मिर्च टेस्टिंग लेब और बीज परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए कलेक्टर ने भेजे प्रस्ताव

आशुतोष पुरोहित
खरगोन ११  सितम्बर ;अभी तक;  आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश अंतर्गत प्रधानमंत्री खाद्य सूक्ष्म उद्योग उन्नयन योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी के तहत एक जिला एक उत्पाद में खरगोन जिले के उत्पाद के रूप में मिर्च का चयन किया गया है। जब से एक जिला एक उत्पाद योजना में मिर्च का चयन किया गया। तब से ही किसानों, एफपीओ, व्यापारियों और अन्य संगठनों ने बीज परीक्षण और मिर्च टेस्टिंग लेब की जरूरत महसूस की। अभी 2 सितंबर को एक जिला एक उत्पाद अन्तर्गत जिला स्तरीय निर्यात संवर्धन समिति के साथ मप्र निर्यात आयुक्त डॉ. एसके बंसल की मौजूदगी में वर्चूअल बैठक आयोजित हुई। इस वर्चूअल मीटिंग में उद्योगपति श्री कैलाश अग्रवाल और एफपीओ निमाड़ीलाल के चेयरमैन मनोज पाटीदार और केके फाइबर्स के आशुतोष ने इस तरह की लेब की मांग रखी।
                 इससे पूर्व वर्चूअल मीटिंग में कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने भी लेब और फेसिलिटेशन सेंटर स्थापित करने की मंशा जाहिर की थी। उन्होंने निर्यात आयुक्त डॉ. बंसल को भी इस संबंध में अवगत कराया था। अब उन्हीं के निर्देशानुसार जिले में बीज परीक्षण प्रयोगशाला और मिर्च टेस्टिंग लेब की स्थापना के लिए उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव को दोनो लेबोटरी के लिए प्रस्ताव भेजते हुए दोनों की नितांत आवश्यकता बताई।
*मिर्च पावडर के ही 600 से 700 सेम्पल भेजे जाते हैं*
खरगोन जिले में मिर्च का 49052 हेक्टेयर रकबा है तथा 171682 मैट्रिक टन उत्पादन है। मंडी सचिव श्री रामवीर किरार ने बताया कि यहाँ बेड़िया के एक मिर्च पावडर के ही एक्सपोर्ट द्वारा हर सीजन में 600 से 700 सेम्पल भेजे जाते हैं। वहीं उद्यानिकी विभाग के एसएसडीओ श्री पर्वतसिंह बड़ोले ने बताया कि इस वर्ष मिर्च बीज के अंकूरण के लिए 59 सेम्पल ग्वालियर जांच प्रयोगशाला में भेजे जाते हैं। इसी तरह मिर्च में केमिकल की मात्रा की परख के लिए इंदौर और हैदराबाद की प्रयोगशालाओं में निर्यातकों द्वारा जांच कराई जाती है।