मिथ्या छाप नमकीन बेचने वाले आरोपी को 06 माह का सश्रम कारावास एवं 1,000/- रूपये की सजा

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर / उज्जैन  १५ नवंबर ;अभी तक;  न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती पूनम डामेचा, प्रथम श्रेणी न्यायाधीश महोदय, नागदा जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपी नरेन्द्र पिता बाबूलाल, उम्र 39 वर्ष निवासी शेषशाही चौक स्टेशन रोड नागदा जिला उज्जैन को खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 की धारा 7/16 में आरोपी को 06 माह का सश्रम कारावास एवं 1000/- रू0 के अर्थदंड से दंडित किया गया।
                          अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी श्री मुकेश कुमार कुन्हारे ने अभियोजन घटना अनुसार बताया कि दिनांक 26.10.2005 को खाद्य निरीक्षक एल.पी. पचौरी द्वारा ’’गोपाल के नमकीन’’ फर्म जो कि नमकीन निर्माता थी का निरीक्षण किये जाने पर मौके पर नमकीन सेव का निर्माण एवं विक्रय किया जा रहा था। मौके पर कार्य का संचालन कर रहे नरेन्द्र से वर्ष 2005-2006 का खाद्य पदार्थ निर्माण एवं विक्रय करने का लाईसेंस मांगा गया जो उसके द्वारा नही दिया गया, मौके पर पैक थैलियों में नमकीन भरा जा रहा था। 500-500 ग्राम के करीब 75 पैकेट नमकीन तथा 01 किलो के करीब 100 पैकेट नमकीन विक्रय हेतु रखे थे। उक्त थैलियों पर गोपाल के नमकीन लिखा था, उक्त पैकेटों पर कोड नम्बर व बैच नम्बर अंकित नही था। एल.पी. पचौरी के द्वारा निर्माता नरेन्द्र से नमकीन कौनसे खाद्य तेल से बनाना पूछे जाने पर उसने बताया कि वह सोयाबीन तेल से नमकीन बनाना बताया। इसके बाद नरेन्द्र से 500-500 ग्राम की तीन थैलिया जांच हेतु ली थैलियों पर कुछ नही लिखा था। जप्तशुदा सैम्पल जांच हेतु भेजे गये थे, जिस पर लोक विश्लेषक की रिपोर्ट प्राप्त हुई, रिपोर्ट में नमकीन सेव का नमूना मिथ्या छाप पाया गया। निरीक्षक द्वारा आरोपी के विरूद्ध परिवाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी को दण्डित किया गया।
                    प्रकरण में शासन की ओर से श्री विनय अमलियार, ए.डी.पी.ओ. तहसील नागदा, जिला उज्जैन द्वारा पैरवी की गई।