मावठा के साथ बरसे ओले, फसलों को नुकसान की आशंका, चली सर्द हवाएं

मयंक भार्गव

बैतूल  २९ दिसंबर ;अभी तक;  राजस्थान- उत्तरप्रदेश के ऊपर से चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय होने मप्र में गुजर रही ट्रफ लाइन का असर बैतूल जिले के मौसम पर भी नजर आने लगा है। मंगलवार को जिलेभर में आसमान पर बादल छाने के साथ सर्द हवाएं चलती रही। जिले के बड़े इलाके में मावठा बरसने के साथ ही कुछ हिस्से में चने और बेर के आकार के ओले गिरे। बारिश और ओलावृष्टि से मौसम सर्द हो गया है। जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई है वहां फसलों को नुकसान होने की आशंका कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जताई जा रही है। हालांकि मावठे की बारिश से रबी सीजन फसलों को खासा फायदा होगा। इधर आकाशीय बिजली गिरने से दीवानचारसी में पांच बकरियों एवं मासोद में एक घोड़े की मौत हो गई। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मासोद निवासी एक व्यक्ति बेहोश हो गया। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौसम विभाग के सूत्रों ने आगामी एक सप्ताह तक जिले में बारिश ओलावृष्टि होने की संभावना जताई है।

चने- बेर के आकार के ओले बरसे

मंगलवार को सुबह से ही आसमान पर बादल छाये हुए थे कुछ देर के लिए हल्की धूप खिली। दोपहर को आठनेर, भैंसदेही, मुलताई, घोड़ाडोंगरी, चोपना, बोरदेही, आमला, खेड़लीबाजार, मोरखा, झल्लार, सांवलमेंढा, चिल्कापुर, धामनगांव सहित अन्य क्षेत्रों में तेज और हल्की बारिश हुई। जिले के धामनगांव, भैंसदेही, चिल्कापुर, चोपना घोड़ाडोंगरी, झल्लार, बोरदेही में चने और बेर के आकार के ओले गिरे। कुछ ही देर हुई तेज ओलावृष्टि से सफेदी की चादर बिछ गई। जिला मुख्यालय बैतूल में दिनभर बादल एवं धुंध छाई रही तथा सर्द हवाएं चली। अचानक हुई बारिश ओलावृष्टि से झल्लार के साप्ताहिक बाजार में अफरातफरी मच गई।

बारिश से बचने पेड़ के नीचे खड़ी बकरियों की मौत

जिले के ग्रामीण इलाकों में आकाशीय बिजली ने भी कहर बरपाया। दीवान चारसी ग्राम निवासी सिरजलाल उईके की पांच बकरियां बारिश से बचने के लिए महुए के पेड़ के नीचे खड़ी थी। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने से पांचों बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। इधर मासोद ग्राम में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से घोड़े की मौत हो गई तथा एक व्यक्ति बेहोश हो गया।

नये साल में बारिश- ओलावृष्टि की संभावना

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक लगभग एक सप्ताह तक बैतूल जिले में बारिश, ओलावृष्टि एवं आकाशीय बिजली की संभावना है। जनवरी माह के प्रथम सप्ताह तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना मौसम विभाग द्वारा जताई जा रही है। बारिश-ओलावृष्टि होने से दिन और रात के तापमान में जबरदस्त गिरावट आने से आगामी दिनों में हाड़कम्पाने वाली ठंड का दौर शुरू हो जायेगा। आसमान पर छाये बादलों से न्यूनतम तापमान में ढाई डिग्री एवं अधिकतम तापमान में आधा डिग्री का इजाफा हुआ। मंगलवार को बैतूल में अधिकतम तापमान 25.5 एवं न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री रहा। जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 10 डिग्री था।

बारिश से फसलों को फायदा ओलावृष्टि से नुकसान- डॉ. वर्मा

कृषि विज्ञान केन्द्र बैतूलबाजार के प्रमुख डॉ. व्हीके वर्मा ने बताया कि जिन इलाकों में मावठा की बारिश हुई है वहां फसलों को खासा फायदा है। परंतु जहां ओले बरसे है वहां फसलों को नुकसान होगा। ओलावृष्टि एवं बादल छाने से सब्जी फसलों को जबरदस्त नुकसान होने की आशंका वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. वर्मा द्वारा जताई जा रही है।