मासूम का अपहरण कर उसे शराब पिलाकर दुष्कृत्य करने वाले आरोपी को अंतिम सांस तक कारावास की सजा

मयंक भार्गव, बैतूल से

बैतूल २८ दिसंबर ;अभी तक;  अनन्य विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने एक 8 वर्षीय मासूम का अपहरण कर उसे शराब पिला कर मारपीट करने के बाद दुष्कृत्य करने वाले शातिर अपराधी राजा उर्फ किशोर पिता तारन (38) निवासी दमुआ, जिला छिंदवाड़ा को अंतिम सांस तक कारावास की सजा सहित 3 हजार रुपए जुर्माने की सजा दंडित करने का फैसला सुनाया है। आरोपी को यह सजा धारा 363, 323, 376(2)(जे). 376-एबी, 376-ई भादंवि एवं 5एम/6 तथा 5टी/6 पॉक्सो एक्ट में दोषसिद्ध पाकर धारा 363 में 7 वर्ष का सश्रम कारावास, 323 में 1 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 376 (2) (जे) (2) (एल) में 10 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 376-एबी में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 376-ई में अपराध सिद्ध होने पर दी गई है। साथ ही आजीवन कारावास (जो अभियुक्त के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास होगा) एवं 3000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। इस प्रकरण में शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक एसपी वर्मा एवं विशेष लोक अभियोजक ओमप्रकाश सूर्यवंशी के द्वारा पैरवी की गई। प्रकरण की पैरवी में वरिष्ठ एडीपीओ अमित कुमार राय एवं वंदना शिवहरे के द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। एडीपीओ वंदना शिवहरे द्वारा अंतिम लिखित तर्क तैयार करवाया गया और नवीनतम न्याय दृष्टांतों का हवाला दिया गया।

एक नजर में पूरा घटनाक्रम

7 मई 2019 को 8 वर्षीय मासूम पीडि़ता की मां फरियादिया ने थाना कोतवाली बैतूल में उपस्थित होकर मौखिक रिपोर्ट लेख कराई कि 6 मई 2019 की रात्रि सवा 8 बजे राजा उर्फ किशोर ने फरियादिया को अपनी बाईक पर बैठाकर घर पहुंचाया। उस समय घर पर पीडि़ता और उसका छोटा भाई थे। इसी दौरान आरोपी ने कहा कि मुझे बीड़ी लेना है दुकान कहां कहकर पीडि़ता को अपने साथ बाईक पर बैठाकर सदर शराब दुकान ले गया जहां से उसने शराब खरीदी और उसके बाद सोनाघाटी के जंगल की ओर ले गया। इधर काफी देर होने पर भी जब आरोपी पीड़ता को घर वापस लेकर नहीं आया तब फरियादिया ने पूछताछ की लेकिन कहीं पता नहीं चला तो अंत में फरियादा कोतवाली पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई। पीडि़ता को 7 मई को दस्तयाब किया गया था। पीडि़ता ने बताया कि आरोपी राजा उर्फ किशोर ने उसे बीड़ी की दुकान दिखाने के बहाने सोनाघाटी के जंगल में लेकर गया। वहां आरोपी ने पीडि़ता को दारू पीने को कहा। पीडि़ता ने दारू पीने से मना किया तो आरोपी ने उसे चाटे मारे और जबरदस्ती दारू पिलाई थी। इससे उसे उल्टी हो गई थी।उसके बाद आरोपी राजा उर्फ किशोर ने पीडि़ता के साथ बलात्कार किया। इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की। आरोपी ने पीडि़ता के साथ बलात्कार करने के बाद उसे मोटर साईकिल पर बैठाकर रोड पर छोड़ दिया। रात के समय पीडि़ता सोनाघाटी में एक घर में रूक गई थी। सुबह के  सज्जन ने बालिकाओं को कोतवाली पहुंचा था। पीडि़ता के कथनों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया और अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

पूर्व में भी दोषसिद्ध हो चुका है आरोपी

आरोपी राजा उर्फ किशोर को वर्तमान मामले के प्रकृति की भांति के अपराध में विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट छिंदवाड़ा के द्वारा 5 अगस्त 2011 को धारा 363, 366, 376 (1) भादंवि में दोषसिद्ध पाकर 7 वर्ष के सश्रम कारावास तथा जुर्माना से पूर्व में दंडित किया गया था। इसी तरह एक अन्य प्रकरण में अनन्य विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट बैतूल ने आरोपी को तिहरा आजीवन कारावास जो अभियुक्त के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास से दंडित किया था।

अभियोजन ने की फांसी की मांग

आरोपी एक आदतन एवं अभ्यस्त अपराधी है जो महिलाओं विशेषकर छोटी बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाता है। आरोपी मानसिक रूप से पैशाचिक प्रकृति का व्यक्ति है, जिसका समाज में रहना समाज के लिए खतरा है। यह कि आरोपी मासूम पीडि़ताओं को विरोध करने पर उपहति भी कारित करता है। इस संभवना से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि यदि किसी पीडि़ता ने घटना के दौरान आत्यधिक विरोध किया तो उसे जान से भी खत्म कर सकता है। आरोपी द्वारा किए गए पूर्व आपराधिक कृत्यों से इस बात की पूरी अधिसंभाव्यता है कि अब आगे आरोपी किसी मासूम को सबूत के बतौर जिंदा नहीं छोड़ेगा। अभियोजन के द्वारा विशेष न्यायालय से आरोपी को मृत्युदण्ड से दण्डित किए जाने निवेदन किया गया किंतु न्यायालय द्वारा उक्त मामले को ‘रेयर ऑफ रेयरेस्टÓ नहीं मानते हुए आरोपी को अंतिम सांस तक कारावास की सजा दी गई है।