मिलावटखोरों के हौंसले बुलंद, दो डेयरी संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

भिण्‍ड से डॉ. रवि शर्मा

भिंड जिले में मिलावटखोरों के हौंसले बुलंद है। सबसे ज्यादा मिलावट खोरी दूध से बनने वाले मावा, घी, पनीर, छैना जैसे खाद्य सामग्री में की जा रही है। इसको लेकर जिले के खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अफसरों ने डेयरियों का निरीक्षण किया। जिले के गोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम सोंधा में मिलावटी मावा तैयार करने वाले दो डेयरी संचालकों के खिलाफ फूड आफीसर ने एफआईआर दर्ज कराई है। यह दोनों डेयरियों पर मिलावटी मावा पकड़ा गया।

अवनीश गुप्ता के अनुसार सौंधा गांव में जैन डेयरी का औचक निरीक्षण किया गया। जहां भटिटयों पर मावा निर्माण की व्यवस्था थी। साथ ही मौके से 80 किलोग्राम मावा, चार छोटे ड्रमों में लगभग 100 किलो घी, जैमिनी वनस्पति की दो टीन, रिफाइंड सोयाबीन का तेल एक टीन मिला। डेयरी संचालक बृजेश पुत्र नेमीचंद्र जैन ने फूड आफीसर को बताया कि वह मावा तैयार कर विक्रय करता है। इसी प्रकार से प्रदीप जैन पुत्र नेमीचंद्र की डेयरी से 80 किलो मावा, चार छोटे ड्रमों में 100 किलो घी, जैमिनी वनस्पति और रिफाइंड की टीनें मिली थी। दोनों ही डेयरी संचालक रिफाइंड ऑयल क्यों रखा है इस संबंध में वह संतोष जनक जवाब नहीं दे पाया। इस पर फूड आफीसर बंसल और गुप्ता ने रात के समय ही गोरमी थाना पहुंचकर डेयरी संचालक बृजेश जैन और प्रदीप जैन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।

मिलावट खोर बड़े शहरों में खपाते मावा

भिंड जिले के गोरमी, पावई, सुरपुरा, अटेर और देहात थाना क्षेत्र मिलावटी मावा के लिए पूरे जिले में बदनाम होता जा रहा है। पिछले एक साल में इन थाना क्षेत्रों में एक दर्जन से ज्यादा डेयरियों पर कार्रवाई हो चुकी है फिर भी यह गोरख कारोबार पर रोक नही लग पा रही है। इन क्षेत्रों तैयार मिलावटी मावा बड़े शहरों में सप्लाई हो रहा है।