ड से दण्डित किया गया ।
            अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 06.07.2016 को दिन के करीबन 12:30 बजे नवलखा स्थित बीसीएम सिटी के फ्लेट नं. 501 में फरियादी शिल्‍पी के सास ससुर एक दूसरे से वाद विवाद कर रहे थे । शिल्‍पी द्वारा बीच बचाव किया गया इस बात पर अभियुक्‍त ससुर राम कुमार गुप्‍ता किचन में गया और चाकू लेकर आया और बहू शिल्‍पी गुप्‍ता पर चाकू से हमला कर दिया । सास रामकुमारी द्वारा बीच बचाव करने पर आरोपी द्वारा रामकुमारी के गर्दन एवं पेट पर जान से मारने की नियत से हमला कर दिया । शिल्‍पी वहॉ से भागी और अपने पति एवं पडोसियों को घटना की सूचना दी । शिल्‍पी का पति एवं पडोसी घटना स्‍थल पर आये तो देखा कि फ्लेट का दरवाजा अंदर से बंद था जिसको आरोपी के पुत्र सौरभ गुप्‍ता द्वारा लाई चाबी से खोला गया तो देखा कि मृतिका रामकुमारी की खून से सनी लाश फर्श पर पडी हुई थी  एवं आरोपी पास ही बैठा हुआ था । रामकुमारी को तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया जहॉ डॉक्‍टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था । शिल्‍पी की रिपोर्ट पर से अपराध क्र. 411/2016 अतंर्गत धारा 302,307 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।  बाद विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्‍यायालय के समक्ष पेश किया गया।