मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की सजा, 11 हजार जुर्माना

मयंक भार्गव

बैतूल १५ जनवरी ;अभी तक;  अनन्य विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल, जिला ने एक 13 वर्षीय अबोध बालिका से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने वाले आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास और 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। आरोपी योगेंद्र पिता कृष्णाराव गाडग़े (25) निवासी पुलिस थाना बैतूल बाजार को धारा 376 (3), 376 ( 2) एन, 506 (भाग 2) एवं 5-एल/6 पॉक्सो एक्ट में दोषसिद्ध पाकर यह सजा सुनाई है।

आरोपी को धारा 376 (3) में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रुपये का जुर्माना, धारा 5एल/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000/- रुपये का जुर्माना तथा धारा 506 (भाग-2) में 7 वर्ष का सश्रम का कारावास एवं 1000 रुपये के जुर्माने से दण्डित किया गया है। प्रकरण में शासन की ओर से अनन्य विशेष लोक अभियोजक ओमप्रकाश सूर्यवंशी एवं वरिष्ठ एडीपीओ अमित कुमार राय एवं वरिष्ठ एडीपीओ वंदना शिवहरे के द्वारा पैरवी की गई।

जिला लोक अभियोजन कार्यालय के मीडिया सेल प्रभारी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 12/03/2020 को पुलिस थाना बैतूल बाजार में पीडि़ता ने इस आशय कि रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22/09/2019 को उसके मम्मी पापा व परिवारजन उसके दादाजी का पिंडदान करने हरिद्वार गए थे। पीडि़ता के स्कूल की छूट्टी ना होने के वजह से उसे और दादी को घर पर ही छोड़कर गये थे। 24/09/2019 को पीडि़ता को स्कूल में कम्प्यूटर प्रोजेक्ट बनाना था।  वह दादी को बैतूल जाने का बोल रही थी। इतने में उसके घर के सामने रहने वाला आरोपी योगेन्द्र आया और बोला कि प्रोजेक्ट बनाने के लिए बैतूल छोडऩे वाला कोई नहीं है तो वह उसके घर चले। वह घर पर ही प्रोजेक्ट तैयार करवा देगा। तब पीडि़ता आरोपी के साथ उसके घर चली गई। आरोपी के घर वाले उस समय खेत गए हुए थे।

आरोपी उसका प्रोजेक्ट बना रहा था, तभी आरोपी ने पीडि़ता को चॉकलेट खाने दी। चॉकलेट खाने पर उसे चक्कर जैसा महसूस हो रहा था। इस पर आरोपी ने उसे कहा कि कमरे में आराम कर ले। जैसे ही पीडि़ता कमरे मे गयी वैसे ही आरोपी भी कमरे में आ गया और उसके साथ बलात्कार किया। वह घर जाने लगी तो आरोपी ने कहा कि किसी को बताना मत, नहीं तो जान से खत्म कर दूंगा। उसके बाद पीडि़ता अपने घर आ गई और डर के कारण यह बात उसने किसी को नहीं बताई। इसके बाद 27/09/2019 को आरोपी ने पीडि़ता को उसके घर आकर कहा कि वह उसके घर चले नहीं तो वह उसके चाचा की लड़की के साथ भी ऐसा ही करेगा। तब पीडि़ता आरोपी के साथ उसके के घर गई। उस समय भी आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया और जान से मारने की धमकी दी। इसके कारण वह बहुत डर गई थी। इसलिए उसने यह बात किसी को नहीं बताई। बाद में 11/03/2020 को शाम के समय पीडि़ता के पेट में दर्द हो रहा था। उसकी मां ने डॉक्टर के पास चलने को बोला तब पीडि़ता ने संपूर्ण घटना अपनी मां को बताई। डॉक्टर को दिखाने के समय डॉक्टर ने पीडि़ता की मां से कहा कि वह गर्भवती है। कुछ समय बाद पीडि़ता ने एक स्वस्थ्य शिशु को जन्म दिया था। पीडि़ता की शिकायत के आधार पर पुलिस थाना बैतूल बाजार में आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पीडि़ता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र अनन्य विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट बैतूल के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।

प्रकरण में पीडि़ता द्वारा जन्म दिये बच्चे एवं आरोपी के रक्त के नमूने का डीएनए परीक्षण करवाया गया था। डीएनए रिपोर्ट से यह प्रमाणित हुआ कि आरोपी योगेन्द्र ही पीडि़ता के बच्चे का जैविक पिता है। न्यायालय के समक्ष विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत कर अपने मामले को युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया गया। जिसके फलस्वरूप न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास एंव कुल 11000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया। न्यायालय ने पीडि़ता को मध्यप्रदेश पीडि़त प्रतिकर योजना के अंतर्गत एक लाख रुपये का प्रतिकर प्रदान किए जाने का आदेश भी किया है।