मुनि श्री सुखसागरजी का केश लोचन सम्पन्न

3:51 pm or July 20, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर २० जुलाई ;अभी तक;  श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर बण्डीजी के बाग में चातुर्मास के लिये विराजित पूज्य मुनि 108 श्री  सुखसागरजी महाराज का केश लोचन आज धर्मसभा में सम्पन्न हुआ।
                  पूज्य आर्यिका 105 कीर्तिश्री माताजी ने बताया कि मुनियों के 28 मूलगुण में केशलोचन महत्वपूर्ण क्रिया है, सामान्यतः 2 माह मध्यम 3 माह एवं जघन्य 4  माह में सभी जैन मुनि इसकी आवश्यक रूप से  पालना करते है।
                मुनि 108 श्री धर्मभूषणजी महाराज ने मंगल प्रवचन में बताया कि भगवान का बार-बार सुमिरन करते रहने से सभी संकट मिट जाते है, दुःख दूर हो जाते है तो भगवान के दर्शन पूजन व्रत सामायिक करने से भौतिक सुखों की प्राप्ति निश्चित ही होगी व संयम, त्याग को अंगीकार से आत्मा में पवित्रता व निर्मलता आयेगी। संसार के सुख भौग क्षणिक है, इसमें ज्यादा नहीं उलझना चाहिए व चातुर्मास के अवसर पर ज्यादा से ज्यादा मुनियों के प्रवचन सुनकर आत्मकल्याण करना चाहिये।
                    धर्मसभा के प्रारंभ में पूर्वाचार्यों के चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन पं. श्री विजयकुमार           गांधी परिवार द्वारा किया गया। मंगलाचरण श्रीमती सुनिता दोशी द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षुल्लिका संदेशमति माताजी ने गुरू वंदना सुनाई। हुमड़ समाज अध्यक्ष श्री दीपक भूता ने साधुओं की सेवा एवं चातुर्मास के मंगल अवसर मिलने पर हुमड़ दिगम्बर जैन समाज व सकल दिगम्बर जैन समाज को चातुर्मास में अपना अधिक से अधिक योगदान देने के लिये आव्हान किया।
पूज्य मुनिश्री के केशलोचन झेलने का सौभाग्य सुनिलकुमार जैन कचरमलजी जैन परिवार नगरीवाले को मिला।
मुनिश्री के पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट एवं पिच्छी भेंट सकल दिगम्बर जैन समाज चातुर्मास समिति ने किया।
संचालन कोमलप्रकाश जैन पंछी द्वारा किया गया। आभार अजीत बण्डी ने माना।